Good Morning India:मिडिल ईस्ट में महायुद्ध की आहट! ईरान का अमेरिका पर बड़ा पलटवार,कर्नाटक में सूखे का हाहाकार,सीएम शिवकुमार ने पीएम मोदी को लिखा पत्र,राहुल गांधी की देहरादून रैली का बदला वैन्यू,परेड ग्राउंड में नहीं मिली इजाजत,उत्तराखंड के 12 जिलों में उप प्रधान पद के लिए आज जंग,लिंक में पढ़ें प्रमुख खबरें

Good Morning India: Looming threat of a major war in the Middle East; Iran launches a massive counter-attack against the US; drought crisis in Karnataka—CM Shivakumar writes to PM Modi; venue changed

नमस्कार दोस्तों, आवाज इंडिया अपना खास कॉलम 'गुड मॉर्निंग इंडिया' लेकर एक फिर आपके समक्ष हाजिर है। आईए शुरुआत करते हैं उन सुर्खियों के साथ,जो आज पूरे दिन चर्चा में रहने वाली हैं।

रूसी तेल खरीदने वाले देशों पर कसेगा अमेरिका का शिकंजा! नए प्रतिबंध विधेयक में भारत का नाम शामिल। 

स्पेन 2-0 से जीतकर दूसरी बार फीफा विश्व कप के फाइनल में,एम्बाप्पे की फ्रांस को 2-0 से हराया। 

मिडिल ईस्ट में महायुद्ध की आहट! ईरान का अमेरिका पर बड़ा पलटवार, बहरीन और कुवैत में सैन्य ठिकानों पर ताबड़तोड़ मिसाइल-ड्रोन हमले। 

गिल के तूफान के बाद अक्षर-वाशिंगटन का धमाल: भारत ने इंग्लैंड को 6 विकेट से रौंदा, सीरीज में 1-0 की बढ़त। 

भारत-ब्रिटेन एफटीए आज से लागू! व्हिस्की, कारें और ब्यूटी प्रोडक्ट्स होंगे बेहद सस्ते; व्यापार के नए युग की शुरुआत। 

जंतर-मंतर पर 18 दिन से सोनम वांगचुक का अनशन: 8.5 किलो वजन घटा, धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर अड़े। 

कुदरत का कहर! बिहार-यूपी सहित 22 राज्यों में आंधी-तूफान और भारी बारिश का अलर्ट, ओडिशा में चेतावनी जारी। 

धर्मशाला में कांग्रेस का अनूठा प्रदर्शन,भगवा पटके पहन राम मंदिर चंदा विवाद पर निकाली पदयात्रा, सामूहिक भजन-कीर्तन कर घेरी सरकार। 

कर्नाटक में सूखे का हाहाकार: सीएम शिवकुमार ने पीएम मोदी को लिखा पत्र, तुरंत मदद की गुहार। 

राहुल गांधी की देहरादून रैली का बदला वैन्यू: परेड ग्राउंड में नहीं मिली इजाजत, पुलिस से तीखी नोकझोंक के बाद बन्नू स्कूल मैदान तय। 

उत्तराखंड के 12 जिलों में उप प्रधान पद के लिए आज जंग: पोलिंग पार्टियां रवाना, शाम तक आ जाएंगे नतीजे। 

उत्तराखंड में मानसून पर लगा 'ब्रेक',मैदानी इलाकों में उमस का टॉर्चर जारी, देहरादून में 35°C के पार पहुंचा पारा। 

बद्रीनाथ मंदिर चढ़ावा हेराफेरी मामले में बड़ी कार्रवाई: खजांची संदेश मेहता हटाए गए, दान रजिस्टर में मिलीं भारी कमियां। 

हेडलाइंस के बाद आइए अब रुख करते हैं आज की बड़ी खबरों की तरफ, वाशिंगटन। रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच रूसी तेल आयात करने वाले देशों के खिलाफ अमेरिका ने अब तक का सबसे कड़ा रुख अख्तियार कर लिया है। अमेरिकी संसद (कैपिटल हिल) में दोनों प्रमुख दलों डेमोक्रेटिक और रिपब्लिकन के सीनेटरों ने मिलकर एक बेहद सख्त और व्यापक प्रतिबंधों वाला विधेयक पेश किया है। इस विधेयक में रूसी कच्चे तेल की खरीद जारी रखने वाले देशों पर 100 फीसदी तक भारी-भरकम टैरिफ (शुल्क) लगाने का प्रावधान किया गया है। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि इस विधेयक में भारत समेत दुनिया के पांच प्रमुख देशों को सीधे तौर पर नामजद किया गया है। इस बहुप्रतीक्षित बिल को कुछ सांसद "लिंडसे ग्राहम रूस अकाउंटेबिलिटी बिल" कह रहे हैं। इसे रिपब्लिकन सीनेटर लिंडसे ग्राहम के निधन के तुरंत बाद पेश किया गया है, जिन्होंने करीब दो वर्षों तक इस पर कड़ी मेहनत की थी। दिवंगत सीनेटर ग्राहम तो रूसी तेल खरीदारों पर 500 फीसदी तक टैरिफ लगाने के पक्ष में थे। मंगलवार को डेमोक्रेटिक सीनेटर रिचर्ड ब्लूमेंथल और रिपब्लिकन सीनेटर रोजर विकर सहित दोनों दलों के एक दर्जन से अधिक सांसदों ने इसे मिलकर पेश किया। मुख्य डेमोक्रेटिक प्रायोजक रिचर्ड ब्लूमेंथल ने स्पष्ट किया कि यह विधेयक केवल शुल्क लगाने तक सीमित नहीं है। इसके तहत रूस की अर्थव्यवस्था के मुख्य स्तंभों ऊर्जा और वित्तीय क्षेत्र, रक्षा उद्योग, रूसी उद्योगपतियों (ऑलिगार्क्स) तथा स्वयं राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन पर भी पूर्ण प्रतिबंध लगाने का खाका तैयार किया गया है।

डलास। फीफा विश्व कप 2026 के पहले हाई-वोल्टेज सेमीफाइनल मुकाबले में स्पेन ने इतिहास रचते हुए फ्रांस को 2-0 से शिकस्त दे दी है। इस धमाकेदार जीत के साथ ही स्पेन ने दूसरी बार विश्व कप के फाइनल में अपनी जगह पक्की कर ली है। डलास स्टेडियम में खेले गए इस मैच में स्पेनिश टीम ने खेल के हर मोर्चे पर फ्रांसीसी आक्रमण को पूरी तरह बेअसर कर दिया। अब खिताब के लिए स्पेन का सामना रविवार को न्यूयॉर्क के न्यू जर्सी स्टेडियम में इंग्लैंड और अर्जेंटीना के बीच होने वाले दूसरे सेमीफाइनल के विजेता से होगा। मैच की शुरुआत बेहद रोमांचक रही। फ्रांस के स्टार स्ट्राइकर किलियन एम्बाप्पे ने अपनी तूफानी गति से स्पेनिश डिफेंस में सेंध लगाने की कोशिश की, लेकिन स्पेन के अनुशासित खेल के आगे उनकी एक न चली। मैच का रुख 22वें मिनट में बदला, जब 19 वर्षीय युवा सनसनी लामिन यमाल को बॉक्स के अंदर फ्रांस के डिफेंडर लुकास डिग्ने ने फाउल कर दिया। रेफरी ने बिना देर किए पेनल्टी का इशारा किया, जिसे मिकेल ओयरजाबल ने बिना कोई गलती किए गोल में तब्दील कर स्पेन को 1-0 की शुरुआती बढ़त दिला दी। फ्रांस के गोलकीपर माइक मेन्यां ने सही अनुमान लगाया, लेकिन ओयरजाबल का शॉट इतना सटीक था कि वे उसे रोक नहीं पाए।

तेहरान। मिडिल ईस्ट में तनाव चरम पर पहुंच गया है। ईरान की 'इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स' ने मंगलवार को बहरीन और कुवैत में स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर भीषण मिसाइल और ड्रोन हमले करने का दावा किया है। ईरान ने इसे 'ऑपरेशन नस्र 2' के तीसरे चरण का नाम दिया है, जो तेहरान पर हाल ही में हुए अमेरिकी हमलों का बदला है। ईरानी सरकारी ब्रॉडकास्टर के अनुसार, आईआरजीसी की नौसेना और वायुसेना ने एक साथ इस बड़े ऑपरेशन को अंजाम दिया। ईरान का दावा है कि बहरीन में स्थित अमेरिका के 'शेख ईसा एयर बेस' पर हमला कर उनके हथियार डिपो, सैन्य उपकरण शेड और लड़ाकू विमानों के कलपुर्जों को भारी नुकसान पहुंचाया गया है। वहीं, कुवैत के 'अली अल सलेम एयर बेस' पर अमेरिकी एमक्यू-9 रीपर ड्रोन के ठिकानों को निशाना बनाया गया, जिससे कई ड्रोन पूरी तरह नष्ट हो गए हैं। इस हमले के बाद क्षेत्र में अमेरिकी सेना अलर्ट पर है और बड़े युद्ध का खतरा मंडराने लगा है।

नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट टीम ने नए साल के पहले वनडे मुकाबले में इंग्लैंड के खिलाफ धमाकेदार शुरुआत की है। तीन मैचों की वनडे सीरीज के पहले बेहद रोमांचक मुकाबले में भारत ने इंग्लैंड को 6 विकेट से करारी शिकस्त देकर सीरीज में 1-0 की बढ़त बना ली है। इंग्लैंड की ओर से मिले 259 रनों के लक्ष्य को भारतीय टीम ने 45.2 ओवर में महज 4 विकेट खोकर हासिल कर लिया। भारत की इस शानदार जीत के हीरो कप्तान शुभमन गिल, अक्षर पटेल और वाशिंगटन सुंदर रहे, जिन्होंने बल्ले से बेहतरीन अर्धशतकीय पारियां खेलीं। टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी इंग्लैंड की टीम 47.5 ओवरों में 258 रनों पर ही ढेर हो गई। जवाब में उतरी भारतीय टीम की शुरुआत अच्छी नहीं रही और स्टार बल्लेबाज रोहित शर्मा और विराट कोहली सस्ते में पवेलियन लौट गए। इसके बाद कप्तान शुभमन गिल ने श्रेयस अय्यर के साथ मिलकर तीसरे विकेट के लिए 101 रनों की महत्वपूर्ण साझेदारी की। गिल शानदार लय में दिख रहे थे, लेकिन 80 रन के निजी स्कोर पर पैर में खिंचाव (रिटायर्ड हर्ट) के कारण उन्हें मैदान छोड़ना पड़ा। इसके तुरंत बाद अय्यर और केएल राहुल भी आउट हो गए, जिससे टीम दबाव में आ गई।

नई दिल्ली। 15 जुलाई 2026 का दिन भारत और ब्रिटेन के व्यापारिक रिश्तों के इतिहास में सुनहरे अक्षरों में दर्ज हो गया है। दोनों देशों के बीच लंबे समय से प्रतीक्षित 'फ्री ट्रेड एग्रीमेंट' आज से आधिकारिक तौर पर प्रभावी हो गया है। इस ऐतिहासिक समझौते के लागू होते ही दोनों देशों के बीच आयात और निर्यात पर लगने वाले भारी-भरकम सीमा शुल्क (टैरिफ) में बड़ी कटौती की गई है। इसके परिणामस्वरूप, ब्रिटेन से भारत आने वाले कई लक्जरी और दैनिक उपयोग के उत्पाद अब बेहद सस्ते दामों पर उपलब्ध होंगे। विदेश व्यापार महानिदेशालय द्वारा जारी जानकारी के अनुसार, इस मुक्त व्यापार समझौते का सबसे बड़ा और सीधा फायदा ब्रिटिश स्कॉच और व्हिस्की उद्योग को मिलने जा रहा है। अब तक भारत में आयात होने वाली ब्रिटिश स्कॉच व्हिस्की पर 150 फीसदी का भारी-भरकम टैरिफ लगता था, जिसे अब काफी कम कर दिया गया है। इससे विदेशी शराब के शौकीनों को बड़ी राहत मिलेगी और भारतीय बाजारों में इसकी कीमतें तेजी से गिरेंगी।

नई दिल्ली। प्रसिद्ध शिक्षा सुधारक और लद्दाख के सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक दिल्ली के जंतर-मंतर पर पिछले 18 दिनों से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर हैं। उनकी बिगड़ती सेहत को लेकर अब चौतरफा चिंता जताई जा रही है। वांगचुक का शरीर लगातार कमजोर हो रहा है, मांसपेशियों में गंभीर दर्द है और उनका वजन अब तक 8.5 किलोग्राम कम हो चुका है। उनका ब्लड प्रेशर भी गिरकर 109/70 पर आ गया है। हजारों समर्थकों की अपील के बावजूद वे अपनी मांगों को लेकर अडिग हैं। सोनम वांगचुक यह अनशन 'कॉकरोच जनता पार्टी' के संस्थापक के समर्थन में कर रहे हैं। इस आंदोलन की मुख्य मांग देश के शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा है। प्रदर्शनकारियों का गंभीर आरोप है कि मई में आयोजित हुई परीक्षाओं के पेपर लीक होने से देश के लाखों छात्रों का भविष्य अंधकार में लटक गया है। वांगचुक का मानना है कि छात्रों के साथ हुए इस अन्याय के लिए शीर्ष स्तर पर जवाबदेही तय होना जरूरी है। भारत में लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात पहुंचाने के लिए भूख हड़ताल को एक बड़ा हथियार माना जाता रहा है, जिसकी शुरुआत महात्मा गांधी ने स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान की थी। देश के इतिहास में अनशन के कई बड़े नतीजे देखने को मिले हैं।  आज़ादी के बाद 1952 में पोट्टी श्रीरामुलु के 56 दिनों के आमरण अनशन ने सरकार को भाषाई आधार पर आंध्र प्रदेश राज्य बनाने के लिए मजबूर किया था। वहीं, 2011 में अन्ना हजारे के अनशन ने पूरे देश को जगाया और सरकार को लोकपाल बिल लाने पर विवश किया।  दूसरी ओर, कई ऐसे भी आंदोलन रहे जहां लंबा संघर्ष भी पूर्ण सफलता नहीं दिला सका। इरोम शर्मिला ने मणिपुर से एएफएसपीए हटाने के लिए 16 साल लंबी भूख हड़ताल की, लेकिन उनकी सभी मांगें पूरी नहीं हो सकीं।

धर्मशाला। राम मंदिर से जुड़े कथित चंदा विवाद को लेकर हिमाचल प्रदेश के धर्मशाला में सियासी पारा पूरी तरह गरमा गया है। मंगलवार को जिला कांग्रेस कमेटी के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने एक बेहद अनूठा और आक्रामक प्रदर्शन किया। इस विरोध प्रदर्शन की सबसे खास बात यह रही कि कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने गले में भगवा रंग के पटके पहन रखे थे और वे हाथों में केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी वाले पोस्टर लेकर सड़कों पर उतरे। यह पदयात्रा धर्मशाला के मुख्य पोस्ट ऑफिस से शुरू होकर शहर के विभिन्न व्यस्त मार्गों से होते हुए प्रसिद्ध हनुमान मंदिर तक पहुंची। पदयात्रा में शामिल कार्यकर्ताओं के हाथों में 'असली राम भक्त जाग रहे हैं, चंदा चोर भाग रहे हैं' जैसे तीखे नारे लिखे पोस्टर थमे हुए थे। कार्यकर्ताओं ने इस पूरे कथित चंदा विवाद की निष्पक्ष जांच कराने की मांग को लेकर केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और प्रधानमंत्री से नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफे की मांग की। इस बड़े शक्ति प्रदर्शन में कांग्रेस के कई दिग्गज चेहरे एक साथ नजर आए। रैली में राज्यसभा सांसद अनुराग शर्मा, युवा सेवाएं एवं खेल व आयुष मंत्री यादविंद्र गोमा, वरिष्ठ नेत्री विप्लव ठाकुर के साथ ही विधायक आशीष बुटेल, केवल सिंह पठानिया, किशोरी लाल, मलेंद्र राजन, संजय रत्तन और देवेंद्र जग्गी सहित सैकड़ों पदाधिकारी शामिल हुए।

बेंगलुरु। कर्नाटक में सूखे का संकट गहराता जा रहा है, जिससे निपटने के लिए राज्य सरकार ने केंद्र से आपातकालीन मदद मांगी है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए कर्नाटक के मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक पत्र लिखकर मामले में तत्काल हस्तक्षेप करने की मांग की है। मुख्यमंत्री ने पत्र में राज्य के विभिन्न हिस्सों में उभरते गंभीर हालातों का हवाला दिया है। मानसून की बेरुखी के चलते फसलों को भारी नुकसान हुआ है और कई जिलों में पीने के पानी व चारे की किल्लत शुरू हो गई है। शिवकुमार ने केंद्र से राज्य के लिए विशेष राहत पैकेज और केंद्रीय टीम भेजकर स्थिति का आकलन कराने का आग्रह किया है। राज्य सरकार का कहना है कि यह संकट स्थानीय संसाधनों से परे हो चुका है, इसलिए किसानों और आम जनता को राहत देने के लिए केंद्र का तुरंत आगे आना बेहद जरूरी है।

नई दिल्ली। देश के एक बड़े हिस्से में मानसून एक बार फिर रौद्र रूप दिखाने के लिए तैयार है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग ने देश के 22 राज्यों में तेज आंधी-तूफान और मूसलाधार बारिश को लेकर हाई अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग के अनुसार, अगले 12 घंटों के भीतर इन राज्यों में गरज-चमक के साथ झमाझम बारिश होने के आसार हैं। वहीं, दिल्ली-एनसीआर के निवासियों को उमस से थोड़ी राहत मिल सकती है, क्योंकि यहां आसमान में घने बादल छाए रहेंगे। मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, उत्तरी बंगाल की खाड़ी में एक नया कम दबाव का क्षेत्र विकसित हो रहा है। इसके प्रभाव से आगामी 7 दिनों तक पूर्वी उत्तर प्रदेश, बिहार, पूर्वी एवं पूर्वोत्तर भारत और पश्चिमी हिमालयी क्षेत्रों में मानसून बेहद सक्रिय रहेगा। इस सिस्टम के कारण इन इलाकों में मूसलाधार बारिश की गतिविधियां तेजी से बढ़ेंगी। मौसम विभाग ने विशेष रूप से ओडिशा के कई हिस्सों में आज 'अत्यंत भारी बारिश' होने की आशंका जताई है, जिसके चलते स्थानीय प्रशासन को मुस्तैद रहने के निर्देश दिए गए हैं। इसके विपरीत, अगले 6-7 दिनों के दौरान दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत, पश्चिम-मध्य भारत और उत्तर-पश्चिम के मैदानी इलाकों में मानसून की रफ्तार थोड़ी धीमी रहेगी और वहां बारिश का दौर कुछ कम रहेगा।

अब रुख करते हैं उत्तराखंड की ख़बरों की तरफ़, देहरादून। उत्तराखंड में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी के आगामी दौरे से पहले ही सियासी पारा चढ़ गया है। देहरादून के ऐतिहासिक परेड ग्राउंड में होने वाले राहुल गांधी के 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम की अनुमति प्रशासन द्वारा आखिरी वक्त पर रद्द कर दी गई है। अब यह बहुप्रतीक्षित रैली 17 जुलाई को देहरादून के ही बन्नू स्कूल मैदान में आयोजित की जाएगी। इस अचानक हुए बदलाव के बाद देर रात परेड ग्राउंड पर कांग्रेस नेताओं और पुलिस प्रशासन के बीच जमकर नोकझोंक और तीखी बहस देखने को मिली। कांग्रेस नेताओं के मुताबिक, प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने 17 जुलाई को होने वाले इस बड़े कार्यक्रम के लिए परेड ग्राउंड को पूरे तीन दिनों के लिए बुक कराया था और इसके लिए बकायदा तय शुल्क का भुगतान भी कर दिया गया था। इसके बावजूद, कार्यक्रम से ठीक तीन दिन पहले यानी 14 जुलाई की शाम को प्रशासन ने अचानक अनुमति निरस्त कर दी और कांग्रेस को बन्नू स्कूल ग्राउंड में कार्यक्रम करने का विकल्प दिया। प्रशासन के इस फैसले से नाराज कांग्रेसी कार्यकर्ताओं ने मौके पर जमकर विरोध प्रदर्शन किया।

खटीमा। उत्तराखंड के त्रिस्तरीय पंचायत तंत्र को मजबूत करने के लिए आज एक बड़ा सियासी मुकाबला होने जा रहा है। प्रदेश के 12 जिलों में बुधवार यानी 15 जुलाई को उप प्रधान पद के लिए मतदान होना है। शांतिपूर्ण, निष्पक्ष और पारदर्शी चुनाव संपन्न कराने के लिए प्रशासन ने पूरी कमर कस ली है और सभी पोलिंग पार्टियों को सुरक्षा व्यवस्था के साथ मतदान केंद्रों के लिए रवाना कर दिया गया है। विशेष रूप से खटीमा विकासखंड की 59 पंचायत सीटों पर उप प्रधान पद के निर्वाचन के लिए मंगलवार को ब्लॉक परिसर से पोलिंग पार्टियां रवाना की गईं। खंड विकास अधिकारी एवं निर्वाचन अधिकारी संजय गांधी ने बताया कि खटीमा विकासखंड की इन 59 ग्राम पंचायतों में कुल 622 वार्ड सदस्य अपने मताधिकार का प्रयोग कर नए उप प्रधानों का चुनाव करेंगे। इस चुनावी प्रक्रिया को लेकर क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों में भारी उत्साह देखा जा रहा है।

देहरादून। उत्तराखंड में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के बाद अब मानसून की रफ्तार सुस्त पड़ गई है। पिछले तीन दिनों से राज्य के अधिकांश हिस्सों में चटक धूप खिलने के कारण मैदानी इलाकों में भीषण और उमसभरी गर्मी ने लोगों को बेहाल कर दिया है। पहाड़ी क्षेत्रों में जहां हल्की राहत है, वहीं मैदानी जिलों में अधिकतम तापमान सामान्य से तीन से चार डिग्री सेल्सियस अधिक दर्ज किया जा रहा है, जिससे आम जनजीवन पसीने-पसीने हो गया है। प्रादेशिक मौसम विज्ञान केंद्र के मुताबिक, राजधानी देहरादून सहित आसपास के इलाकों में दिनभर खिली तेज धूप के कारण पिछले दो सप्ताह में पहली बार अधिकतम तापमान 35 डिग्री सेल्सियस के आंकड़े को पार कर गया है। उमस के ऊंचे स्तर ने इस गर्मी को और ज्यादा कष्टदायक बना दिया है। मौसम विभाग का अनुमान है कि आज भी मौसम का मिजाज ऐसा ही तल्ख बना रहेगा और चिलचिलाती धूप से राहत मिलने के आसार नहीं हैं।

चमोली। विश्व प्रसिद्ध बद्रीनाथ मंदिर में चढ़ावे और दान में हुई कथित हेराफेरी के मामले में बदरी-केदार मंदिर समिति  ने एक बड़ा कदम उठाया है। जांच के दौरान दान गणना के रजिस्टर में कई गंभीर कमियां और विसंगतियां पाए जाने के बाद मुख्य खजांची संदेश मेहता को पद से तत्काल प्रभाव से हटा दिया गया है। उनके स्थान पर अब पूजा कार्यालय के केदार सिंह रावत को खजांची की नई जिम्मेदारी सौंपी गई है। इस बड़ी कार्रवाई के बाद मंदिर प्रशासन में हड़कंप मच गया है और कई अन्य कर्मचारियों को भी कारण बताओ नोटिस जारी करने की तैयारी चल रही है। बदरीनाथ चढ़ावा प्रकरण की संवेदनशीलता को देखते हुए इस समय त्रिस्तरीय जांच चल रही है। बीकेटीसी की चार सदस्यीय टीम की शुरुआती पड़ताल के बाद अब पुलिस और शासन स्तर पर भी उच्च स्तरीय कमेटियां मामले की तह तक जाने में जुटी हैं। गढ़वाल मंडलायुक्त आनंद स्वरूप की अध्यक्षता में गठित विशेष समिति ने बद्रीनाथ मंदिर पहुंचकर जमीनी स्तर पर पड़ताल की। समिति ने न केवल बीकेटीसी से चढ़ावे की पूरी गणना प्रक्रिया की फाइलें तलब कीं, बल्कि गणना कक्ष (काउंटिंग रूम) की सुरक्षा व्यवस्था का भी बारीकी से मुआयना किया।

देहरादून। उत्तराखंड सरकार ने प्रांतीय रक्षक दल के करीब दस हजार स्वयंसेवकों को एक ऐतिहासिक और बड़ी राहत दी है। अब ड्यूटी या प्रशिक्षण (ट्रेनिंग) के दौरान बीमार अथवा घायल होने पर अस्पताल में भर्ती रहने की अवधि में भी पीआरडी जवानों का मानदेय नहीं कटेगा। शासन ने इस नई कल्याणकारी व्यवस्था के लिए आधिकारिक तौर पर एसओपी जारी कर दी है। सरकार के इस संवेदनशील फैसले से पीआरडी जवानों को बड़ी आर्थिक और सामाजिक सुरक्षा मिलेगी। युवा कल्याण एवं प्रांतीय रक्षक दल मंत्री रेखा आर्या ने बताया कि यह ऐतिहासिक व्यवस्था मुख्यमंत्री की घोषणा के अनुरूप लागू की गई है। पूर्व के नियमों के अनुसार, यदि कोई जवान ड्यूटी के दौरान किसी हादसे का शिकार हो जाता था या गंभीर बीमार होकर अस्पताल में भर्ती होता था, तो उसे उस अवधि का मानदेय नहीं मिलता था। इससे जवानों के परिवारों के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो जाता था। लेकिन अब नई एसओपी के तहत अस्पताल में भर्ती रहने की पूरी अवधि को 'ऑन ड्यूटी' (ड्यूटी पर तैनात) माना जाएगा।

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