रुद्रपुर में पुरानी पेंशन बहाली को लेकर कर्मचारियों का उग्र प्रदर्शन! साइकिलिंग से दिया अनोखा संदेश, सरकार को चेतावनी
रुद्रपुर। उधम सिंह नगर जिले में पुरानी पेंशन बहाली की मांग को लेकर रविवार को शिक्षक, कर्मचारी और विभिन्न संगठनों के लोग सड़कों पर उतर आए। नेशनल मूवमेंट फॉर ओल्ड पेंशन स्कीम (NMOPS) के बैनर तले आयोजित इस प्रदर्शन में कर्मचारियों का आक्रोश साफ देखने को मिला। बड़ी संख्या में एकत्रित हुए कर्मचारियों ने नई पेंशन योजना (NPS) और यूनिफाइड पेंशन स्कीम (UPS) का विरोध करते हुए पुरानी पेंशन योजना (OPS) को बहाल करने की मांग दोहराई। प्रदर्शन की शुरुआत गांधी पार्क से हुई, जहां विभिन्न विभागों के कर्मचारी एकजुट होकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते नजर आए। इसके बाद सभी प्रदर्शनकारी जुलूस के रूप में कलेक्ट्रेट की ओर बढ़े। इस दौरान माहौल उस समय और गरमा गया जब कलेक्ट्रेट का गेट बंद कर दिया गया, जिससे नाराज कर्मचारियों ने गेट के बाहर ही जोरदार प्रदर्शन शुरू कर दिया। इस आंदोलन के बीच एक अनोखी पहल भी देखने को मिली। सितारगंज से रुद्रपुर तक मोहित तिवारी ने साइकिल चलाकर अपनी मांगों को अलग अंदाज में उठाया। मोहित तिवारी, जो एजुकेशनल मिनिस्ट्रियल ऑफिसर्स एसोसिएशन के जिला सचिव हैं, ने बताया कि उनका उद्देश्य केवल विरोध करना नहीं, बल्कि समाज को जागरूक करना और स्वास्थ्य के प्रति प्रेरित करना भी है।
उन्होंने कहा कि साइकिलिंग के माध्यम से वे एक सकारात्मक संदेश देना चाहते हैं, ताकि लोग स्वास्थ्य के प्रति भी सजग रहें और साथ ही कर्मचारियों की आवाज भी सरकार तक पहुंचे। मोहित तिवारी ने यह भी बताया कि वे पहले भी नशा मुक्ति और स्वास्थ्य जागरूकता जैसे अभियानों में सक्रिय रूप से भाग लेते रहे हैं। उनका यह प्रयास आंदोलन को एक नई दिशा देने के साथ-साथ समाज में सकारात्मक सोच को बढ़ावा देने का भी प्रयास है। दर्शन के दौरान मौके पर पहुंचे तहसीलदार दिनेश कुटिल को कर्मचारियों ने ज्ञापन सौंपा। इस ज्ञापन के माध्यम से कर्मचारियों ने मुख्यमंत्री तक अपनी मांग पहुंचाने की अपील की। ज्ञापन में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि 1 जनवरी 2004 के बाद नियुक्त सभी कर्मचारियों को पुरानी पेंशन योजना का लाभ दिया जाए। कर्मचारियों का कहना है कि नई पेंशन योजना उनके भविष्य को असुरक्षित बनाती है और इससे उन्हें आर्थिक स्थिरता नहीं मिलती। इसलिए वे पुरानी पेंशन व्यवस्था की बहाली को लेकर लंबे समय से आंदोलन कर रहे हैं। कर्मचारियों ने साफ चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर जल्द कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया, तो आंदोलन को और अधिक उग्र किया जाएगा।