जमीन के लिए दरिंदा बना बापः भाईयों को कानूनी पचड़े में फंसाने के लिए अपने ही बेटे की कर दी हत्या! आखिरी सांस तक संघर्ष करता रहा मासूम, लिंक में पढ़ें खौफनाक कहानी

 A father turned cruel for land: He murdered his own son to get his brothers into legal trouble! The innocent boy struggled until his last breath. Read the horrifying story in the link.

ग्रेटर नोएडा। उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा के सिरसा गांव से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, यहां एक पिता ने महज संपत्ति विवाद में अपने ही 13 वर्षीय मासूम बेटे की गला दबाकर हत्या कर दी और फिर अपने भाइयों को फंसाने के लिए पूरी साजिश रच डाली। आरोपी ने बेटे के शव को गांव के बाहर तालाब में फेंक दिया और उसके बाद परिवार व ग्रामीणों के साथ बेटे की तलाश का नाटक करता रहा। पुलिस की जांच और सीसीटीवी फुटेज ने जब पूरे षड्यंत्र का पर्दाफाश किया तो आरोपी ने गिरफ्तारी से बचने के लिए ब्लेड से अपना गला काटकर आत्महत्या की कोशिश भी की, हालांकि पुलिस और ग्रामीणों की सतर्कता से उसे बचा लिया गया। मृतक की पहचान 13 वर्षीय सुधांशु भाटी के रूप में हुई है, जो आठवीं कक्षा का छात्र था। बताया जा रहा है कि बुधवार रात करीब नौ बजे वह घर के बाहर नंगे पैर खेल रहा था। इसी दौरान आरोपी पिता प्रदीप भाटी उसे बहलाकर अपनी कार में बैठाकर ले गया। पुलिस जांच में सामने आया है कि कार में ही प्रदीप ने रस्सी से बेटे का गला कस दिया। मासूम ने बचने के लिए पूरी ताकत से संघर्ष किया, जिसका सबूत आरोपी की कार के डैशबोर्ड पर लगी बच्चे के पैरों की मिट्टी से मिला। पुलिस का मानना है कि सुधांशु ने आखिरी सांस तक खुद को बचाने की कोशिश की, लेकिन नशे में धुत पिता की हैवानियत के आगे उसकी एक नहीं चली। हत्या को अंजाम देने के बाद आरोपी ने अपना मोबाइल फोन रात करीब आठ बजे के बाद स्विच ऑफ कर लिया, ताकि उसकी लोकेशन ट्रेस न हो सके। इसके बाद उसने बेटे के शव को गांव के बाहर स्थित तालाब में फेंक दिया और घर लौटकर पत्नी व भाइयों से ऐसे पूछताछ करने लगा जैसे उसे कुछ पता ही न हो। देर रात तक जब सुधांशु घर नहीं लौटा तो परिवार ने उसकी तलाश शुरू की। बृहस्पतिवार को चाचा मोहित भाटी ने कासना कोतवाली में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई। उसी शाम तालाब के पास खेल रहे बच्चों ने पानी में शव उतराता देखा। सूचना मिलते ही ग्रामीण मौके पर पहुंचे और शव की पहचान सुधांशु के रूप में हुई। बेटे का शव देखते ही परिवार में कोहराम मच गया। मौके पर पहुंचा आरोपी पिता प्रदीप अपने भाइयों पर ही बेटे के अपहरण और हत्या का आरोप लगाने लगा। उसके व्यवहार पर शक होने पर पुलिस ने गांव और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। फुटेज में साफ दिखाई दिया कि प्रदीप बेटे को कार में बैठाकर ले जा रहा है, लेकिन करीब दो घंटे बाद वह अकेला लौटता है। फुटेज सामने आने के बाद पुलिस ने सख्ती से पूछताछ की तो आरोपी ने पहले गुमराह करने की कोशिश की। उसने दावा किया कि उसका बेटा गुलिस्तापुर में अपने दोस्त के घर पर है। पुलिस जब उसे साथ लेकर वहां पहुंची तो वह बेटे को बुलाने का बहाना बनाकर भागने लगा, लेकिन पुलिस और ग्रामीणों ने उसे पकड़ लिया। खुद को घिरा देख प्रदीप ने ब्लेड निकालकर गला काटकर आत्महत्या का प्रयास किया। पुलिस ने तत्काल उसे काबू में लेकर अस्पताल पहुंचाया, जहां उसका इलाज चल रहा है। 

दो बीघा जमीन को लेकर भाईयों से चल रहा था विवाद
जांच में सामने आया है कि प्रदीप का अपने भाइयों से करीब एक करोड़ रुपये कीमत की दो बीघा जमीन को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा था। गांव के बाहर स्थित इस जमीन पर दुकान निर्माण को लेकर चारों भाइयों में तनातनी थी। करीब एक माह पहले बड़े भाई संदीप भाटी ने दुकान निर्माण के लिए पिलर खड़े कराने शुरू किए थे, जिसका प्रदीप ने विरोध किया था। इस दौरान छोटे भाई मोहित और रोहित ने संदीप का साथ दिया था। इसी बात को लेकर प्रदीप की अपने भाइयों से मारपीट हुई थी और उसने तीनों भाइयों के खिलाफ मुकदमा भी दर्ज कराया था। पुलिस ने उस मामले में तीनों का शांतिभंग में चालान किया था। पुलिस का कहना है कि इसी रंजिश में प्रदीप ने अपने ही बेटे की हत्या कर भाइयों को फंसाने की साजिश रची। उसका मकसद था कि बेटे की हत्या का आरोप भाइयों पर लगे और वे कानूनी पचड़े में फंस जाएं। लेकिन सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी जांच ने उसकी पूरी साजिश उजागर कर दी। कासना कोतवाली प्रभारी निरीक्षक धर्मेंद्र शुक्ला ने बताया कि आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है। अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद उससे विस्तृत पूछताछ की जाएगी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट, फोरेंसिक साक्ष्य और अन्य तकनीकी सबूतों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।