हल्द्वानीः त्योहार के दिन घर पहुंची ब्लॉगर ज्योति अधिकारी! लाइव आकर जताया सभी का आभार, दिखाई दीं मायूस
हल्द्वानी। महिलाओं और देवी-देवताओं के अपमान के आरोप में सलाखों के पीछे गईं मशहूर ब्लॉगर ज्योति अधिकारी आखिरकार 6 दिन बाद जेल से रिहा हो गईं। देर शाम जब वह जेल से बाहर आईं तो मायूस दिखाई दीं। इसके बाद वह घर पहुंची और लाइव आकर सभी का आभार जताया। उन्होंने सबसे पहले प्रदेशवासियों को घुघुतिया त्योहार की बधाई दी। उन्होंने कहा कि जिस बहन ने उनके खिलाफ केस किया अगर वो एक बार भी बोल देतीं कि मेरे शब्दों से बुरा लगा है तो मैं कुमाऊं ही नहीं पूरे उत्तराखण्ड से माफी मांग लेती। उन्होंने न्यायपालिका और पुलिस प्रशासन का भी आभार जताया। गौर हो कि हल्द्वानी के मुखानी थाने में दर्ज दो मुकदमों में हल्द्वानी कोर्ट ने 13 जनवरी को ज्योति अधिकारी को जमानत दे दी थी, लेकिन खटीमा कोतवाली में दर्ज मुकदमे में खटीमा कोतवाली पुलिस ने हल्द्वानी जेल में पहुंचकर वारंट बी दाखिल किया कर दिया, जिससे वो जमानत के बावजूद बाहर नहीं निकल पाई। ऐसे में 14 जनवरी को खटीमा न्यायालय ने जेल प्रशासन को ज्योति अधिकारी को रिहा करने के आदेश दिए। दरअसल हल्द्वानी के मुखानी थाने में दर्ज दो मुकदमों में यूट्यूबर ज्योति अधिकारी को 8 जनवरी को मुखानी थाना पुलिस ने गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया था। जहां से उसे 14 दिन की न्यायिक हिरासत में उसे हल्द्वानी के उप कारागार जेल भेज दिया गया था। ज्योति अधिकारी पर उत्तराखंड की संस्कृति, देवी-देवताओं और कुमाऊं की महिलाओं पर एक वीडियो के माध्यम से अभद्र टिप्पणी करने का आरोप है। इसी वीडियो में वो दरांती भी लहराती हुई दिखाई दी थीं। जिसके बाद हल्द्वानी निवासी जूही चुफाल ने मामले में मुखानी थाने में तहरीर सौंप कर कार्रवाई की मांग की गई थी।