गुलदार का आतंकः अब पौड़ी गढ़वाल में घास काटने गई महिला को बनाया निवाला! ग्रामीणों में उबाल, आदमखोर को मारने की मांग तेज

Leopard terror: Now, a woman was killed while cutting grass in Pauri Garhwal! Villagers are furious, demanding the killing of the man-eater.

पौड़ी गढ़वाल। उत्तराखण्ड के पहाड़ी क्षेत्रों में मानव-वन्यजीव संघर्ष एक बार फिर बढ़ता जा रहा है। जिले के पौड़ी ब्लॉक अंतर्गत बमठी गांव में गुरुवार को एक दर्दनाक घटना ने पूरे इलाके को दहशत में डाल दिया, जब घास काटने गई एक बुजुर्ग महिला पर गुलदार ने हमला कर दिया और उसकी जान चली गई। जानकारी के अनुसार गांव निवासी 65 वर्षीय सीता देवी अपने घर के पास जंगल किनारे घास काटने गई थीं। इसी दौरान घात लगाए बैठे गुलदार ने अचानक उन पर हमला कर दिया। बताया जा रहा है कि गुलदार उन्हें घसीटते हुए जंगल की ओर ले गया। आसपास मौजूद लोगों को जब तक घटना का आभास हुआ, तब तक काफी देर हो चुकी थी। घटना की सूचना मिलते ही गांव में हड़कंप मच गया। बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंचे, लेकिन तब तक महिला की मौत हो चुकी थी।

इस दर्दनाक घटना के बाद पूरे क्षेत्र में भय और दहशत का माहौल है। ग्रामीणों में इतना डर है कि लोग घरों से बाहर निकलने में भी हिचकिचा रहे हैं। घटना के बाद ग्रामीणों में भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है। सामाजिक कार्यकर्ता सुमन ने वन विभाग और सरकार की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाते हुए कहा कि क्षेत्र में लंबे समय से गुलदार की सक्रियता बनी हुई है। उन्होंने आरोप लगाया कि कई बार सूचना देने के बावजूद विभाग ने समय रहते कोई ठोस कदम नहीं उठाया, जिसके कारण एक निर्दोष महिला को अपनी जान गंवानी पड़ी। वहीं वन विभाग की ओर से स्थिति को नियंत्रित करने के प्रयास तेज कर दिए गए हैं। विभाग की एसडीओ आयशा बिष्ट ने बताया कि घटना की सूचना मिलते ही टीम मौके पर पहुंच गई है और प्रभावित क्षेत्र में गश्त बढ़ा दी गई है। उन्होंने बताया कि गुलदार की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए ट्रैप कैमरे लगाए जा रहे हैं और उसे पकड़ने के लिए पिंजरे भी लगाए जा रहे हैं।

ग्रामीणों ने प्रशासन के सामने कड़ा रुख अपनाते हुए मांग की है कि जब तक आदमखोर गुलदार को मारने के आदेश जारी नहीं किए जाते, तब तक वे महिला के शव को मौके से नहीं उठाने देंगे। उनका कहना है कि यह कोई पहली घटना नहीं है, बल्कि लगातार हो रही ऐसी घटनाओं से उनका जीवन खतरे में पड़ गया है। फिलहाल गांव में तनावपूर्ण स्थिति बनी हुई है। प्रशासन और वन विभाग की टीमें मौके पर मौजूद हैं और ग्रामीणों को समझाने का प्रयास कर रही हैं। सुरक्षा के मद्देनज़र पूरे इलाके में निगरानी बढ़ा दी गई है।