ये कैसी मानसिकताः गुजरात के सुरेंद्रनगर में प्रेमी जोड़े के साथ दरिंदगी! ‘शुद्धिकरण’ के नाम पर बर्बरता, सबके सामने बनवाए संबंध! पेशाब पीने पर किया मजबूर
सुरेंद्रनगर। गुजरात के सुरेंद्रनगर से इंसानियत को झकझोर देने वाला मामला सामने आया है। यहां एक शादीशुदा महिला के अपने पति को छोड़कर दूसरे पुरुष के साथ रहने के फैसले के बाद उसके पति और रिश्तेदारों समेत कुछ लोगों पर बर्बरता करने का आरोप लगा है। खबरों के मुताबिक अपने पति को छोड़कर दूसरे पुरुष के साथ रहने गई एक शादीशुदा महिला को उसके पति और गांव के कुछ लोगों ने पकड़ लिया। आरोप है कि इसके बाद ‘शुद्धिकरण’ के नाम पर उसके साथ ऐसी बर्बरता की गई, जिसने इंसानियत को झकझोर दिया। महिला को पेड़ से बांधा गया, फिर जिस व्यक्ति के साथ वह भागी थी, उसी से सबके सामने यौन संबंध बनाने के लिए मजबूर किया गया। इतना ही नहीं आरोपियों ने इस पूरे घिनौने करतूत का वीडियो भी बना लिया और सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। मामला सामने आने के बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए महिला के पति और उसके रिश्तेदारों समेत कुल नौ आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों में दो महिलाएं भी शामिल बताई गई हैं। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि घटना का वीडियो किसने रिकॉर्ड किया और उसे सोशल मीडिया पर किसने प्रसारित किया। पुलिस के अनुसार, महिला की शादी वापी निवासी एक व्यक्ति से हुई थी। कुछ समय पहले वह अपने पति को छोड़कर चोटिला चली गई थी, जहां वह कथित तौर पर अपने साथी के साथ करीब तीन महीने तक रही। महिला के परिवार वालों ने उसे तलाश कर वापस वापी लाए। आरोप है कि इसके बाद उसे एक घर में बंद कर दिया गया। हालांकि, महिला किसी तरह वहां से निकल गई और करीब पांच दिन पहले दोबारा चोटिला पहुंच गई। वह फिर अपने साथी के साथ रहने लगी। जब उसके पति को इसकी जानकारी मिली तो उसने अपने रिश्तेदारों को इसकी सूचना दी। इसके बाद कुछ लोग दोनों की तलाश में निकले और उन्हें ढूंढकर अपने साथ सुरेंद्रनगर ले आए। आरोप है कि सुरेंद्रनगर के एक घर में महिला और उसके साथी को ‘शुद्धिकरण’ की रस्म के नाम पर प्रताड़ित किया गया। दोनों के साथ मारपीट की गई। महिला को पेड़ से बांध दिया गया, जबकि उसके साथी को भी रस्सी से बांधकर रखा गया। आरोप है कि इसके बाद महिला और उसके साथी को सार्वजनिक रूप से अपमानित किया गया और महिला के साथी को उसके साथ जबरन यौन संबंध बनाने के लिए मजबूर किया गया। आरोपियों ने इस पूरी घटना को मोबाइल फोन में रिकॉर्ड किया। बाद में घटना के वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित कर दिए गए। सुरेंद्रनगर के डीएसपी प्रेमसुख डेलू के मुताबिक, पुलिस को घटना की जानकारी एक समुदाय के नेता से मिली। इसके बाद पुलिस के पास घटना से संबंधित कई वीडियो भी पहुंचे। वीडियो सामने आने के बाद महिला की तलाश के लिए पुलिस की कई टीमें लगाई गईं। पुलिस टीमों ने संभावित स्थानों और आसपास के घरों में तलाश शुरू की। जांच के दौरान महिला को एक घर से बरामद किया गया। पुलिस के मुताबिक, महिला काफी डरी हुई थी और पुलिस को देखकर रोने लगी। वीडियो में दिखाई दे रही महिला की पहचान की पुष्टि करने के बाद उसे थाने लाया गया। काउंसलिंग के बाद महिला ने पुलिस को पूरी घटना के संबंध में अपनी शिकायत और जानकारी दी। महिला की शिकायत और उपलब्ध वीडियो के आधार पर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए कुल नौ लोगों को गिरफ्तार किया है। इनमें महिला का पति और उसके रिश्तेदार शामिल बताए जा रहे हैं। गिरफ्तार आरोपियों में दो महिलाएं भी शामिल हैं। पुलिस अब घटना में शामिल अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच कर रही है। साथ ही वीडियो रिकॉर्ड करने और सोशल मीडिया पर वायरल करने वाले लोगों की पहचान का प्रयास किया जा रहा है। पुलिस यह भी जांच रही है कि वीडियो किन लोगों तक पहुंचा और इसे किस तरह सोशल मीडिया पर प्रसारित किया गया।
निजी फैसले के नाम पर ‘भीड़ का न्याय’ कितना जायज?
यह घटना सिर्फ एक महिला के साथ कथित हिंसा का मामला नहीं है, बल्कि उस खतरनाक मानसिकता पर भी सवाल खड़े करती है जिसमें किसी व्यक्ति के निजी फैसले को लेकर लोग कानून अपने हाथ में लेने लगते हैं। महिला का अपने वैवाहिक जीवन से अलग होकर किसी दूसरे व्यक्ति के साथ रहना परिवार या समाज के कुछ लोगों को पसंद नहीं हो सकता, लेकिन किसी भी परिस्थिति में हिंसा, जबरदस्ती, सार्वजनिक अपमान या ‘शुद्धिकरण’ के नाम पर प्रताड़ना को जायज नहीं ठहराया जा सकता। कानून व्यवस्था में किसी व्यक्ति को खुद ‘सजा’ देने या भीड़ बनकर फैसला सुनाने का अधिकार नहीं है। सुरेंद्रनगर की घटना में पुलिस की कार्रवाई के बाद अब जांच का दायरा वीडियो बनाने, उसे वायरल करने और घटना में शामिल सभी लोगों की भूमिका तक पहुंच गया है। पुलिस का कहना है कि मामले में कानून के मुताबिक आगे की कार्रवाई की जा रही है।