नैनीताल हाईकोर्ट का अहम फैसला: नाबालिग लड़की को नारी निकेतन भेजने के निर्देश, अपहरण मामले में युवक को पंजाब पुलिस को सौंपने की प्रक्रिया शुरू

Important decision of Nainital High Court: Instructions to send the minor girl to Nari Niketan, process of handing over the youth to Punjab Police in the kidnapping case begins.

नैनीताल। उत्तराखंड हाईकोर्ट ने एक संवेदनशील मामले में महत्वपूर्ण आदेश जारी करते हुए नाबालिग लड़की की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए उसे नारी निकेतन भेजने के निर्देश दिए हैं, जबकि युवक को पंजाब पुलिस के हवाले करने की प्रक्रिया शुरू करने को कहा गया है। यह आदेश माननीय न्यायमूर्ति राकेश थपलियाल की एकल पीठ द्वारा पारित किया गया। 

मामले की सुनवाई के दौरान कोर्ट को बताया गया कि दोनों याचिकाकर्ताओं ने सुरक्षा की मांग को लेकर याचिका दायर की थी। सुनवाई के दौरान मल्लीताल थाने के एसआई प्रवीण कुमार दोनों को कोर्ट में प्रस्तुत हुए और जांच रिपोर्ट भी पेश की। रिपोर्ट के अनुसार, लड़की की जन्मतिथि 2 अक्टूबर 2008 है, जिससे स्पष्ट हुआ कि वह नाबालिग है और कक्षा 10 की छात्रा है। 

कोर्ट को यह भी अवगत कराया गया कि पंजाब के पटियाला जिले के राजपुरा थाने में 16 अप्रैल 2026 को एफआईआर दर्ज की गई है, जिसमें युवक पर लड़की के अपहरण का आरोप लगाया गया है। यह शिकायत स्वयं लड़की के पिता द्वारा दर्ज कराई गई है। 

मामले की गंभीरता को देखते हुए हाईकोर्ट ने निर्देश दिया कि नाबालिग लड़की को तत्काल प्रभाव से हल्द्वानी स्थित नारी निकेतन में सुरक्षित रखा जाए। साथ ही, नारी निकेतन प्रशासन को यह भी निर्देशित किया गया कि लड़की के पिता के आने पर सत्यापन के बाद उसे सुपुर्द किया जा सकता है। 

वहीं, युवक के संबंध में कोर्ट ने मल्लीताल पुलिस को निर्देश दिया कि पंजाब पुलिस से समन्वय स्थापित कर उसे उनके हवाले किया जाए। इसके अलावा, मामले में उपस्थित अन्य व्यक्तियों से भी आवश्यक पूछताछ और शपथपत्र लेने के निर्देश दिए गए हैं ताकि भविष्य में जरूरत पड़ने पर उनसे संपर्क किया जा सके। 

कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि जब तक पंजाब पुलिस युवक को अपनी हिरासत में नहीं लेती, तब तक स्थानीय पुलिस उसकी सुरक्षा सुनिश्चित करेगी। अंततः सभी निर्देशों के साथ हाईकोर्ट ने याचिका का निस्तारण कर दिया।