नीट पुनर्परीक्षा को लेकर झारखंड में 'महाअलर्ट': हजारीबाग, जमशेदपुर और बोकारो में आधी रात को छापेमारी
रांची। देश की सबसे प्रतिष्ठित चिकित्सा प्रवेश परीक्षा 'नीट' की आगामी 21 जून को होने वाली पुनर्परीक्षा को लेकर झारखंड का प्रशासनिक अमला पूरी तरह 'एक्शन मोड' में आ गया है। साल 2024 में हजारीबाग से प्रश्नपत्र लीक होने के कड़वे अनुभवों से सबक लेते हुए इस बार सरकार और पुलिस प्रशासन कोई कसर नहीं छोड़ना चाहता। इसके मद्देनजर शुक्रवार की देर रात हजारीबाग, जमशेदपुर और बोकारो सहित राज्य के सभी संवेदनशील जिलों में विशेष जांच अभियान चलाया गया। प्रशासनिक अधिकारियों ने पुलिस बल के साथ मिलकर कई होटलों, रेस्टोरेंट्स और लॉजों में औचक छापेमारी कर संदिग्धों की धरपकड़ के लिए सत्यापन अभियान चलाया।
वर्ष 2024 के नीट-यूजी पेपर लीक मामले की जांच में यह बात साबित हुई थी कि हजारीबाग के ओएसिस स्कूल से ही प्रश्नपत्र लीक हुआ था, जहाँ मुख्य आरोपी ने तत्कालीन प्रिंसिपल और वाइस प्रिंसिपल की मिलीभगत से स्ट्रॉन्ग रूम में सेंधमारी की थी। यही वजह है कि इस बार हजारीबाग जिला प्रशासन सबसे ज्यादा सतर्क है। उपायुक्त हेमंत सती और पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर सदर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी रूपक कुमार सिंह और डीएसपी सीसीआर अरमानुल हक के नेतृत्व में कोर्रा थाना क्षेत्र के होटलों में सघन चेकिंग अभियान चलाया गया। होटल प्रबंधकों को कड़े निर्देश दिए गए हैं कि वे बिना पुख्ता पहचान पत्र (आईडी) के किसी भी आगंतुक को कमरा न दें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें। जमशेदपुर में भी परीक्षा की पारदर्शिता बनाए रखने के लिए उपायुक्त राजीव रंजन के नेतृत्व में पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। शहर के 8 परीक्षा केंद्रों पर करीब 4,500 परीक्षार्थी शामिल होंगे। सभी केंद्रों की विशेष निगरानी की जा रही है और सुरक्षा घेरा बढ़ा दिया गया है। परीक्षा केंद्रों के भीतर और आसपास सीसीटीवी कैमरे और इलेक्ट्रॉनिक जैमर लगाए गए हैं ताकि किसी भी प्रकार की डिजिटल चोरी को रोका जा सके। परीक्षार्थियों को समय पर केंद्र पहुंचने में कोई बाधा न हो, इसके लिए परीक्षा के दिन शहर में भारी वाहनों के प्रवेश पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है। बोकारो जिले में भी 8 परीक्षा केंद्रों पर लगभग 2,880 परीक्षार्थी अपनी किस्मत आजमाएंगे। चूंकि यहाँ करीब 1,500 से 2,000 परीक्षार्थियों के रेल मार्ग से पहुंचने की संभावना है, इसलिए रेलवे प्रशासन ने भी मोर्चा संभाल लिया है। एआरएम विनीत कुमार ने बताया कि स्टेशन पर भगदड़ या अव्यवस्था रोकने के लिए पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। स्टेशन पर ही परीक्षार्थियों की सुविधा के लिए 'शहर का रूट चार्ट' और पूछताछ केंद्र सुदृढ़ किए गए हैं। वहीं आरपीएफ पोस्ट कमांडर संतोष कुमार के अनुसार, स्टेशन परिसर में सुरक्षा के लिए अतिरिक्त जवानों की तैनाती की गई है और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए स्टेशन पर चौबीसों घंटे एम्बुलेंस सेवा उपलब्ध रहेगी। प्रशासन ने साफ कर दिया है कि परीक्षा में किसी भी तरह की अनियमितता या अवैध प्रयास करने वालों के खिलाफ कानून के तहत सबसे सख्त दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।