Oct 06, 2026 Login
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नैनीताल:हरिद्वार अतिक्रमण मामले में उत्तराखंड हाई कोर्ट ने तय समय में कार्रवाई के दिए निर्देश!

In the Haridwar encroachment case, the Uttarakhand High Court has issued directives for action to be taken within a stipulated timeframe.

नैनीताल: 

उत्तराखंड हाई कोर्ट में हरिद्वार जिले में चक सड़कों, गांव के सार्वजनिक स्थानों, नहरों और जलस्रोतों पर हुए अतिक्रमण को लेकर दायर जनहित याचिका पर सुनवाई हुई।
सुनवाई के बाद खंडपीठ ने याचिका को निस्तारित करते हुए याचिकाकर्ता को निर्देश दिया कि वे अपने सभी अभिलेख संबंधित सक्षम प्राधिकारी को उपलब्ध कराएं। कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि प्रस्तुत अभिलेखों के आधार पर अतिक्रमणकारियों के खिलाफ निर्धारित समय सीमा के भीतर कार्रवाई की जाए।
याचिकाकर्ता हरिद्वार निवासी हरीश चंद्र ने अपनी याचिका में आरोप लगाया था कि जिले में चक सड़कों, गांव के आम रास्तों, नहरों और जलस्रोतों पर बड़े पैमाने पर कब्जे किए गए हैं। याचिका में कोर्ट से मांग की गई थी कि राजस्व अभिलेखों, मानचित्रों और लागू कानूनी प्रावधानों के आधार पर इन सार्वजनिक स्थलों की पहचान, सीमांकन और पुनर्स्थापना सुनिश्चित की जाए।
इसके अलावा, याचिका में यह भी आग्रह किया गया था कि जब तक इन स्थानों का सही सीमांकन और पहचान पूरी नहीं हो जाती, तब तक संबंधित विभाग किसी भी प्रकार के निर्माण, नामांतरण (म्यूटेशन), पंजीकरण या भूमि विभाजन की अनुमति न दें। साथ ही सार्वजनिक रास्तों, नहरों और कृषि पहुंच मार्गों से अवरोध हटाने के लिए विधिक प्रक्रिया के तहत कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
कोर्ट ने अपने आदेश में संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे याचिकाकर्ता द्वारा उपलब्ध कराए गए अभिलेखों का परीक्षण कर नियमानुसार समयबद्ध कार्रवाई करें।