पंतनगर में गरमाई सियासत: अतिक्रमण हटाने के विरोध में विधायक बेहड़ का मशाल जुलूस, बोले- बिना पुनर्वास के किसी को उजड़ने नहीं देंगे

Politics heats up in Pantnagar: MLA Behad leads torchlight procession to protest encroachment removal, says won't let anyone be displaced without rehabilitation

रुद्रपुर। पंतनगर में अतिक्रमण हटाने के नोटिस जारी होने के बाद स्थानीय राजनीति गरमा गई है। किच्छा विधायक तिलक राज बेहड़ ने शुक्रवार को मस्जिद कॉलोनी से मशाल जुलूस निकालकर विश्वविद्यालय के मुख्य गेट पर धरना दिया और प्रशासन व धामी सरकार पर तीखा हमला बोला। विधायक बेहड़ ने स्पष्ट कहा कि जब तक इन बस्तियों के निवासियों के लिए कहीं वैकल्पिक बसावट की ठोस योजना नहीं बनाई जाती, तब तक उन्हें उजाड़ने की कोई कोशिश न की जाए। बिना पुनर्वास के किसी भी परिवार को अपने घर से बेदखल नहीं होने दिया जाएगा। इससे पहले दिन में किच्छा के पूर्व विधायक राजेश शुक्ला ने भी संजय कॉलोनी, मस्जिद कॉलोनी और बाल्मीकि बस्ती के प्रभावित लोगों के साथ कलेक्ट्रेट पहुंचकर एडीएम को ज्ञापन सौंपा था। इधर मशाल जुलूस के दौरान विधायक तिलक राज बेहड़ ने पंतनगर विश्वविद्यालय प्रशासन पर भी निशाना साधते हुए कहा कि अतिक्रमण का नोटिस बांटने का काम गलत है। उन्होंने प्रदेश की धामी सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि भाजपा सरकार सिर्फ लोगों को उजाड़ने का काम करती है। गरीबों की बस्तियों को अतिक्रमणकारी बताकर उन्हें बेघर करने की साजिश रची जा रही है। विधायक ने आगे चेतावनी देते हुए कहा कि कांग्रेस पार्टी सड़कों पर उतरकर इस मुद्दे का पुरजोर विरोध करेगी और लोगों को किसी भी हालत में उजड़ने नहीं दिया जाएगा। बता दें कि पंतनगर में संजय कॉलोनी, मस्जिद कॉलोनी और बाल्मीकि बस्ती सहित कई इलाकों में अतिक्रमण हटाने के नोटिस चस्पा किए गए हैं। निवासी दावा करते हैं कि वे पीढ़ियों से वह यहां रह रहे हैं और अचानक बेदखली का नोटिस उन्हें परेशान कर रहा है। वहीं प्रशासन इन बस्तियों को विस्तारीकरण की जरूरत बताते हुए कार्रवाई की बात कर रहा है।
इस मुद्दे पर स्थानीय लोगों में काफी आक्रोश है। कई परिवार दस्तावेज जुटाने और कानूनी रास्ता अपनाने में जुटे हुए हैं। मामले में विधायक तिलक राज बेहड़ ने साफ संकेत दिया कि कांग्रेस इस मुद्दे पर सड़क से लेकर सदन तक संघर्ष करेगी। उन्होंने कहा कि सरकार को पहले पुनर्वास की व्यवस्था करनी चाहिए, उसके बाद ही कोई कार्रवाई सोची जा सकती है। फिलहाल दोनों नेताओं के विरोध प्रदर्शन से पंतनगर क्षेत्र में सियासी तापमान काफी बढ़ गया है।