Oct 07, 2026 Login
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उत्तराखंड में ईद-उल-अजहा की धूम! सुख शांति के लिए की प्रार्थना

Eid-ul-Azha celebrated in Uttarakhand! Prayers offered for peace and happiness

उत्तराखंड में कुमाऊं से लेकर गढ़वाल तक ईद-उल-अजहा का पर्व धूमधाम से मनाया गया। इस मौके पर जहां नमाजियों में नमाज अदा कर अमन-चैन की दुआ मांगी वहीं एक दूसरे को गले लगकर बधाइयां भी दीं। कुमाऊं के पिथौरागढ़, काशीपुर, हल्द्वानी, नैनीताल समेत कई क्षेत्रों में ईद-उल-अजहा का पर्व धूमधाम से मनाया गया। वहीं, गढ़वाल के हरिद्वार और रुड़की समेत इसकी धूम देखने को मिली। अल्मोड़ा में ईद-उल-अजहा का पर्व धूम देखने को मिला। यहां मुस्लिम समुदाय के लोगों ने एक-दूसरे को गले मिलकर ईद की बधाई दी।  रुड़की शहर और देहात क्षेत्र में ईद-उल-अजहा का त्योहार उत्साह और परंपरा के साथ मनाया गया। ईदगाह और मस्जिदों में ईद की नमाज अदा की गई। लोगों ने एक दूसरे को गले लगाकर ईद-उल-अजहा की बधाई दी। वहीं, लोहाघट में मुस्लिम समुदाय के लोगों ने ईदगाह मैदान में नमाज अदा की। इस दौरान उन्होंने एक-दूसरे को गले मिलकर ईद की बधाई दी। 

हरिद्वार के रुड़की और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में आज ईद उल अजहा के त्यौहार पर ईदगाहों में चिलचिलाती धूप के बीच नमाज अदा की गई है। ईदगाह में हजारों की संख्या में मुस्लिम समाज के लोगों ने ईद उल अजहा की नमाज अदा की है। इस दौरान पुलिस और प्रशासन की तरफ से सुरक्षा को लेकर कड़े इंतजाम भी किए गए। बता दें कि आज देशभर में ईद उल अजहा का त्यौहार मनाया जा रहा है। रुड़की में भी ईद उल अजहा का त्यौहार बड़ी सादगी के साथ मनाया जा रहा है। ईदगाह में नगर और आसपास क्षेत्र से मुस्लिम समाज के लोग ईद उल अजहा की नमाज अदा करने के लिए पहुंचे। हालांकि इस दौरान चिलचिलाती धूप यानी कि तेज गर्मी रही। बावजूद इसके सभी मुस्लिम समाज के लोगों ने ने ईद उल अजहा की नमाज अदा की। ईदगाह में मुफ़्ती सलीम के द्वारा नमाज पढ़ाई गई। इस दौरान मुफ़्ती सलीम ने बताया कि आज गर्मी बहुत ज्यादा हो रही है। बावजूद इसके बड़े ही इत्मीनान के साथ मस्जिदों और ईदगाहों में नमाज़ अदा की गई। नमाज के समय ईदगाह के पास सुरक्षा को देखते हुए पुलिस बल भी मौजूद रहा। इस दौरान उन्होंने कुर्बानी को लेकर भी सभी से अपील की है कि कुर्बानी करते समय सफाई का ध्यान जरूर रखें। कोई भी शख्स मोबाइल से वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर अपलोड न करे। इससे दूसरे धर्म के लोगों को परेशानी हो सकती है। इसी के उन्होंने कुर्बानी का मकसद भी बताया है।