Good Morning India:संसद का गतिरोध खत्म करने की कवायद तेज,आज एफसीआरए बिल पेश करेंगे अमित शाह,पीओके चुनाव के बीच भारत पर आतंकी हमले की साजिश,धामी कैबिनेट की अहम बैठक आज: उपनल और संविदा कर्मियों के नियमितीकरण पर टिकीं निगाहें,लिंक में पढ़ें प्रमुख खबरें!

Good Morning India: Efforts to break the parliamentary deadlock intensify; Amit Shah to table the FCRA Bill today; plot for a terror attack on India amidst PoK elections; crucial meeting of the Dhami

नमस्कार दोस्तों, आवाज इंडिया अपना खास कॉलम 'गुड मॉर्निंग इंडिया' लेकर एकबार फिर आपके समक्ष हाजिर है। आईए शुरुआत करते हैं उन सुर्खियों के साथ,जो आज पूरे दिन चर्चा में रहने वाली हैं।

मेटा पर अमेरिकी कोर्ट का बड़ा प्रहार: बच्चों की सुरक्षा में चूक पर ₹5400 करोड़ भरने का आदेश

संसद का गतिरोध खत्म करने की कवायद तेज, आज एफसीआरए बिल पेश करेंगे अमित शाह,नीट आंदोलन पर बयान के आसार

दिल्ली-एनसीआर समेत 15 राज्यों में आज भारी बारिश का यलो अलर्ट, जलभराव से थम गए चक्के,पहाड़ों पर 250 से अधिक सड़कें बंद

क्या खत्म होगा मुफ्त यूपीआई का दौर? लोकसभा से बिल पास, भविष्य में डिजिटल पेमेंट पर लग सकता है एमडीआर चार्ज

पीओके चुनाव के बीच भारत पर आतंकी हमले की साजिश! इंटरसेप्ट बातचीत के बाद सुरक्षा एजेंसियां हाई अलर्ट पर

ईरान युद्ध जल्द होगा खत्म? ट्रंप का बड़ा दावा,बोले-परमाणु हथियार नहीं बनाने देंगे,हथियारों की कमी की खबरें खारिज

45 शहरों को मिलेगी जाम से राहत: ₹2 लाख करोड़ से बनेंगे रिंग रोड और बाईपास, वाराणसी-प्रयागराज-अलीगढ़ शामिल

झारखंड छात्र आंदोलन की दर्दनाक तस्वीर! अध्यक्ष से लेकर आंदोलन तक,बिका 'मां का मंगलसूत्र,खेत रखेगिरवी,सरकारी नौकरी के फेर में नीलाम हुआ युवाओं का भविष्य

दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे पर आज से सिर्फ डाक कांवड़, आम वाहनों की नो एंट्री,अतिम चरण में सख्त प्रबंध

सूर्यपथ तिरंगा से दुनिया में गूंजेगा तिरंगे का गौरव,फिजी से सैन फ्रांसिस्को तक दिखेगी तिरंगे की शान, 54 भारतीय रचेंगे इतिहास

उत्तराखंड में कुदरत का कहर: नदियां चेतावनी निशान के पार,132 सड़कें ठप और आज भी भारी बारिश का येलो अलर्ट

धामी कैबिनेट की अहम बैठक आज: उपनल और संविदा कर्मियों के नियमितीकरण पर टिकीं निगाहें, आ सकते हैं बड़े फैसले

उत्तराखंड कांग्रेस की नई कार्यकारिणी का ऐलान: 5 नई समितियों का गठन, गणेश गोदियाल, हरीश रावत और यशपाल आर्य समेत दिग्गजों को मिली जगह

हरिद्वार में 12 फीट से ऊंची कांवड़ और बड़े डीजे पर रोक, नारसन बॉर्डर से लौटाए वाहन, डाक कांवड़ के अंतिम चरण में हाई अलर्ट

अल्मोड़ा में दराती के दम पर गुलदार से भिड़ी 22 साल की सुनीता: खूंखार जानवर से संघर्ष कर बचाई अपनी जान

हेडलाइंस के बाद आइए अब रुख करते हैं आज की बड़ी खबरों की तरफ-वॉशिंगटन। अमेरिका में इंस्टाग्राम और फेसबुक की पैरेंट कंपनी मेटा को बच्चों और किशोरों की सुरक्षा में लापरवाही भारी पड़ गई है। न्यू मैक्सिको की एक अदालत ने कंपनी को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से युवाओं को हुए नुकसान की भरपाई के लिए 567 मिलियन डॉलर (करीब 5,400 करोड़ रुपये) का भुगतान करने का आदेश दिया है। यह फैसला उस ऐतिहासिक मुकदमे के दूसरे चरण में आया, जिसमें मार्च में भी मेटा को करारा झटका लगा था। जज ब्रायन बिडशाइड के फैसले के अनुसार, कुल राशि में से 420 मिलियन डॉलर युवाओं के इलाज, मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं और पुनर्वास पर खर्च किए जाएंगे। शेष धनराशि अगले पांच वर्षों तक जागरूकता अभियान, रोकथाम कार्यक्रम, स्क्रीनिंग सेवाओं और अन्य सुरक्षा उपायों पर खर्च होगी। इससे पहले मुकदमे के पहले चरण में जूरी ने मेटा पर 375 मिलियन डॉलर का सिविल जुर्माना लगाया था। जूरी ने माना था कि कंपनी को पहले से जानकारी थी कि उसके प्लेटफॉर्म बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य पर नकारात्मक प्रभाव डाल रहे हैं। साथ ही, बच्चों के यौन शोषण से जुड़ी जानकारी छिपाने के आरोप भी सही पाए गए। हालांकि अभियोजन पक्ष ने अदालत से मेटा के लत पैदा करने वाले फीचर्स पर रोक, सख्त आयु सत्यापन और बेहतर प्राइवेसी व्यवस्था लागू करने की मांग की थी, लेकिन अदालत ने कहा कि अमेरिकी कानून कोपा के तहत केवल मेटा को अनिवार्य आयु सत्यापन लागू करने का आदेश नहीं दिया जा सकता। अदालत ने इसे अन्य सोशल मीडिया कंपनियों की तुलना में असमान और अनुचित माना। यह फैसला सोशल मीडिया कंपनियों की बच्चों के प्रति जवाबदेही तय करने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।

नई दिल्ली। संसद के मानसून सत्र में जारी गतिरोध खत्म करने के लिए केंद्र सरकार ने प्रयास तेज कर दिए हैं। सरकार को उम्मीद है कि गृह मंत्री अमित शाह द्वारा संसद में एफसीआरए संशोधन विधेयक पेश किए जाने और नीट पेपर लीक आंदोलन के दौरान हुए बल प्रयोग पर संभावित बयान के बाद सदन की कार्यवाही सुचारु रूप से चल सकेगी। सूत्रों के अनुसार, संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने तीन दिनों में तीसरी बार लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी से बातचीत कर गतिरोध समाप्त करने का आग्रह किया। सरकार ने कांग्रेस से महिला आरक्षण और परिसीमन से जुड़े संविधान संशोधन विधेयकों का समर्थन भी मांगा है। रिजिजू ने कहा कि महिला आरक्षण में देरी से देश की आधी आबादी के बीच गलत संदेश जाएगा और राजनीतिक मतभेदों के बावजूद संसद चलना जरूरी है। वहीं राहुल गांधी ने अपनी पुरानी मांग दोहराते हुए कहा कि गृह मंत्री अमित शाह पहले नीट आंदोलन में बल प्रयोग और राम मंदिर चढ़ावा चोरी के मुद्दे पर सदन में बयान दें। साथ ही परिसीमन पर सर्वदलीय बैठक बुलाने की भी मांग रखी। सरकारी सूत्रों का कहना है कि यदि विपक्ष सहयोग करता है तो मानसून सत्र की अवधि बढ़ाई जा सकती है या स्वतंत्रता दिवस के बाद विशेष सत्र बुलाकर महिला आरक्षण और परिसीमन विधेयकों को पारित कराने की कोशिश होगी। बताया जा रहा है कि सरकार ने दोनों विधेयकों के लिए आवश्यक दो-तिहाई समर्थन जुटाने का रोडमैप भी तैयार कर लिया है। ऐसे में आज संसद की कार्यवाही पर पूरे देश की नजर रहेगी, क्योंकि इससे लंबे समय से चले आ रहे गतिरोध के समाप्त होने की उम्मीद बढ़ गई है।

नई दिल्ली। देशभर में मानसून का असर तेज हो गया है। दिल्ली-एनसीआर समेत 15 राज्यों में शुक्रवार के लिए मौसम विभाग ने भारी बारिश का यलो अलर्ट जारी किया है। लगातार हो रही बारिश से दिल्ली, गुरुग्राम और कई अन्य शहरों में जलभराव ने जनजीवन प्रभावित कर दिया है, जबकि उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में भूस्खलन के कारण 250 से अधिक सड़कें बंद हो गई हैं। दिल्ली में गुरुवार को 56 मिमी और गुरुग्राम में 117 मिमी बारिश दर्ज की गई। तेज बारिश के कारण दिल्ली-जयपुर हाईवे, धौलाकुआं, कालिंदी कुंज, दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे, ग्रीन पार्क और एम्स समेत कई प्रमुख मार्गों पर घंटों लंबा जाम लगा रहा। जगह-जगह घुटनों तक पानी भरने से स्कूली बच्चों, दफ्तर जाने वालों और वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। हालांकि, बारिश से राजधानी के तापमान में 5 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज हुई, जिससे उमस और गर्मी से राहत मिली। पहाड़ी राज्यों में हालात अधिक चुनौतीपूर्ण हैं। उत्तराखंड में 132 और हिमाचल प्रदेश में 120 सड़कें बंद हैं। जम्मू-कश्मीर के शोपियां में भारी बारिश से सेब के बागानों को नुकसान पहुंचा है। उधर, असम में बाढ़ का संकट गहराता जा रहा है, जहां इस सीजन में मरने वालों की संख्या 95 पहुंच गई है और 1.6 लाख से अधिक लोग प्रभावित हैं। मौसम विभाग ने उत्तर प्रदेश, बिहार, राजस्थान, हरियाणा, पंजाब, उत्तराखंड, हिमाचल, जम्मू-कश्मीर और दिल्ली समेत 15 राज्यों में तेज बारिश, 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने और पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन की चेतावनी जारी की है। किसानों, मछुआरों और आम लोगों को सतर्क रहने तथा सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी गई है।

नई दिल्ली। देश में 55 करोड़ से अधिक लोगों की पहली पसंद बन चुके यूपीआई को लेकर बड़ा सवाल खड़ा हो गया है। लोकसभा ने टैक्सेशन एंड अदर लॉज़ अमेंडमेंट बिल, 2026 पारित कर दिया है, जिसके बाद भविष्य में यूपीआई लेन-देन पर मर्चेंट डिस्काउंट रेट (एमडीआर) लागू किए जाने की संभावना बढ़ गई है। हालांकि, सरकार ने फिलहाल किसी भी तरह का शुल्क लागू करने की घोषणा नहीं की है। बिल के जरिए पेमेंट एंड सेटलमेंट सिस्टम एक्ट, 2007 में संशोधन का प्रावधान किया गया है। इससे सरकार को भविष्य में यूपीआई भुगतान पर एमडीआर लागू करने का कानूनी आधार मिलेगा। एमडीआर वह शुल्क होता है, जो व्यापारी डिजिटल भुगतान स्वीकार करने पर बैंक और पेमेंट सेवा प्रदाताओं को देते हैं। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, भविष्य में 2,000 रुपये से अधिक के यूपीआई भुगतान पर 0.25% से 0.5% तक एमडीआर लगाया जा सकता है। हालांकि, यह शुल्क सीधे ग्राहकों से नहीं बल्कि बड़े व्यापारियों से वसूला जा सकता है। छोटे दुकानदारों और व्यक्ति से व्यक्ति होने वाले यूपीआई ट्रांसफर के पहले की तरह मुफ्त रहने की संभावना जताई जा रही है। विशेषज्ञों का कहना है कि फिलहाल यह केवल कानूनी ढांचा तैयार किया गया है। एमडीआर कब लागू होगा, कितना होगा और किन लेन-देन पर लागू होगा, इसका अंतिम फैसला सरकार की अधिसूचना के बाद ही स्पष्ट होगा। सरकार का तर्क है कि तेजी से बढ़ते डिजिटल भुगतान नेटवर्क के संचालन और रखरखाव पर भारी खर्च आता है। ऐसे में भविष्य में डिजिटल भुगतान व्यवस्था को टिकाऊ बनाने के लिए नए नियम लागू किए जा सकते हैं। फिलहाल आम उपभोक्ताओं के लिए यूपीआई सेवा पहले की तरह मुफ्त बनी हुई है।

नई दिल्ली। पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में 10 अगस्त को होने वाले तीसरे चरण के चुनाव के बीच भारत में बड़े आतंकी हमलों की साजिश का इनपुट मिलने के बाद सुरक्षा एजेंसियां हाई अलर्ट पर हैं। सूत्रों के अनुसार, आतंकियों और उनके हैंडलर्स के बीच हुई बातचीत तथा संदेशों के इंटरसेप्ट होने के बाद एजेंसियों ने संभावित खतरे को लेकर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। खुफिया एजेंसियों का अनुमान है कि पाकिस्तान पीओके में जारी राजनीतिक तनाव और चुनावी हालात से अंतरराष्ट्रीय ध्यान हटाने के लिए जम्मू-कश्मीर समेत देश के अन्य हिस्सों में आतंकी घटनाओं को अंजाम दिलाने की कोशिश कर सकता है। इन घटनाओं को अनुच्छेद 370 हटाए जाने के खिलाफ स्थानीय विरोध के रूप में पेश करने की भी आशंका जताई जा रही है। सूत्रों के मुताबिक, संभावित हमलों की जिम्मेदारी आतंकी संगठन द रेजिस्टेंस फ्रंट पर डाली जा सकती है, जिसे लश्कर-ए-तैयबा का मुखौटा संगठन माना जाता है। सुरक्षा एजेंसियों ने सैन्य प्रतिष्ठानों, सुरक्षा बलों के कैंप, धार्मिक स्थलों, भीड़भाड़ वाले बाजारों, परिवहन केंद्रों और महत्वपूर्ण सरकारी संस्थानों को संभावित निशाने की श्रेणी में रखा है। उधर, पीओके के मुजफ्फराबाद, रावलाकोट, कोटली और मीरपुर में बड़ी संख्या में पाकिस्तानी रेंजरों की तैनाती किए जाने की भी सूचना है। रिपोर्टों के अनुसार, संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त सुरक्षा बलों की तैनाती, वाहनों की सघन जांच और निगरानी व्यवस्था को और मजबूत करने के निर्देश जारी किए गए हैं। सुरक्षा एजेंसियां हर संदिग्ध गतिविधि पर कड़ी नजर बनाए हुए हैं।

वाशिंगटन। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के खिलाफ जारी सैन्य अभियान को लेकर एक बेहद महत्वपूर्ण बयान दिया है। ट्रंप ने दावा किया है कि ईरान के खिलाफ चल रहा युद्ध अब ज्यादा लंबा नहीं चलेगा और यह बहुत जल्द समाप्त हो जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस अभियान का मुख्य उद्देश्य ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोकना था।ट्रंप ने कहा कि ईरान के खिलाफ शुरू किया गया अभियान अमेरिका की राष्ट्रीय सुरक्षा के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण है। हालांकि, उन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया कि युद्ध समाप्त करने के लिए आगे क्या रणनीति अपनाई जाएगी। उन्होंने ईरान और ओमान के बीच चल रही वार्ता पर भी कोई टिप्पणी नहीं की, जो होर्मुज जलडमरूमध्य से वाणिज्यिक जहाजों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जारी है। इस दौरान ट्रंप ने अमेरिकी सेना के पास हथियारों और गोला-बारूद की कमी संबंधी खबरों को सिरे से खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि सेना किसी भी सैन्य अभियान के लिए पूरी तरह तैयार है और आवश्यक हथियारों का पर्याप्त भंडार उपलब्ध है। ट्रंप के अनुसार, पैट्रियट, टॉमहॉक और साइडवाइंडर मिसाइलों समेत अन्य सैन्य उपकरणों की मांग जरूर बढ़ी है, लेकिन इनके उत्पादन में तेजी लाई जा रही है। उन्होंने कहा कि उत्पादन बढ़ाने के लिए आवश्यक वित्तीय सहायता अमेरिकी कांग्रेस उपलब्ध कराएगी। ट्रंप के बयान के बाद पश्चिम एशिया में जारी तनाव और संभावित युद्धविराम को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चाएं तेज हो गई हैं। हालांकि, संघर्ष कब और किन शर्तों पर समाप्त होगा, इस पर अभी कोई आधिकारिक संकेत नहीं मिले हैं।

नई दिल्ली। देश के तेजी से बढ़ते शहरी यातायात को सुगम बनाने के लिए केंद्र सरकार ने बड़ा इंफ्रास्ट्रक्चर प्लान तैयार किया है। सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने 5 लाख से अधिक आबादी वाले 45 शहरों में रिंग रोड, बाईपास और राजमार्ग चौड़ीकरण की करीब 2 लाख करोड़ रुपये की परियोजनाएं तैयार की हैं। चालू वित्त वर्ष में केंद्रीय कैबिनेट की मंजूरी मिलने के बाद इन परियोजनाओं पर काम शुरू होने की उम्मीद है। सरकार ने देश के 83 बड़े शहरों को जाम मुक्त बनाने के लिए चिन्हित किया है। इनमें से तीन शहरों में परियोजनाएं पूरी हो चुकी हैं, जबकि 35 शहरों में रिंग रोड और बाईपास निर्माण की स्वीकृति मिल चुकी है या प्रक्रिया अंतिम चरण में है। उत्तर प्रदेश के वाराणसी, प्रयागराज और अलीगढ़ को भी इस महत्वाकांक्षी योजना में शामिल किया गया है। इन तीनों शहरों के लिए करीब 12,500 करोड़ रुपये की परियोजनाएं प्रस्तावित हैं। अलीगढ़ में 1,450 करोड़ रुपये की लागत से अलीगढ़-मुरादाबाद मार्ग और रिंग रोड का निर्माण होगा। प्रयागराज में पहले चरण के बाद अब 6,000 करोड़ रुपये की लागत से दूसरे चरण का कार्य शुरू किया जाएगा, जबकि वाराणसी में 5,000 करोड़ रुपये की लागत से नई रिंग रोड बनाने का प्रस्ताव है। योजना में देहरादून के ईस्टर्न बाईपास और रिंग रोड के लिए 1,715 करोड़ रुपये, जबकि दिल्ली की सात प्रमुख सड़क परियोजनाओं पर 16,000 करोड़ रुपये से अधिक खर्च किए जाएंगे। सरकार का मानना है कि इन परियोजनाओं के पूरा होने से शहरों में ट्रैफिक जाम कम होगा, यात्रा का समय घटेगा और आर्थिक गतिविधियों के साथ-साथ माल परिवहन को भी नई गति मिलेगी।

रांची। राजधानी के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में जुटा हजारों छात्रों का सैलाब किसी राजनीतिक रैली का हिस्सा नहीं, बल्कि झारखंड के उस युवा वर्ग की सिसकी है जिसकी जवानी सरकारी नौकरी की आस में दीमक की तरह चाट रही है। 12 साल से किताबों में आंखें फोड़ते छात्र अब सिर्फ नौकरी नहीं, अपने खून-पसीने के साथ हुए अन्याय का हिसाब मांग रहे हैं। आंदोलन के बीच से उभरती कहानियां किसी का भी कलेजा कंपा देने के लिए काफी हैं। बोकारो से आए रवि महतो रुंधे गले से पूछते हैं, "मां ने मंगलसूत्र बेच दिया, पिता ने खेत गिरवी रख दिए। अगर नौकरियां भ्रष्टाचारियों और पैसे वालों की ही होनी थीं, तो हमें पढ़ने क्यों भेजा गया?" वहीं आरती पांडेय की कहानी निष्पक्षता पर बड़ा सवाल खड़ी करती है। पिता गैस एजेंसी में मामूली काम करते हैं, घर में बीमारी आ जाए तो दूसरों के आगे हाथ फैलाना पड़ता है। आरती का चयन लेडी सुपरवाइजर पद पर हो चुका था, लेकिन परीक्षा रद्द होने से उनकी उम्मीदें एक झटके में ढेर हो गईं। 12 वर्षों से तैयारी कर रहे प्रदीप को अब बस इस बात का खौफ सता रहा है कि विवादों के इस फेरजाल में कहीं उनकी उम्र ही न निकल जाए। स्टेडियम में गूंजती ये आवाजें केवल गुस्सा नहीं, बल्कि टूटते सपनों की चीख हैं। इन युवाओं की मांग अब खैरात की नौकरी नहीं, बल्कि पारदर्शी प्रक्रिया और न्याय की है। सवाल यह है कि अपनी जवानी दांव पर लगाने वाले इन छात्रों का दर्द क्या व्यवस्था के कानों तक पहुंचेगा?

गाजियाबाद। कांवड़ यात्रा के अंतिम चरण को देखते हुए शुक्रवार शाम से दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे (डीएमई) पर आम वाहनों की आवाजाही पूरी तरह प्रतिबंधित कर दी जाएगी। मेरठ की ओर जाने वाली लेन केवल डाक कांवड़ के लिए आरक्षित रहेगी, जबकि पैदल और बाइक से आने वाले कांवड़ियों को वैकल्पिक मार्गों से भेजा जाएगा। डीसीपी ट्रैफिक त्रिगुन बिसेन ने बताया कि मेरठ पुलिस के साथ समन्वय कर विशेष डायवर्जन योजना लागू की जा रही है। बढ़ती कांवड़ियों की संख्या को देखते हुए डीएमई के तीनों प्रवेश बिंदु बंद रहेंगे, हालांकि गाजियाबाद की ओर उतरने वाले वाहनों के लिए निकासी मार्ग खुले रहेंगे। दिल्ली से मेरठ जाने वाले वाहनों को एनएच-9 के रास्ते डासना कट और हापुड़ होकर भेजा जाएगा। उधर, शहर में जाम की समस्या को कम करने के लिए जीटी रोड और कनावनी मार्ग के कई बंद कट दोबारा खोल दिए गए हैं। पहले इन कटों के बंद होने से लोगों को 15 मिनट का सफर तय करने में 45 मिनट तक का समय लग रहा था। यातायात पुलिस ने हालात की समीक्षा के बाद यह फैसला लिया है। दूधेश्वरनाथ मंदिर में बढ़ती श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए चौधरी मोड़, गोशाला फाटक, हापुड़ तिराहा, कैला भट्ठा और पटेलनगर फ्लाईओवर समेत कई मार्गों पर वाहनों की आवाजाही प्रतिबंधित रहेगी। पुलिस ने लोगों से यात्रा पर निकलने से पहले डायवर्जन योजना की जानकारी लेने और वैकल्पिक मार्गों का उपयोग करने की अपील की है। अधिकारियों ने संकेत दिए हैं कि जरूरत पड़ने पर प्रतिबंधों को और सख्त किया जा सकता है।

नई दिल्ली। भारत की आजादी की 80वीं वर्षगांठ पर इस बार 'हर घर तिरंगा' अभियान को वैश्विक स्वरूप देते हुए पहली बार 'सूर्यपथ तिरंगा' पहल शुरू की जाएगी। इस अनूठे अभियान के तहत फिजी से लेकर अमेरिका के सैन फ्रांसिस्को तक स्थित भारत के 54 उच्चायोग, दूतावास और वाणिज्य दूतावास अलग-अलग समय क्षेत्रों में तिरंगे की तस्वीरों का डिजिटल रिले करेंगे। विदेश मंत्रालय के अनुसार, यह डिजिटल यात्रा भारत की सबसे पूर्वी राजनयिक मौजूदगी फिजी से शुरू होगी और पश्चिम की ओर बढ़ते हुए सैन फ्रांसिस्को स्थित भारतीय वाणिज्य दूतावास तक पहुंचेगी। इसका उद्देश्य दुनिया भर में भारतीय तिरंगे के सम्मान और राष्ट्रीय एकता का संदेश फैलाना है। 9 से 17 अगस्त तक चलने वाले 'हर घर तिरंगा' अभियान के दौरान देशभर में 'सेल्फी विद तिरंगा', बाइक रैली, सैन्य बैंड की प्रस्तुतियां, सामूहिक 'वंदे मातरम्' गायन और कराओके शैली में इसकी ऑनलाइन रिकॉर्डिंग अपलोड करने जैसे कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इस वर्ष 'वंदे मातरम्' के 150 वर्ष पूरे होने पर विशेष आयोजन भी किए जाएंगे। केंद्रीय संस्कृति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने कहा कि अभियान का उद्देश्य देश और विदेश में बसे भारतीयों के बीच राष्ट्रभक्ति और तिरंगे के प्रति सम्मान की भावना को और मजबूत करना है। वहीं विदेश मंत्रालय ने बताया कि भारतीय मिशनों में 'भारत को जानो' प्रश्नोत्तरी, चित्रकला प्रतियोगिताएं और भारतीय लोककलाओं पर कार्यशालाएं भी आयोजित होंगी। सरकार का मानना है कि 'सूर्यपथ तिरंगा' भारत की सांस्कृतिक विरासत और राष्ट्रीय गौरव को वैश्विक मंच पर नई पहचान देने वाला ऐतिहासिक अभियान साबित होगा।

आइए अब नज़र डालते हैं उत्तराखंड की ख़बरों पर-देहरादून। उत्तराखंड में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। मौसम विभाग ने आज (7 अगस्त) उत्तरकाशी, देहरादून, टिहरी, रुद्रप्रयाग और बागेश्वर जिलों में भारी बारिश और आकाशीय बिजली चमकने का 'येलो अलर्ट' जारी किया है। वहीं मैदानी इलाकों में भी गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना जताई गई है।जबकि हरिद्वार और ऊधमसिंह नगर में भी लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। भारी बारिश के कारण राज्य में भूस्खलन और भूधंसाव की घटनाएं बढ़ गई हैं। चार राष्ट्रीय राजमार्ग, चार स्टेट हाईवे, एक मुख्य जिला मार्ग समेत 132 सड़कें बंद हैं। सबसे अधिक प्रभावित जिले चमोली, पौड़ी, टिहरी, उत्तरकाशी और पिथौरागढ़ हैं, जहां सड़क संपर्क बाधित होने से लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। लोक निर्माण विभाग बंद मार्गों को खोलने में जुटा है। बारिश से नदियों का जलस्तर भी लगातार बढ़ रहा है। हरिद्वार और खानपुर में गंगा चेतावनी रेखा पार कर चुकी है, जबकि ऋषिकेश में गंगा का जलस्तर चेतावनी स्तर से 25 सेंटीमीटर ऊपर दर्ज किया गया। त्रिवेणी घाट और परमार्थ निकेतन का आरती स्थल जलमग्न हो गया है। वहीं रुद्रप्रयाग, चमोली और पिथौरागढ़ में अलकनंदा, मंदाकिनी, नंदाकिनी, पिंडर, काली, गोरी और सरयू नदियां भी खतरे के स्तर के करीब बह रही हैं। मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने सभी जिलों को 24 घंटे निगरानी रखने, डैमों से पानी छोड़ने से पहले लोगों को अलर्ट करने और मौसम संबंधी चेतावनियां अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के निर्देश दिए हैं। प्रशासन ने निचले इलाकों के लोगों से सतर्क रहने और अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की है।

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में आज (शुक्रवार) उत्तराखंड मंत्रिमंडल की एक बेहद महत्वपूर्ण बैठक होने जा रही है। सचिवालय में दोपहर 12 बजे से आयोजित होने वाली इस कैबिनेट बैठक में प्रदेश के विकास और जनहित से जुड़े कई बड़े प्रस्तावों पर मुहर लग सकती है।सूत्रों के अनुसार, बैठक में लंबे समय से चर्चा में रहे उपनल कर्मचारियों को 'समान कार्य के लिए समान वेतन' देने के प्रस्ताव पर विचार हो सकता है। इसके साथ ही संविदा कर्मचारियों के नियमितीकरण का मुद्दा भी कैबिनेट के एजेंडे में शामिल होने की संभावना है। यदि इन प्रस्तावों पर मुहर लगती है तो हजारों कर्मचारियों को बड़ी राहत मिल सकती है। इसके अलावा स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने, सरकारी विभागों में प्रशासनिक सुधार, कौशल विकास कार्यक्रमों के विस्तार और परिवहन व्यवस्था से जुड़े कई प्रस्तावों पर भी कैबिनेट की मंजूरी मिलने की उम्मीद है। राज्य सरकार की यह बैठक इसलिए भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि इसमें कर्मचारियों, युवाओं और आम जनता से जुड़े कई फैसले लिए जा सकते हैं। विभिन्न कर्मचारी संगठनों और प्रदेशवासियों की नजरें कैबिनेट के निर्णयों पर टिकी हैं। बैठक के बाद सरकार की ओर से लिए गए फैसलों की आधिकारिक जानकारी जारी की जाएगी। माना जा रहा है कि इन निर्णयों का असर राज्य की प्रशासनिक व्यवस्था, रोजगार और जनकल्याण योजनाओं पर व्यापक रूप से देखने को मिलेगा।

देहरादून। उत्तराखंड कांग्रेस ने संगठन को नई मजबूती देने के उद्देश्य से प्रदेश कार्यकारिणी का ऐलान कर दिया है। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) की मंजूरी के बाद जारी नई सूची में वरिष्ठ नेताओं के साथ युवा चेहरों को भी अहम जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। साथ ही संगठनात्मक गतिविधियों को गति देने के लिए पांच नई समितियों का भी गठन किया गया है। नई कार्यकारिणी में गोदावरी थपलियाल को प्रदेश कोषाध्यक्ष नियुक्त किया गया है। इसके अलावा 24 प्रदेश उपाध्यक्ष, 36 प्रदेश महासचिव और 107 प्रदेश सचिव बनाए गए हैं। पार्टी का कहना है कि नई टीम आगामी संगठनात्मक अभियानों और चुनावी तैयारियों को मजबूती से आगे बढ़ाएगी। एआईसीसी के महासचिव के.सी. वेणुगोपाल की ओर से जारी सूची के अनुसार कार्यकारिणी समिति, घोषणापत्र समिति, अनुशासनात्मक कार्रवाई समिति, एसआईआर समिति और चार्जशीट समिति का गठन तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है। कार्यकारिणी समिति में हरीश रावत, प्रीतम सिंह, गणेश गोदियाल, यशपाल आर्य, करन माहरा, भुवन चंद्र कापड़ी, डॉ. हरक सिंह रावत, काजी निजामुद्दीन और गुरदीप सिंह सप्पल समेत 41 वरिष्ठ नेताओं को शामिल किया गया है। वहीं घोषणापत्र समिति की जिम्मेदारी भुवन कापड़ी, अनुशासनात्मक कार्रवाई समिति की कमान विक्रम सिंह नेगी, एसआईआर समिति की अध्यक्षता मनोज रावत और चार्जशीट समिति की कमान करन माहरा को सौंपी गई है। कांग्रेस नेतृत्व का कहना है कि नए संगठनात्मक ढांचे से पार्टी को बूथ स्तर तक मजबूत करने, कार्यकर्ताओं के बीच समन्वय बढ़ाने और आगामी चुनावों की तैयारियों को नई गति मिलेगी।

हरिद्वार। कांवड़ यात्रा के अंतिम चरण में श्रद्धालुओं की बढ़ती भीड़ को देखते हुए हरिद्वार प्रशासन ने सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को लेकर सख्ती बढ़ा दी है। निर्धारित मानकों से बड़ी कांवड़ और डीजे लेकर पहुंचे कई वाहनों को नारसन बॉर्डर से ही वापस लौटा दिया गया। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि 10 फीट से अधिक चौड़ाई और 12 फीट से अधिक ऊंचाई वाली कांवड़ या डीजे को जिले में प्रवेश की अनुमति नहीं दी जाएगी। जिलाधिकारी मयूर दीक्षित के निर्देश पर पुलिस और प्रशासन संयुक्त रूप से मानकों का पालन सुनिश्चित करा रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि यह निर्णय कांवड़ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा, सुचारु यातायात और किसी भी अप्रिय घटना से बचाव के लिए लिया गया है। पंचक समाप्त होने के बाद हरिद्वार में डाक कांवड़ यात्रियों की संख्या तेजी से बढ़ी है। बैरागी कैंप समेत शहर के विभिन्न क्षेत्रों में उत्तर प्रदेश, हरियाणा, दिल्ली और अन्य राज्यों से शिवभक्तों के जत्थे लगातार पहुंच रहे हैं। अगले चार दिनों को कांवड़ यात्रा का सबसे संवेदनशील और व्यस्त दौर माना जा रहा है। भीड़ नियंत्रण, पार्किंग और यातायात संचालन के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। प्रशासन ने कांवड़ियों और आयोजकों से निर्धारित गाइडलाइन का पालन करने की अपील की है। एसएसपी नवनीत सिंह भुल्लर ने बताया कि डाक कांवड़ वाहनों के सुरक्षित प्रवेश और निकासी के लिए विशेष ट्रैफिक प्लान लागू किया गया है। पुलिस का फोकस हरिद्वार से उत्तर प्रदेश सीमा तक यातायात को सुचारु बनाए रखने और श्रद्धालुओं की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने पर है।

अल्मोड़ा। उत्तराखंड के पहाड़ी इलाकों में जंगली जानवरों का आतंक थमने का नाम नहीं ले रहा है। अल्मोड़ा जिले के स्याल्दे ब्लॉक अंतर्गत बबलिया ग्राम पंचायत (मयाल तोक) में एक 22 वर्षीय युवती ने अदम्य साहस का परिचय देते हुए खूंखार गुलदार के दांत खट्टे कर दिए। घटना गुरुवार देर शाम की है, जब हर सिंह कत्यूरा की 22 वर्षीय पुत्री सुनीता मवेशियों के लिए घर से कुछ दूरी पर घास लेने गई थी। इसी दौरान झाड़ियों में छिपे गुलदार ने अचानक उस पर हमला कर दिया। अचानक हुए हमले से डरे बिना सुनीता ने साहस से काम लिया। उसने जोर-जोर से चीखना-चिल्लाना शुरू किया और हाथ में मौजूद दराती से सीधे गुलदार का मुकाबला करने लगी। युवती की चीख-पुकार सुनकर परिजन और ग्रामीण हाथों में लाठी-डंडे लेकर घटनास्थल की ओर दौड़े। ग्रामीणों का भारी शोर सुनकर गुलदार युवती को छोड़कर जंगल की ओर भाग निकला। गुलदार के हमले में गंभीर रूप से घायल सुनीता को तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) देघाट में भर्ती कराया गया है, जहां उसका इलाज चल रहा है। घटना की सूचना मिलते ही वन अनुभाग अधिकारी चंद्रशेखर त्रिपाठी की टीम मौके पर पहुंची। ग्रामीणों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए इलाके में ट्रैप कैमरे और पिंजरा लगाने की कार्रवाई शुरू कर दी गई है, साथ ही वन कर्मियों ने गांव में गश्त बढ़ा दी है।

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