टांडा के जंगल में हाथियों का तांडव: घर लौट रहे जीजा-साले को बेरहमी से कुचला,दोनों की मौत

Elephants rampage in Tanda forest: Brother-in-law and brother-in-law returning home brutally trampled to death

तराई के जंगलों में हाथियों का आतंक थमने का नाम नहीं ले रहा है। बीती देर रात टांडा के घने जंगल में हाथियों के एक झुंड ने फेरी लगाकर घर लौट रहे जीजा-साले पर जानलेवा हमला कर दिया। इस रोंगटे खड़े कर देने वाली घटना में हाथियों ने दोनों को पैरों तले बुरी तरह कुचल दिया, जिससे दोनों की दर्दनाक मौत हो गई। मृतकों की पहचान मूल रूप से उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर निवासी जाफिर और शकील के रूप में हुई है।

जानकारी के अनुसार,जाफिर रुद्रपुर में रहकर मेहनत-मजदूरी करता था, जबकि उसका साला शकील हल्द्वानी का निवासी था। दोनों अपनी इलेक्ट्रिक स्कूटी से काम निपटाकर देर रात घर लौट रहे थे। टांडा के पास अचानक उनका सामना हाथियों के एक झुंड से हो गया। प्रत्यक्षदर्शियों और शुरुआती जांच के अनुसार, उनकी शांत चलने वाली इलेक्ट्रिक स्कूटी अचानक हाथियों के झुंड के बेहद करीब पहुँच गई और टकरा गई। झुंड में छोटे बच्चे भी शामिल थे, जिससे हाथी अत्यधिक आक्रामक हो गए और उन्होंने दोनों पर हमला बोल दिया। हाथियों का हमला इतना बर्बर था कि जाफिर की मौके पर ही मौत हो गई। वन विभाग और पुलिस को मिले शव की स्थिति देख हर कोई दहल गया। जाफिर की पसलियां पूरी तरह टूट चुकी थीं। वहीं शकील को लहूलुहान हालत में अस्पताल ले जाया जा रहा था, लेकिन उसने रास्ते में ही दम तोड़ दिया। शकील के दोनों कानों से खून बह रहा था और हाथी के पैर के दबाव से उसका बायां चेहरा बुरी तरह फूल गया था, जबकि उसकी बाईं आंख को भी गंभीर क्षति पहुँची थी। इस दोहरी मौत की घटना से पूरे क्षेत्र में भारी दहशत और शोक का माहौल है। स्थानीय लोगों का कहना है कि टांडा के जंगल में हाथियों की आवाजाही लगातार बढ़ रही है, लेकिन सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम नहीं हैं। विशेष रूप से हाथियों के झुंड में बच्चों की मौजूदगी उन्हें और अधिक संवेदनशील और खतरनाक बना देती है। वन विभाग ने घटना स्थल का मुआयना कर जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि रात के समय जंगल के रास्तों पर आवाजाही के दौरान विशेष सावधानी बरतें। वहीं, ग्रामीणों ने वन विभाग से हाथियों के मूवमेंट की नियमित निगरानी और सोलर फेंसिंग जैसी व्यवस्था करने की मांग की है।