खटीमा हादसाः काल बनकर आई स्कूल की बस! पलभर में बुझे तीन घरों के चिराग, चार बहनों का इकलौता भाई था मृतक देवेन्द्र! घर पर चल रही थी शादी की तैयारियां

 Khatima accident: A school bus came as a death knell! Three families lost their lives in an instant. The deceased, Devendra, was the only brother of four sisters. Wedding preparations were underway

खटीमा। ऊधम सिंह नगर जिले के खटीमा में शुक्रवार को हुए दर्दनाक सड़क हादसे में तीन युवकों की मौत हो गयी। यहां बाइक और निजी स्कूल बस की आमने-सामने की टक्कर में तीन घरों के चिराग बुझ गए। जान गंवाने वाले तीनों युवक मेहनत-मजदूरी कर अपने परिवार की आजीविका चलाते थे। इनमें से देवेंद्र सिंह चार बहनों का इकलौता भाई था। उसकी शादी का रिश्ता हो चुका था। वहीं राजेश सिंह अपने पीछे दो मासूम बेटियों व पत्नी को रोता-बिलखता छोड़ गया है, जबकि राजेश सिंह उर्फ बिल्ला अभी अविवाहित था। इस घटना से तीनों मृतकों के परिजनों पर दुखों का पहाड़ टूटा है। जानकारी के मुताबिक प्रतापपुर नंबर सात निवासी देवेंद्र सिंह पुत्र उमेश सिंह, राजेश सिंह पुत्र दर्शन सिंह एवं राजेश सिंह पुत्र पंचम सिंह विगत चार वर्षों से एक सात काम करते थे। देवेंद्र राजमिस्त्री व दोनों अन्य मृतक उसके साथ मजदूरी करते थे। तीनों झनकट से काम करके घर वापस लौट रहे थे। घर से मात्र 100 मीटर की दूरी पर स्कूल बस ने उन्हें टक्कर मार दी, जिसमें तीनों घायल हो गए। आनन-फानन में तीनों को अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। लोगों ने बताया कि देवेंद्र के पिता भी राजमिस्त्री का काम करते हैं। वह अपने परिवार का इकलौता चिराग था। उसके घर में माता रुकमणी देवी, बहन कामिनी, नगीता, ज्योति व दिव्या है। बहन दिव्या दिव्यांग है। पिता उमेश सिंह के मुताबिक देवेंद्र की अभी शादी नहीं हुई थी, लेकिन उसका रिश्ता तय हो गया था। उसकी शादी होनी थी, जिसे लेकर घर में तैयारियां भी शुरू कर दी गई थी, लेकिन उससे पहले ही अनहोनी हो गई। वहीं राजेश पुत्र पंचम सिंह की शादी 2015 में गांव से ही हुई थी। घर में उसकी पत्नी शिशुकला, बेटी रितिका, जसिका, मां प्रेमवती, बड़ा भाई चंदन सिंह, धर्मपाल व बहन मानवती हैं। वहीं राजेश पुत्र दर्शन भी अभी अविवाहिता था, उसके दो भाई हैं।