अल्मोड़ा में डीएम अंशुल सिंह का बड़ा एक्शन: नाबालिगों को सिगरेट बेचने वाला दुकानदार रंगेहाथ पकड़ा, बच्चों को नशे से बचाने के लिए प्रशासन ने दिखाई सख्ती

Major action by DM Anshul Singh in Almora: Shopkeeper caught red-handed selling cigarettes to minors, administration shows strictness to protect children from addiction

अल्मोड़ा। जनपद में नाबालिग बच्चों को तंबाकू उत्पाद बेचने वालों के खिलाफ अब प्रशासन ने सख्त रुख अपना लिया है। जिलाधिकारी अंशुल सिंह ने गुरुवार को खुद मैदान में उतरकर कार्रवाई करते हुए एक ऐसे दुकानदार को रंगेहाथ पकड़ लिया, जो नाबालिग बच्चों को खुलेआम सिगरेट बेच रहा था। डीएम की इस कार्रवाई से व्यापारियों और क्षेत्र में हड़कंप मच गया। जानकारी के अनुसार जिलाधिकारी अंशुल सिंह डायट मैदान का निरीक्षण कर रहे थे। इसी दौरान वहां कार्य कर रहे कुछ लोगों ने उन्हें शिकायत दी कि मैदान के आसपास कुछ लोग नशा करते हैं और छोटे बच्चे भी सिगरेट पीते दिखाई देते हैं। शिकायत मिलते ही जिलाधिकारी ने मामले को गंभीरता से लिया और तुरंत मौके पर पहुंचकर बच्चों से पूछताछ शुरू की।
पूछताछ में बच्चों ने बताया कि वे शिखर होटल के पास स्थित एक दुकान से सिगरेट खरीदते हैं। इसके बाद जिलाधिकारी बच्चों को अपने वाहन में बैठाकर सीधे संबंधित दुकान पर पहुंचे। वहां डीएम ने एक बच्चे को दुकान से सिगरेट खरीदने के लिए भेजा। जैसे ही बच्चे ने दुकानदार से सिगरेट खरीदी, जिलाधिकारी ने तत्काल कार्रवाई करते हुए दुकानदार को पकड़ लिया और नाबालिग बच्चों को तंबाकू उत्पाद बेचने पर कड़ी फटकार लगाई। मौके पर पुलिस को बुलाकर आवश्यक कानूनी कार्रवाई के निर्देश दिए गए। जिलाधिकारी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि 18 वर्ष से कम आयु के बच्चों को किसी भी प्रकार के तंबाकू उत्पाद बेचना कानूनन अपराध है और ऐसे मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने सभी व्यापारियों को सख्त निर्देश दिए कि वे बच्चों को सिगरेट, बीड़ी, गुटखा या अन्य नशीले पदार्थ किसी भी हालत में न बेचें। साथ ही उन्होंने कहा कि समाज और अभिभावकों की भी जिम्मेदारी है कि बच्चों को नशे जैसी बुरी आदतों से दूर रखें। जिलाधिकारी अंशुल सिंह ने आम जनता से भी अपील की कि यदि कहीं भी नाबालिग बच्चों को नशे की सामग्री बेचे जाने या सार्वजनिक स्थानों पर नशा किए जाने की जानकारी मिले तो इसकी सूचना तुरंत प्रशासन और पुलिस को दें, ताकि समय रहते प्रभावी कार्रवाई की जा सके।