ईरानी सुप्रीम लीडर खामेनेई की अमेरिका को अंतिम चेतावनी, बोले-ट्रंप के दस्तखत रद्दी, सिखाएंगे कभी न भूलने वाला सबक

Iranian Supreme Leader Khamenei issues a final warning to the US, stating that Trump's signature is worthless and vowing to teach a lesson that will never be forgotten.

वॉशिंगटन। पश्चिम एशिया (मिडिल ईस्ट) इस सदी के सबसे भयानक सैन्य संकट के मुहाने पर आकर खड़ा हो गया है। एक महीने पहले बड़ी मुश्किल से हुआ 14 सूत्रीय शांति समझौता पूरी तरह मलबे में तब्दील हो चुका है। इस बीच, ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला मोजतबा खामेनेई ने शनिवार को राष्ट्र के नाम संदेश में अमेरिका पर अब तक का सबसे तीखा हमला बोला है। खामेनेई ने अमेरिका को 'ग्रेट सैटन' (महाशैतान) करार देते हुए राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के हस्ताक्षरों को पूरी तरह 'बेकार और रद्दी' घोषित कर दिया है। उन्होंने दोटूक लहजे में चेतावनी दी कि यदि वॉशिंगटन ने अपने सैन्य हमले तुरंत नहीं रोके, तो ईरान और उसका 'प्रतिरोध मोर्चा' (एक्सिस ऑफ रेजिस्टेंस) अमेरिका को ऐसा सबक सिखाएगा जिसे वह इतिहास में कभी भूल नहीं पाएगा।

ईरानी सर्वोच्च नेता ने अपने आधिकारिक बयान में अमेरिका की नीयत पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने कहा ईरान और अमेरिकी राष्ट्रपति के बीच साइन किए गए 14 सूत्रीय समझौते को बार-बार तोड़कर 'ग्रेट सैटन' ने अपनी असली फितरत दिखा दी है। इससे एक बुनियादी सच्चाई फिर सामने आ गई है कि अमेरिकी राष्ट्रपति के दस्तखत पूरी तरह अमान्य हैं और वह बिल्कुल भी भरोसे के लायक नहीं हैं। जबरदस्ती, तानाशाही, क्रूरता और बेईमानी अमेरिका के सिद्धांतों और उसकी सोच के जरूरी हिस्से हैं। खामेनेई ने वॉशिंगटन को चेताया कि अगर उसने तनाव को और बढ़ाया, तो उसे इसकी ऐसी भारी कीमत चुकानी पड़ेगी जिसकी उसने कल्पना भी नहीं की होगी। शांति समझौता टूटने के बाद पिछले कुछ दिनों से दोनों महाशक्तियों के बीच हिंसक टकराव चरम पर है। अमेरिकी वायुसेना लगातार ईरान के सैन्य और असैन्य ठिकानों (सिविलियन एसेट्स) पर भारी बमबारी कर रही है। जवाब में, इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान और उसके सहयोगी लड़ाकों ने भी खाड़ी क्षेत्र में स्थित अमेरिकी सैन्य बेस (ठिकानों) को निशाना बनाकर ताबड़तोड़ जवाबी मिसाइल हमले किए हैं। खामेनेई ने हालिया संघर्ष में सबसे ज्यादा प्रभावित हुए देश के दक्षिणी इलाकों के नागरिकों और इस्लामिक लड़ाकों की बहादुरी की जमकर तारीफ की। उन्होंने इसे दुश्मनों के खिलाफ ईरान के कभी न झुकने वाले पक्के इरादे का जीता-जागता उदाहरण बताया। समीक्षकों का मानना है कि इस ऐतिहासिक समझौते के टूटने से अब आगे की बातचीत के सारे रास्ते बंद हो चुके हैं। हालात को देखते हुए सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई ने देश की जनता और सभी सरकारी अधिकारियों से राष्ट्रीय एकता बनाए रखने की भावुक अपील की है। उन्होंने कहा कि चालाक और 'क्रिमिनल अमेरिकी दुश्मन' के खिलाफ देश की इज्जत, संप्रभुता और आजादी की रक्षा के लिए हर नागरिक को चौकस रहना होगा और सरकारी संस्थानों का पूरा सपोर्ट करना होगा। इस ताजा एलान के बाद वैश्विक स्तर पर तेल की आपूर्ति और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा को लेकर गंभीर संकट खड़ा हो गया है, जो किसी बड़े अंतरराष्ट्रीय युद्ध का रूप ले सकता है।