Oct 04, 2026 Login

रुद्रपुर में 20 सितंबर को फिर बंगाली समाज का विशाल महासम्मेलन! एससी दर्जे और बांग्ला भाषा की पढ़ाई के लिए होगा बड़ा शक्ति प्रदर्शन,गांव-गांव जनसंपर्क अभियान तेज

A massive grand convention of the Bengali community is set to take place again in Rudrapur on September 20! It will be a major show of strength advocating for SC status and the teaching of the Bangla

रुद्रपुर। जनपद ऊधम सिंह नगर के जिलामुख्यालय पर आगामी 20 सितंबर को एक बार फिर ऐतिहासिक सामाजिक और राजनीतिक हलचल का गवाह बनने जा रहा है। रुद्रपुर में 'प्रादेशिक बंगाली कल्याण समिति' तत्वावधान में बंगाली समाज का एक भव्य महासम्मेलन आयोजित किया जा रहा है। वही आगामी चुनाव वर्ष को देखते हुए आयोजित हो रहे इस महासम्मेलन को बंगाली समाज द्वारा राज्य सरकार के समक्ष अपनी वर्षों पुरानी मांगों को लेकर एक बड़े शक्ति प्रदर्शन के रूप में देखा जा रहा है।

बंगाली समाज की लंबे समय से चली आ रही मांगों को लेकर ऊधम सिंह नगर के रुद्रपुर में एक बार फिर आवाज बुलंद होने जा रही है। बंगाली समाज की ओर से 20 सितंबर को रुद्रपुर में महासम्मेलन आयोजित करने की तैयारी की जा रही है। महासम्मेलन में समाज को अनुसूचित जाति (एससी) का दर्जा देने और प्रदेश के विद्यालयों में बांग्ला भाषा की पढ़ाई शुरू कराने समेत कई मांगों को प्रमुखता से उठाया जाएगा। कार्यक्रम को लेकर जिले के बंगाली बहुल क्षेत्रों में बैठकों और जनसंपर्क का दौर तेज हो गया है। बैठकों में रुद्रपुर में प्रस्तावित महासम्मेलन की तैयारियों और अधिक से अधिक लोगों की भागीदारी सुनिश्चित करने की रणनीति पर चर्चा की जा रही है। आयोजकों ने गांव-गांव जनसंपर्क अभियान चलाने, युवाओं और छात्र संगठनों को सम्मेलन से जोड़ने तथा समाज के अलग-अलग वर्गों की भागीदारी बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा हैं। महासम्मेलन का आयोजन प्रादेशिक बंगाली कल्याण समिति के बैनर तले बंगाली युवा एवं छात्र संगठन उत्तराखंड के तत्वावधान में प्रस्तावित है। आयोजकों का कहना है कि सम्मेलन का उद्देश्य समाज की विभिन्न समस्याओं और लंबित मांगों को एक मंच से सरकार के सामने मजबूती से रखना है। इसके लिए बंगाली बहुल इलाकों में लगातार बैठकें की जा रही हैं और लोगों को सम्मेलन में पहुंचने के लिए जागरूक किया जा रहा है।

जानकारी के अनुसार महासम्मेलन में बंगाली समाज को अनुसूचित जाति का दर्जा देने की मांग प्रमुख रूप से उठाई जाएगी। इसके अलावा विद्यालयों में बांग्ला भाषा की शिक्षा शुरू कराने की मांग भी सम्मेलन के एजेंडे में शामिल है। समाज से जुड़े लोगों का कहना है कि भाषा और सामाजिक पहचान से जुड़े मुद्दों को लेकर लंबे समय से मांग उठाई जाती रही है। इन मांगों को लेकर पिछले कुछ महीनों में समाज के लोगों और सामाजिक कार्यकर्ताओं की ओर से धरना-प्रदर्शन भी किए गए हैं। आयोजकों से जुड़े लोगों के अनुसार, सम्मेलन में इन प्रमुख मांगों के साथ समाज से जुड़े अन्य विषयों पर भी चर्चा होगी। उनका प्रयास है कि अलग-अलग क्षेत्रों में रहने वाले बंगाली समाज के लोग एकजुट होकर अपनी मांगों को सरकार तक पहुंचाएं। वही इस बार रुद्रपुर का गांधी पार्क निर्माण कार्य के चलते महासम्मेलन के लिए उपलब्ध नहीं होगा। ऐसे में आयोजन के लिए मोदी मैदान को संभावित स्थल के रूप में देखा जा रहा है। हालांकि, अंतिम स्थल और आयोजन संबंधी व्यवस्थाओं को लेकर तैयारियां जारी हैं। इस महासम्मेलन में ऊधम सिंह नगर के विभिन्न क्षेत्रों से बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने की उम्मीद जताई जा रही है। खटीमा, नानकमत्ता, सितारगंज, शक्तिफार्म, किच्छा, रुद्रपुर, दिनेशपुर, बाजपुर और काशीपुर समेत जिले के अन्य क्षेत्रों में जनसंपर्क अभियान चलाया जा रहा है। इसके साथ ही प्रदेश के दूसरे जिलों से भी समाज के लोगों को सम्मेलन में शामिल करने की तैयारी है। आपको बता दें चुनावी वर्ष में होने जा रहे इस महासम्मेलन को बंगाली समाज के लिए महत्वपूर्ण शक्ति प्रदर्शन के तौर पर भी देखा जा रहा है। आयोजकों का लक्ष्य अधिक से अधिक लोगों को एक मंच पर जुटाकर अपनी मांगों को सरकार के सामने प्रभावी तरीके से रखना है। फिलहाल सम्मेलन की तैयारियों को लेकर स्थानीय स्तर पर बैठकें जारी हैं। आने वाले दिनों में जनसंपर्क अभियान को और तेज किया जाएगा। अब 20 सितंबर को रुद्रपुर में होने वाले इस महासम्मेलन में बंगाली समाज की कितनी बड़ी भागीदारी रहती है और सरकार के सामने कौन-कौन से मुद्दे प्रमुखता से उठाए जाते हैं, इस पर सभी की नजर रहेगी।