विश्व पटल पर भारत का डंका: इंडोनेशिया का सर्वोच्च सम्मान 'बिंतांग आदिपूर्णा' से सम्मानित हुए पीएम मोदी, बोले-यह 140 करोड़ भारतीयों का गौरव
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को इंडोनेशिया के सर्वोच्च नागरिक सम्मान 'बिंतांग आदिपूर्णा' से सम्मानित किया गया। इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो ने राजधानी जकार्ता स्थित राष्ट्रपति भवन इस्ताना मर्देका में आयोजित एक भव्य और औपचारिक समारोह में यह प्रतिष्ठित सम्मान प्रदान किया। इस सम्मान के साथ प्रधानमंत्री मोदी उन चुनिंदा वैश्विक नेताओं में शामिल हो गए हैं, जिन्हें दुनिया के 30 से अधिक देशों द्वारा सर्वोच्च या प्रतिष्ठित राष्ट्रीय सम्मान प्रदान किया जा चुका है। सम्मान ग्रहण करने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसे अपनी व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं, बल्कि भारत के 140 करोड़ नागरिकों का सम्मान बताया। उन्होंने कहा कि यह सम्मान भारत और इंडोनेशिया के बीच सदियों पुराने सांस्कृतिक, ऐतिहासिक और भरोसेमंद संबंधों की पहचान है। प्रधानमंत्री ने राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो, इंडोनेशिया सरकार और वहां की जनता का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि दोनों देशों की मित्रता भविष्य में और अधिक मजबूत होगी तथा यह सम्मान दोनों देशों के लोगों के बीच विश्वास और सहयोग का प्रतीक बनेगा।
प्रधानमंत्री मोदी अपनी तीन देशों की विदेश यात्रा के पहले चरण में इंडोनेशिया पहुंचे हैं। जकार्ता पहुंचने पर उनका पारंपरिक और गर्मजोशी से स्वागत किया गया। राष्ट्रपति भवन में आयोजित औपचारिक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने अतिथि पुस्तिका पर हस्ताक्षर भी किए। बाद में सोशल मीडिया पर प्रधानमंत्री ने इंडोनेशिया के आतिथ्य के लिए धन्यवाद व्यक्त करते हुए कहा कि यह यात्रा भारत की 'एक्ट ईस्ट नीति', महासागर विजन और मुक्त, समावेशी एवं खुले हिंद-प्रशांत क्षेत्र के प्रति दोनों देशों की साझा प्रतिबद्धता को और मजबूती देने वाली है। बिंतांग रिपब्लिक इंडोनेशिया आदिपूर्णा' इंडोनेशिया का सर्वोच्च नागरिक सम्मान है। इसकी स्थापना वर्ष 1959 में की गई थी। यह सम्मान उन व्यक्तियों को प्रदान किया जाता है, जिन्होंने इंडोनेशिया की एकता, समृद्धि, राष्ट्रीय हितों और विकास में असाधारण योगदान दिया हो। यह सम्मान देश के नागरिकों के साथ-साथ सैन्य अधिकारियों को भी दिया जा सकता है। विदेशी राष्ट्राध्यक्षों और नेताओं को यह सम्मान केवल विशेष परिस्थितियों में, दोनों देशों के संबंधों को नई ऊंचाई देने में महत्वपूर्ण योगदान के लिए प्रदान किया जाता है। यही कारण है कि इसे इंडोनेशिया का सबसे प्रतिष्ठित राष्ट्रीय सम्मान माना जाता है। प्रधानमंत्री मोदी की इस यात्रा को भारत और इंडोनेशिया की व्यापक रणनीतिक साझेदारी को नई गति देने वाला माना जा रहा है। दोनों देशों के बीच रक्षा सहयोग, समुद्री सुरक्षा, महत्वपूर्ण खनिजों की आपूर्ति, बुनियादी ढांचे के विकास, व्यापार और निवेश सहित कई अहम क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर चर्चा हुई। हिंद-प्रशांत क्षेत्र में बढ़ती वैश्विक रणनीतिक चुनौतियों के बीच भारत और इंडोनेशिया की साझेदारी क्षेत्रीय स्थिरता और आर्थिक सहयोग के लिए बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है। विदेश मंत्रालय के अनुसार, यह यात्रा दोनों देशों के बीच व्यापक रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने की दिशा में एक अहम कदम है। भारत और इंडोनेशिया लंबे समय से समुद्री सहयोग, व्यापार और सांस्कृतिक संबंधों के माध्यम से एक-दूसरे के महत्वपूर्ण साझेदार रहे हैं। अब रक्षा, तकनीक और महत्वपूर्ण खनिजों जैसे क्षेत्रों में बढ़ता सहयोग इस रिश्ते को नई ऊंचाइयों तक ले जाने की संभावना पैदा कर रहा है। प्रधानमंत्री मोदी को अब तक 30 से अधिक देशों द्वारा उनके सर्वोच्च राष्ट्रीय सम्मानों से सम्मानित किया जा चुका है। इन सम्मानों को भारत की बढ़ती वैश्विक प्रतिष्ठा, प्रभावशाली विदेश नीति और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर मजबूत होती भूमिका का प्रतीक माना जाता है। इंडोनेशिया का यह सम्मान भी उसी श्रृंखला की एक महत्वपूर्ण कड़ी माना जा रहा है, जिसने भारत और इंडोनेशिया के रिश्तों को और अधिक मजबूत बनाने का संदेश दुनिया के सामने रखा है।