क्या काम कर रहा है अतिक्रमण शिकायत एप? रुद्रपुर अतिक्रमण मामले में हाईकोर्ट सख्त, तीन सप्ताह में जवाब तलब

Is the encroachment complaint app working? The High Court has taken a tough stand on the Rudrapur encroachment case, demanding a response within three weeks.

नैनीताल। उत्तराखंड हाईकोर्ट ने ऊधम सिंह नगर के रुद्रपुर में हुए अतिक्रमण को लेकर दायर जनहित याचिका पर सुनवाई की। मामले की सुनवाई करते हुए मुख्य न्यायाधीश मनोज कुमार गुप्ता और न्यायमूर्ति सुभाष उपाध्याय की खण्डपीठ ने राज्य सरकार से पूछा है कि अतिक्रमण को लेकर जो शिकायती एप बनाया गया है वह कार्य कर रहा है या नही, उसपर तीन सप्ताह के भीतर जवाब प्रस्तुत करें। मामले की अगली सुनवाई हेतु कोर्ट ने तीन सप्ताह बाद की तिथि नियत की है। सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता की तरफ से कहा गया कि अतिक्रमण शिकायती एप बना तो दिए गए हैं, लेकिन वे कार्य नही कर रहे हैं, न ही उसमें जो शिकायत की जा रही है उसपर कोई सुनवाई हो रही है। न ही अबतक इसपर कोई जानकारी कोर्ट में प्रस्तुत की गई है। जिसपर कोर्ट ने सरकार से तीन सप्ताह के भीतर जवाब पेश करने को कहा है। पूर्व में कोर्ट ने मामले को गम्भीरता से लेते हुए राज्य सरकार से प्रदेश के सभी जिलों के लिए अतिक्रमण शिकायती एप बनाने को कहा था। ताकि आमजन इसमें अतिक्रमण की शिकायत दर्ज करा सके। कोर्ट ने एप में दर्ज शिकायतों पर त्वरित कार्यवाही करने के निर्देश भी जारी किए थे, साथ में प्रगति रिपोर्ट पेश करने को कहा था। कोर्ट ने यह भी बताने को कहा था कि प्रदेश में कहां-कहां अतिक्रमण है उसे भी बताएं। लेकिन सरकार ने एप तो बना दिए, लेकिन वे कार्य नही कर रहे हैं। आज हुई सुनवाई पर कोर्ट ने कहा कि अतिक्रमण को लेकर कोर्ट में काफी संख्या में जनहित याचिकाएं लंबित है। जब अतिक्रमण को लेकर शिकायत की जाती है तो उसे सम्बंधित विभाग के द्वारा त्वरित हटा देना चाहिए था। मामले के अनुसार ऊधमसिंह नगर के रुद्रपुर निवासी शशि बंसल ने उच्च न्यायालय में जनहित याचिका दायर कर कहा है कि रुद्रपुर में सरकारी भूमि पर अतिक्रमण किया गया है, जिसकी वजह से सड़कें, गलियां संकरी हो चुकी हैं। अतिक्रमण होने की वजह से आमजन को आवाजाही में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। कई बार अतिक्रमण को हटाने के लिए नगर निगम व अन्य विभागों को उनके द्वारा हटाने के लिए प्रत्यावेदन दिया गया, परन्तु अतिक्रमण पर कार्यवाही नही हुई। जनहित याचिका में कोर्ट से अतिक्रमण हटाने की मांग की गई है।