LUCC चिटफंड घोटाला: फरार आरोपी शबाब हुसैन रिज़वी के घर चस्पा हुआ कुर्की नोटिस, मुंबई में भी 4.44 करोड़ का केस

LUCC chit fund scam: A seizure notice has been pasted on the house of absconding accused Shabab Hussain Rizvi, and a case worth Rs 4.44 crore is also pending in Mumbai.

LUCC चिटफंड घोटाले की जांच के बीच पुलिस ने फरार आरोपी शबाब हुसैन रिज़वी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। उत्तर प्रदेश में दर्ज कई धोखाधड़ी के मामलों में वांछित चल रहे रिज़वी के खिलाफ अदालत के आदेश पर उनकी संपत्ति कुर्क करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। पुलिस ने जालौन जिले स्थित उनके आवास पर पहुंचकर कुर्की का नोटिस चस्पा किया।अदालत द्वारा कई बार समन जारी किए जाने के बावजूद आरोपी पेश नहीं हुआ, जिसके बाद यह कार्रवाई की गई।

दरअसल, LUCC चिटफंड स्कैम से जुड़े कई मामलों में आरोप है कि कंपनी से जुड़े लोगों ने निवेशकों से बड़ी रकम जमा करवाई और बाद में गायब हो गए। इस मामले में पहले भी कई आरोपियों के खिलाफ विभिन्न थानों में मुकदमे दर्ज किए जा चुके हैं। इधर, शबाब हुसैन रिज़वी अब मुंबई में भी एक अलग वित्तीय विवाद को लेकर कानूनी कार्रवाई का सामना कर रहे हैं। जानकारी के अनुसार मुंबई के गिरगांव कोर्ट में करीब 4.44 करोड़ रुपये के चेक बाउंस का मामला दर्ज किया गया है। इस मामले में अदालत ने शबाब हुसैन रिज़वी के साथ-साथ Myfledge Private Limited के निदेशकों बिश्वजीत बादल घोष और पियाली श्यामलेंदु चटर्जी को भी तलब किया है।

ग़ौरतलब है कि अभिनेता आयुष शाह ने कंपनी के खिलाफ आपराधिक शिकायत दर्ज कराई है, जिसमें करीब 4,44,48,000 रुपये की धोखाधड़ी और जालसाजी का आरोप लगाया गया है। शिकायत में कहा गया है कि कंपनी ने निवेशकों और छात्रों को संस्थान की संपत्ति, इंफ्रास्ट्रक्चर और प्रोफेशनल सुविधाओं को लेकर कथित तौर पर गुमराह किया। वहीं कई लोगो ने भी आरोप लगाया है कि उन्हें वादा किए गए एविएशन ट्रेनिंग इंफ्रास्ट्रक्चर, सर्टिफिकेशन और अन्य सुविधाएं उपलब्ध नहीं कराई गईं, जिससे संस्थान की वैधता पर सवाल खड़े हो गए हैं। यह संस्थान उत्तराखंड समेत अन्य स्थानों पर भी संचालित होने का दावा करता रहा है।

विवाद को और बढ़ाते हुए यह भी आरोप लगाया गया है कि आरोपियों ने कंपनी का नाम बदलकर “Myfledge Private Limited” से “Fledge Institute of Aviation and Hospitality” कर दिया है। शिकायतकर्ताओं का दावा है कि यह कदम कथित तौर पर नये निवेशकों को जोड़कर ठगी करने के लिए उठाया गया।