इबोला वायरस ने बढ़ाई टेंशनः इस देश में मचा हाहाकार! 900 के पार पहुंची मामलों की संख्या, भारत सरकार ने जारी किया बड़ा अलर्ट
नई दिल्ली। अफ्रीकी देश कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य में एक बार फिर इबोला वायरस का खतरा तेजी से बढ़ता जा रहा है। देश के पूर्वी हिस्से में फैल रहे संक्रमण ने स्वास्थ्य एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है। कांगो सरकार के ताजा आंकड़ों के अनुसार, देश में इबोला वायरस के संदिग्ध मामलों की संख्या 900 के पार पहुंच गई है, जबकि बड़ी संख्या में संदिग्ध मौतों की भी पुष्टि की गई है। इस गंभीर स्थिति को देखते हुए विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के साथ-साथ भारत सरकार ने भी सतर्कता बढ़ा दी है और प्रभावित देशों से आने वाले यात्रियों के लिए विशेष स्वास्थ्य एडवाइजरी जारी की है। कांगो के संचार मंत्रालय ने रविवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर जानकारी देते हुए बताया कि देश में अब तक 904 संदिग्ध इबोला संक्रमण के मामले सामने आए हैं, जबकि 119 संदिग्ध मौतें दर्ज की गई हैं। इससे पहले सरकारी आंकड़ों में 700 से अधिक संदिग्ध मामलों और 170 से ज्यादा मौतों का उल्लेख किया गया था। आंकड़ों में अंतर को लेकर स्वास्थ्य विशेषज्ञ लगातार समीक्षा कर रहे हैं और वास्तविक स्थिति का आकलन किया जा रहा है। स्वास्थ्य अधिकारियों के अनुसार, इबोला का सबसे अधिक प्रकोप पूर्वी कांगो के इतुरी प्रांत में देखा जा रहा है। यह इलाका लंबे समय से संघर्ष, अस्थिरता और सीमित स्वास्थ्य सुविधाओं से जूझ रहा है, जिससे संक्रमण पर नियंत्रण करना चुनौतीपूर्ण हो गया है।
WHO ने बताया हाई रिस्क, लेकिन वैश्विक खतरा सीमित
विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने कांगो में इबोला के मौजूदा प्रकोप को उच्च जोखिम वाली स्वास्थ्य आपदा करार दिया है। संगठन ने कहा है कि स्थानीय स्तर पर स्थिति गंभीर है और तेजी से नियंत्रण के प्रयास जरूरी हैं। हालांकि WHO ने यह भी स्पष्ट किया है कि फिलहाल इबोला के वैश्विक स्तर पर बड़े पैमाने पर फैलने का खतरा सीमित है, क्योंकि निगरानी और अंतरराष्ट्रीय स्वास्थ्य सुरक्षा व्यवस्था पहले की तुलना में अधिक मजबूत है। इसके बावजूद अंतरराष्ट्रीय यात्रा और सीमापार आवाजाही को देखते हुए सतर्कता बनाए रखने की जरूरत बताई गई है।
भारत सरकार ने जारी की विशेष एडवाइजरी
कांगो में बढ़ते इबोला संक्रमण को देखते हुए भारत सरकार ने भी अलर्ट जारी कर दिया है। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के अधीन डायरेक्टरेट जनरल ऑफ हेल्थ सर्विसेज (DGHS) ने विशेष स्वास्थ्य सलाह जारी करते हुए कहा है कि कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य, युगांडा और दक्षिण सूडान से आने वाले या इन देशों से होकर गुजरने वाले यात्रियों की विशेष निगरानी की जाए। एडवाइजरी में कहा गया है कि यदि किसी यात्री में संक्रमण जैसे लक्षण दिखाई दें, तो वह तुरंत इमिग्रेशन अथॉरिटी और स्वास्थ्य अधिकारियों को इसकी सूचना दे। एयरपोर्ट और अंतरराष्ट्रीय प्रवेश बिंदुओं पर स्क्रीनिंग बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को निर्देश जारी कर अस्पतालों की तैयारी बढ़ाने, आइसोलेशन वार्ड तैयार रखने और निगरानी तंत्र को मजबूत करने को कहा है।
क्या हैं इबोला के लक्षण?
स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, इबोला वायरस संक्रमण के शुरुआती लक्षण सामान्य वायरल संक्रमण जैसे लग सकते हैं, लेकिन यह बेहद खतरनाक और तेजी से गंभीर होने वाली बीमारी है। इसके प्रमुख लक्षणों में तेज बुखार, अत्यधिक कमजोरी, मांसपेशियों में दर्द, सिरदर्द, गले में खराश, उल्टी और दस्त, पेट दर्द, त्वचा पर चकत्ते, आंखों का लाल होना शामिल हैं।
क्या है इबोला वायरस?
इबोला एक घातक वायरल बीमारी है, जो संक्रमित व्यक्ति के शरीर के तरल पदार्थों के संपर्क में आने से फैलती है। इसकी मृत्यु दर काफी अधिक मानी जाती है। पहली बार 1976 में अफ्रीका में इसकी पहचान हुई थी। हालांकि पिछले वर्षों में वैक्सीन और बेहतर उपचार व्यवस्था के चलते इससे निपटने की क्षमता बढ़ी है, लेकिन कमजोर स्वास्थ्य ढांचे वाले क्षेत्रों में यह अब भी गंभीर खतरा बना हुआ है।