नैनीताल पहुंचे राज्यपाल गुरमीत सिंह! गार्ड ऑफ ऑनर से हुआ भव्य स्वागत, कुमाऊं भ्रमण के दौरान दूरस्थ और घोस्ट विलेज क्षेत्रों का करेंगे दौरा
नैनीताल। राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेवानिवृत्त) शुक्रवार को अपने ग्रीष्मकालीन प्रवास के लिए नैनीताल स्थित राजभवन पहुंचे। राज्यपाल के आगमन पर जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। राजभवन पहुंचने पर उन्हें पारंपरिक सम्मान के साथ गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। राज्यपाल के स्वागत के लिए आयुक्त दीपक रावत, जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल तथा वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मंजूनाथ टीसी सहित जिले के तमाम आला अधिकारी मौजूद रहे। अधिकारियों ने पुष्पगुच्छ भेंट कर राज्यपाल का स्वागत किया। राज्यपाल गुरमीत सिंह का यह दौरा कुमाऊं मंडल के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। अपने ग्रीष्मकालीन प्रवास के दौरान वे कुमाऊं मंडल के विभिन्न जिलों का भ्रमण करेंगे और कई महत्वपूर्ण कार्यक्रमों में प्रतिभाग करेंगे।
इस दौरान उनका विशेष फोकस दूरस्थ और विकास से वंचित क्षेत्रों पर रहेगा। राज्यपाल उन गांवों का भी दौरा करेंगे जिन्हें घोस्ट विलेज घोषित किया जा चुका है। इन क्षेत्रों में पहुंचकर वे स्थानीय लोगों की समस्याओं को जानेंगे और पलायन की वजहों को समझने का प्रयास करेंगे। राज्यपाल ने कहा कि उत्तराखंड वीरों की भूमि है और यहां के सैनिकों तथा पूर्व सैनिकों का योगदान देश के लिए अतुलनीय है। उन्होंने बताया कि सैनिकों और उनके आश्रितों के सम्मान में एक शाम सैनिकों के नाम कार्यक्रम आयोजित करने की योजना बनाई जा रही है। इस कार्यक्रम का उद्देश्य सैनिक परिवारों के त्याग और योगदान को सम्मान देना तथा युवाओं में देशसेवा की भावना को और मजबूत करना है। राज्यपाल ने कहा कि राज्य सरकार और राजभवन की प्राथमिकता केवल शहरी क्षेत्रों तक सीमित नहीं है, बल्कि दूरस्थ ग्रामीण इलाकों में रह रहे लोगों की समस्याओं का समाधान भी उतना ही महत्वपूर्ण है।
उन्होंने कहा कि पर्वतीय क्षेत्रों से हो रहे पलायन को रोकने के लिए स्थानीय रोजगार, आधारभूत सुविधाओं और शिक्षा-स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करना बेहद जरूरी है। इसी उद्देश्य से वे जमीनी हकीकत जानने के लिए गांवों का दौरा करेंगे। राज्यपाल अपने प्रवास के दौरान स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं के कार्यों को भी करीब से देखेंगे। इसके अलावा राजभवन नैनीताल में आयोजित होने वाली गोल्फ प्रतियोगिता को लेकर भी राज्यपाल ने प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि बच्चों में गोल्फ के प्रति बढ़ती रुचि उत्साहजनक है। विशेष रूप से बेटियों की बढ़ती भागीदारी राज्य के खेल भविष्य के लिए सकारात्मक संकेत है। उन्होंने कहा कि खेल बच्चों के व्यक्तित्व विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं और बेटियों का इस क्षेत्र में आगे बढ़ना समाज के लिए गर्व की बात है।