हरिद्वार में हैवानियत की हदें पार: कक्षा 6 की छात्रा से 8 दरिंदों ने किया गैंगरेप,रातभर खेत में बिलखती रही मासूम,ग्रामीणों में भारी आक्रोश
हरिद्वार। धर्मनगरी हरिद्वार की शांति एक बार फिर दरिंदों के खौफनाक कारनामे से दहल उठी है। लक्सर क्षेत्र की एक नाबालिग छात्रा के साथ हुए सामूहिक दुष्कर्म (गैंगरेप) की घटना ने पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया है। मासूम बच्ची के साथ हुई यह वीभत्स घटना न केवल मानवता को शर्मसार करती है, बल्कि इलाके में पनप रहे नशे के साम्राज्य की ओर भी इशारा करती है।
जानकारी के अणुअस्र रविवार रात करीब 9 बजे, लक्सर क्षेत्र के एक गांव की रहने वाली छठी कक्षा की छात्रा अपने एक परिचित के साथ बाइक पर सवार होकर काठा पीर दरगाह की ओर जा रही थी। जैसे ही वे पथरी क्षेत्र के खेतों के पास पहुंचे, घात लगाकर बैठे आठ अज्ञात युवकों ने उनकी बाइक को जबरन रुकवा लिया। आरोप है कि दरिंदों ने पहले पीड़िता के साथ मौजूद युवक की बेरहमी से पिटाई की और जान से मारने की धमकी देकर उसे वहां से खदेड़ दिया। इसके बाद, बेबस मासूम को उठाकर वे गन्ने के खेतों में ले गए, जहाँ पूरी रात उन आठों हैवानों ने बारी-बारी से बच्ची को अपनी हवस का शिकार बनाया। पूरी रात बच्ची दरिंदों की कैद में दर्द से छटपटाती रही। सुबह किसी तरह मौका पाकर वह उनके चंगुल से भागने में सफल हुई और बदहवास हालत में पास के ही एक गांव के एक घर में जा छिपी। वहां एक संवेदनहीन महिला ने उसे न केवल शरण दी, बल्कि उसके परिजनों और पुलिस को सूचित किया। उधर, लक्सर पुलिस के साथ रातभर अपनी बेटी को ढूंढ रहे माता-पिता सुबह जब अपनी लाडली से मिले, तो उसकी हालत देखकर उनका कलेजा फट गया। पीड़िता के बयान के आधार पर पथरी थाने में आठ अज्ञात युवकों के खिलाफ गैंगरेप और पॉक्सो एक्ट की गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। एसओ पथरी रविंद्र कुमार के अनुसार, पीड़िता ने एक आरोपी की पहचान के संबंध में महत्वपूर्ण सुराग दिए हैं, जिसके आधार पर पुलिस की टीमें दबिश दे रही हैं। हालांकि, आरोपियों के मोबाइल फोन बंद आ रहे हैं, जिससे उनकी लोकेशन ट्रेस करने में कठिनाई हो रही है। यह घटना कोई इत्तेफाक नहीं है, बल्कि उस गहरे अंधकार का परिणाम है जो पथरी क्षेत्र के गांवों में 'नशे' के रूप में फैला है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि शिवगढ़, फुलगढ़, दुर्गागढ़ और गोविंदगढ़ के रास्तों पर अक्सर नशेड़ी युवकों का जमावड़ा लगा रहता है। ये असामाजिक तत्व राहगीरों, खासकर महिलाओं और युवतियों के साथ छेड़छाड़ को अपनी आदत बना चुके हैं। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि इन गांवों में नशा तस्करी का धंधा फल-फूल रहा है। इससे पहले भी, ग्राम प्रधान चुनाव के दौरान जहरीली शराब पीने से दर्जनों लोगों की अकाल मृत्यु ने इस पूरे बेल्ट को हिला दिया था। तब भी महिलाओं ने सड़कों पर उतरकर नशे के कारोबार को बंद करने की मांग की थी, लेकिन पुलिस और प्रशासन की ढीली कार्यशैली के कारण आज भी यह नशा माफियाओं की गिरफ्त में है। अब एक मासूम की जिंदगी इस नशे और हैवानियत की भेंट चढ़ गई है, जिससे पूरे क्षेत्र में पुलिस के प्रति भारी गुस्सा है।