Good Morning India: ट्रंप ने रूस प्रतिबंध विधेयक पर किए हस्ताक्षर, भारत पर 100% टैरिफ का रास्ता साफ! NTA ऑफिस जा सकते हैं सुप्रीम कोर्ट के जज, खुद चेक करेंगे तैयारी! देशभर में UPI पेमेंट पर चार्ज को लेकर विरोध प्रदर्शन! उत्तराखण्ड के पूर्व सीएम हरीश रावत का छलका दर्द, खाई मां की सौगंध
नमस्कार दोस्तों, आवाज इंडिया अपना खास कॉलम ‘गुड मॉर्निंग इंडिया’ लेकर एक फिर आपके समक्ष प्रस्तुत है। आईए आज के प्रमुख कार्यक्रमों पर नजर डालते हैं। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह आज हुबली में केएलई के नए मेडिकल कॉलेज भवन और अस्पताल का उद्घाटन करेंगे। वहीं लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी आज इंदौर दौरे पर रहेंगे।
अब बड़ी खबरों की तरफ रुख करते हैं, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 'रूस और ईरान पर प्रतिबंध लगाने वाले कानून' पर हस्ताक्षर कर दिए हैं। इस कानून का मकसद मॉस्को और उससे बड़ी मात्रा में ऊर्जा खरीदने वाले देशों, जैसे चीन और भारत पर भारी शुल्क लगाना है। व्हाइट हाउस ने कहा, "शुक्रवार, 18 सितंबर 2026 को राष्ट्रपति ने कानून के तौर पर H.R. 5334, यानी 'लिंडसे ओ. ग्राहम रूस और ईरान पर प्रतिबंध लगाने वाला कानून, 2026' पर हस्ताक्षर किए। यह कानून रूस पर कानूनी प्रतिबंधों, टैरिफ और रोक लगाने और उन्हें बढ़ाने के साथ-साथ ईरान पर पहले से लागू प्रतिबंधों को भी आगे बढ़ाता है।" हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स ने बुधवार को 'रूस और ईरान पर प्रतिबंध लगाने वाला कानून' पास किया। इस कानून का मकसद रूस के नेतृत्व और ऊर्जा क्षेत्र के साथ-साथ मॉस्को के रक्षा उद्योग और उसके तथाकथित 'शैडो फ्लीट' (गुप्त बेड़े) में शामिल सहयोगियों पर भी प्रतिबंध लगाना है। दरअसल, यह कानून राष्ट्रपति ट्रंप को उन देशों पर 100 प्रतिशत तक टैरिफ लगाने का अधिकार देता है, जो रूस से तेल और गैस खरीदते हैं। इन देशों में चीन और भारत भी शामिल हैं। ऐसे में इस कानून का इस्तेमाल भारत और चीन के खिलाफ किया जा सकता है। यह कानून ट्रंप को इसे लागू करने के मामले में व्यापक अधिकार देता है, जैसे कि किन देशों पर टैरिफ लगाया जाए, टैरिफ की दरें क्या हों, और क्या प्रतिबंधों के प्रावधानों में छूट दी जाए।
इधर सुप्रीम कोर्ट में शुक्रवार को NTA में सुधारों को लेकर सुनवाई हुई। ये सुनवाई जस्टिस पीएस नरसिम्हा और जस्टिस आलोक अराधे की बेंच ने की। कोर्ट ने NTA में सुधार को लेकर प्रोग्रेस रिपोर्ट मांगी है। सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार से नंदन नीलेकणि कमेटी के बारे में जानकारी मांगी है। इसमें कमेटी की सिफारिशें, रोडमैप और NTA में सुधारों को लागू करने की स्थिति शामिल है। इस दौरान सुप्रीम कोर्ट के जजों ने बड़ा कदम उठाते हुए कहा कि वे खुद NTA हेडक्वार्टर का दौरा करेंगे और सुधार की निगरानी करेंगे। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि हम NTA सिस्टम को संस्थागत बनाना चाहते हैं। जस्टिस नरसिम्हा ने पूछा कि क्या प्रगति हुई है? इस पर सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने बताया कि कमेटी ने व्यापक बातचीत की है और उम्मीद है कि वह इस महीने के आखिर तक अपनी रिपोर्ट सौंप देगी। जस्टिस पीएस नरसिम्हा और जस्टिस आलोक अराधे की बेंच ने नेशनल टेस्टिंग एजेंसी यानी NTA में सुधारों की निगरानी करते हुए कहा कि हम आकर देखेंगे कि क्या सिस्टम असल में लागू है, क्या यह काम कर रहा है या नहीं? और मैनपावर वगैरह जैसी सभी चीज़ों की जांच करेंगे। सुप्रीम कोर्ट ने यह भी कहा कि कमेटी की सिफारिशों को सिर्फ रिपोर्ट तक सीमित न रखकर असल में लागू किया जाना चाहिए।
उधर देशभर में UPI पर चार्ज के खिलाफ अब विरोध तेज होता जा रहा है। दिल्ली-NCR समेत देशभर में कई जगहों पर अब "No UPI, Only Cash" के पोस्टर लगा दिए गए हैं। दिल्ली के कई पेट्रोल और सीएनजी पंप से ऐसी तस्वीरें सामने आई हैं, जहां पर ये पोस्टर चस्पा कर दिए गए हैं। ग्राहकों से पेमेंट कैश या कार्ड में लेने की मांग की जा रही है। आपको बता दें कि पेट्रोल पंप एसोसिएशन ट्रेड यूनियन समेत कई संगठनों ने इस चार्ज का विरोध किया है और कहा है कि चार्ज लगेगा तो धीरे-धीरे सभी जगहों पर "No UPI, Only Cash" का बोर्ड लग जाएगा। दिल्ली के कश्मीरी गेट मार्केट के व्यापारियों ने यूपीआई ट्रांजेक्शन पर चार्ज लगाने के सरकार के फैसले का विरोध करने के लिए अपनी दुकानों पर 'नो यूपीआई' के पोस्टर लगाए हैं। व्यापारियों का ये विरोध प्रदर्शन गुरुवार को चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री (सीटीआई) के अध्यक्ष बृजेश गोयल के नेतृत्व में हुआ। पेट्रोल पंप एसोसिएशन ने क्लियर कर दिया है कि इस चार्ज से ग्राहकों की ही परेशानी बढ़ेगी। क्योंकि पहले से ही काफी कम मार्जिन मिलता है। एक और बोझ पेट्रोप पंप मालिक नहीं संभाल पाएंगे और यूपीआई का ट्रांजेक्शन कम करना पड़ जाएगा।
इधर सऊदी अरामको ने अपने प्रमुख ईस्ट-वेस्ट पाइपलाइन पर हमले के बाद भारतीय रिफाइनरों को कच्चे तेल की सप्लाई अगले आदेश तक रोक दी है। 1,200 किलोमीटर लंबी यह ईस्ट-वेस्ट पाइपलाइन अरब प्रायद्वीप को पार करती है। गुरुवार को इराक में ईरान समर्थित मिलिशिया के ड्रोन हमलों के बाद इसे बंद कर दिया गया। इस महीने सऊदी अरब को अपने पश्चिमी लाल सागर तट पर यमन स्थित हूती विद्रोहियों के ऊर्जा और नागरिक अवसंरचना पर कई हमलों का भी सामना करना पड़ा है। ईरान समर्थित समूह ने लाल सागर में सऊदी शिपिंग को धमकी दी है, जिससे इस महीने की शुरुआत में लंदन में तेल की कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर चली गई थीं। पाइपलाइन बंद होने से तेल बाजार को एक और झटका लगा। होर्मुज जलडमरूमध्य में ईरानी हमलों के बाद जहाजों की आवाजाही लगभग ठप हो जाने के कारण सऊदी अरब इस साल की शुरुआत में 70 लाख बैरल प्रति दिन क्षमता वाली इस पाइपलाइन का पूरा इस्तेमाल कर रहा था।
उधर बांबे हाई कोर्ट ने एक माह की पौत्री की हत्या के आरोपित को जमानत देने से इनकार करते हुए कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि स्वतंत्रता के लगभग 80 वर्ष बाद भी लोग लड़का ही चाहते हैं। एक माह की बच्ची की इसलिए हत्या कर दी गई थी क्योंकि परिवार दूसरी लड़की नहीं चाहता था। हाई कोर्ट की नागपुर पीठ के जस्टिस एमएम नेर्लिकर ने नौ सितंबर को जारी आदेश में आरोपित गोपीनाथ जानकू प्रधान की जमानत याचिका खारिज कर दी। प्रधान के विरुद्ध पूर्वी महाराष्ट्र के गढ़चिरौली जिले में पुलिस ने 2023 में हत्या और सुबूत मिटाने के आरोपों के तहत मामला दर्ज किया था। उस पर अपनी एक माह की पौत्री को टब में डुबोने का आरोप था क्योंकि वह उसके बेटे व बहू की दूसरी बेटी थी। प्रधान ने अपनी जमानत याचिका में खुद को बेगुनाह बताया और बताया कि इस मामले में अन्य आरोपित मृत बच्ची की मां को पहले ही जमानत मिल चुकी है।
इधर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने तीन मीडिया संस्थानों- सीएनएन, एमएसएनओडब्ल्यू और पॉलिटिको को व्हाइट हाउस से प्रतिबंधित करने की घोषणा की है। ट्रंप ने इन मीडिया आउटलेट्स पर 'अनुकूल कवरेज' न करने का आरोप लगाते हुए कहा कि यह इनकी रिपोर्टिंग 'फेक न्यूज' का परिणाम है। उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि भविष्य में अन्य मीडिया संस्थानों पर भी इसी तरह के प्रतिबंध लगाए जा सकते हैं। शुक्रवार को (स्थानीय समय) ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर पोस्ट करके इस फैसले की जानकारी दी। ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया पर लिखा, 'मैं CNN, MSNBC और Politico को व्हाइट हाउस से तत्काल प्रभाव से बैन कर रहा हूं क्योंकि वे लगातार 'फेक न्यूज़' (झूठी खबरें) दिखा रहे हैं। यह कदम अमेरिकी संविधान के प्रथम संशोधन के तहत अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के संरक्षण के लिए एक नई चुनौती पेश करता है। यह पहली बार नहीं है जब ट्रंप प्रशासन ने मीडिया के साथ इस तरह का व्यवहार किया है। फरवरी 2025 में, ट्रंप ने एसोसिएटेड प्रेस के पत्रकारों को ओवल ऑफिस, एयर फोर्स वन और अन्य छोटे आयोजनों से बाहर रखने का फैसला किया था। यह कदम एसोसिएटेड प्रेस द्वारा मेक्सिको की खाड़ी का नाम बदलने के उनके सुझाव का पालन न करने के प्रतिशोध में उठाया गया था। एसोसिएटेड प्रेस ने इस मामले में मुकदमा दायर किया है। ये कानूनी लड़ाई अभी भी जारी है।
अब उत्तराखण्ड की खबरों पर नजर डालते हैं, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल और चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल एनएस राजा सुब्रमणि शनिवार दोपहर के बाद लैंसडौन पहुंचेंगे। देश के दोनों शीर्षस्थ अधिकारियों के आगमन की तैयारियां पूर्ण कर ली गई हैं। गढ़वाल राइफल्स एवं गढ़वाल स्काउट्स के कर्नल ऑफ द रेजिमेंट लेफ्टिनेंट जनरल दिनेश सिंह राणा लैंसडौन पहुंच चुके हैं। वे कार्यक्रम की अंतिम तैयारियों को लेकर कमांडेंट ब्रिगेडियर विनोद सिंह नेगी के साथ व्यवस्थाओं का जायजा ले रहे हैं। कुछ देर में जिलाधिकारी स्वाति एस.भदौरिया और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सर्वेश पंवार के भी लैंसडौन पहुंचने की उम्मीद है।
इधर पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने अपने एक्स हैंडल पर पोस्ट करके लिखा है कि माँ की सौगंध… सच के लिए आख़िरी दम तक संघर्ष करूंगा। कलंक का जवाब—सच और संघर्ष से। उन्होंने आगे लिखा है कि माँ मैं आपकी सौगंध खाता हूं, आपके दूध की सौगंध खाता हूँ। मैंने कभी किसी को नौकरी देने के बदले एक पैसा लेना तो छोड़िए मैंने उससे कभी चाय और पानी तक नहीं पिया। उन्होंने बताया है कि मेरी तीन माताएँ हैं, जगत जननी, देवी भवानी (मां दुर्गा), जिसकी मैं नित्य प्रतिदिन पूजा करता हूँ और वह धरती माँ है, जिसने मुझे पैदा किया है उत्तराखंड और माँ आज मुझे बदनाम करने का षड्यंत्र हो रहा है। उम्र के इस पड़ाव में मुझ पर कलंक लगाने का प्रयास हो रहा है, जिस तरीके से कुछ पोस्टों में, कुछ अखबारों के जरिये मुहिम चला करके....... मां मैं आपकी व आपके दूध की सौगंध खाता हूँ। मैंने कभी किसी को नौकरी देने के बदले एक पैसा लेना तो छोड़िए मैंने उससे कभी चाय और पानी तक नहीं पिया, जिसको दिया होगा, मैंने दिया होगा माँ। मैंने कभी नौकरी के बदले किसी से कुछ लिया नहीं। लेकिन आज ये कलंक का टीका मुझ पर लगाने का दुस्साहस किया जा रहा है और नियोजित तरीके से किया जा रहा है!! पहले भी 2017 और 2022 में मेरे खिलाफ झूठ गढ़े गए, कहीं उसके कोई साक्ष्य नहीं है मां। मैं इस कलंक के साथ मरना नहीं चाहता मां।