नैनीताल:कुमाऊं यूनिवर्सिटी विवाद में सियासी एंट्री, कांग्रेस ने छात्रा के पक्ष में उठाई आवाज़ यूनिवर्सिटी का मैनेजमेंट एक ओर,अकेली छात्रा एक ओर,BJP बोली- दोषी कोई भी हो,कार्रवाई होगी
नैनीताल। कुमाऊं यूनिवर्सिटी की पूर्व छात्रा और कुलपति प्रो. (कर्नल) दीवान एस. रावत से जुड़े विवाद में अब सियासी बयानबाजी भी तेज हो गई है। छात्रा की ओर से लगाए गए आरोपों और विश्वविद्यालय की ओर से जारी प्रेस नोट के बीच कांग्रेस ने छात्रा के पक्ष में आवाज उठाते हुए पूरे मामले में सरकार से हस्तक्षेप की मांग की है। वहीं भाजपा ने कहा है कि मामले में पुलिस जांच चल रही है और जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
उत्तराखंड कांग्रेस की मुख्य प्रवक्ता गरिमा मेहरा दसौनी ने मामले को बेहद संवेदनशील बताते हुए कहा कि कुमाऊं यूनिवर्सिटी से एक छात्रा द्वारा कुलपति पर ही हैरेसमेंट के आरोप लगाए गए हैं। उनका कहना है कि इसके बाद छात्रा के साथ जिस तरह का व्यवहार किया जा रहा है, वह कहीं न कहीं पक्षपातपूर्ण नजर आता है।
गरिमा दसौनी ने आरोप लगाया कि छात्रा को किसी भी इंटरनल मीटिंग में शामिल नहीं किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जब जांच की बात कहकर करीब 500 लोग एक कमरे में बैठते हैं तो CCTV कैमरों और फुटेज को सार्वजनिक करने की बात सामने आती है, लेकिन विश्वविद्यालय इस दिशा में आगे नहीं बढ़ रहा है।
कांग्रेस प्रवक्ता ने छात्रा के असाइनमेंट और अंकों के मामले पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि असाइनमेंट जमा न करने का हवाला देकर छात्रा के अंक नहीं जोड़े गए, जबकि शिकायत मुख्यमंत्री पोर्टल तक पहुंचने और आरटीआई लगाए जाने के बाद विश्वविद्यालय ने आनन-फानन में नंबर जोड़ दिए। गरिमा दसौनी ने आरोप लगाया कि इससे कहीं न कहीं बदले की भावना से कार्रवाई किए जाने का संदेह पैदा होता है।
उन्होंने कहा कि यह केवल नंबरों का मामला नहीं, बल्कि न्याय का मुद्दा है और छात्रा की भी उतनी ही सुनवाई होनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि पूरा मैनेजमेंट एक तरफ खड़ा दिखाई दे रहा है और दूसरी तरफ एक छात्रा है। गरिमा दसौनी ने इसे पितृसत्तात्मक व्यवस्था का उदाहरण बताते हुए कहा कि महिलाओं और बच्चियों की आवाज को गंभीरता से सुना जाना चाहिए।
गरिमा दसौनी ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से इस मामले में व्यक्तिगत रूप से हस्तक्षेप करने और छात्रा को न्याय दिलाने की मांग की। उन्होंने कहा कि सरकार को पूरे प्रकरण को गंभीरता से देखते हुए निष्पक्ष तरीके से कार्रवाई करनी चाहिए।
वहीं दूसरी ओर भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता मथुरा दत्त जोशी ने कहा कि पुलिस विभाग और नैनीताल पुलिस ने मामले का संज्ञान लिया है और जांच चल रही है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ निश्चित रूप से कार्रवाई होगी।
मथुरा दत्त जोशी ने कहा कि यदि इस तरह की कोई बात सामने आती है तो आरोपी व्यक्ति कितना भी बड़ा, प्रभावशाली या पहुंच वाला क्यों न हो, मामले में किसी तरह की कोताही नहीं बरती जाएगी। उनके मुताबिक मुख्यमंत्री ने स्वयं मामले का संज्ञान लिया है और सीएम पोर्टल पर भी शिकायत आई थी। शिकायत में सामने आई कथित गड़बड़ियों की भी जांच की जा रही है।
भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि यदि जांच के दायरे में कुलपति भी आते हैं और उनके स्तर पर कोई गड़बड़ी पाई जाती है तो जांच रिपोर्ट के आधार पर सरकार निश्चित रूप से कार्रवाई करेगी। उन्होंने कहा कि महिला सुरक्षा और महिला सशक्तिकरण सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में है तथा मातृशक्ति की सुरक्षा और भविष्य को सुरक्षित रखना सरकार की जिम्मेदारी है।
एक ओर कांग्रेस छात्रा के आरोपों और CCTV फुटेज को लेकर सरकार से हस्तक्षेप की मांग कर रही है, तो दूसरी ओर भाजपा ने जांच के बाद दोषी पाए जाने वाले किसी भी व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई का भरोसा दिया है। इस मामले में अब सबकी निगाहें निष्पक्ष जांच पर टिकी हैं।