ड्रग्स फ्री देवभूमि' अभियान: ऑपरेशन प्रहार के तहत पुलिस का बड़ा एक्शन! क्लिनिक की आड़ में नशा बेचने वाला तस्कर 1200 प्रतिबंधित कैप्सूलों के साथ गिरफ्तार
रुद्रपुर। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के 'ड्रग्स फ्री देवभूमि अभियान' को सफल बनाने और जिले को नशामुक्त करने के संकल्प के तहत ऊधमसिंह नगर पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय गणपति के निर्देशन में चलाए जा रहे 'ऑपरेशन प्रहार' के अंतर्गत एएनटीएफ रुद्रपुर और कोतवाली किच्छा पुलिस की संयुक्त टीम ने प्रतिबंधित नशीली दवाओं की तस्करी करने वाले एक शातिर तस्कर को गिरफ्तार किया है।
जनपद ऊधम सिंह नगर पुलिस ने ऑपरेशन प्रहार के तहत एएनटीएफ रुद्रपुर और कोतवाली किच्छा पुलिस की संयुक्त टीम ने दरऊ चौकी क्षेत्र में चेकिंग के दौरान एक मोटरसाइकिल सवार संदिग्ध व्यक्ति को रोककर तलाशी ली। पुलिस के अनुसार उसके कब्जे से 1200 एसपीएएसएमईडी ब्लू कैप्सूल बरामद हुए, जिनमें करीब 462 ग्राम मनःप्रभावी औषधि थी। बरामद मात्रा को पुलिस ने वाणिज्यिक मात्रा की श्रेणी में बताया है। पुलिस के मुताबिक कार्रवाई क्षेत्राधिकारी एएनटीएफ प्रशांत कुमार के पर्यवेक्षण और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ऊधमसिंह नगर अजय गणपति के निर्देशन में की गई। एएनटीएफ रुद्रपुर और कोतवाली किच्छा की संयुक्त टीम दरऊ चौकी क्षेत्र में सघन चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान वीरूनगला जाने वाले रास्ते पर मोटरसाइकिल सवार व्यक्ति को संदिग्ध परिस्थितियों में रोककर उसकी तलाशी ली गई। तलाशी के दौरान पुलिस ने 1200 एसपीएएसएमईडी ब्लू कैप्सूल के अलावा एक पैशन मोटरसाइकिल, 650 रुपये नकद और वीवो मोबाइल फोन बरामद करने का दावा किया है। पुलिस ने आरोपी की पहचान छोटे खां पुत्र शोहराब खान, निवासी ईश्वरीपुर, थाना शीशगढ़, जिला बरेली, उम्र 40 वर्ष के रूप में की है। पुलिस के अनुसार पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह कथित तौर पर ये कैप्सूल किच्छा निवासी अनीस अहमद से प्राप्त करता था और नशे के आदी युवकों को बेचता था। पुलिस का यह भी कहना है कि प्रारंभिक पूछताछ में टांडा-बहेड़ी क्षेत्र में क्लिनिक की आड़ में प्रतिबंधित नशीले कैप्सूलों के कारोबार से जुड़ी जानकारी सामने आई है। हालांकि, इस संबंध में पुलिस की जांच अभी जारी है। मामले में कोतवाली किच्छा में एनडीपीएस एक्ट की धारा 8/22/60 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस के अनुसार आरोपी को आवश्यक वैधानिक कार्रवाई के बाद न्यायालय के समक्ष पेश किया जा रहा है। पुलिस अब इस कथित नशीले कैप्सूल नेटवर्क के अन्य संभावित संपर्कों और सप्लाई चैन की जानकारी जुटा रही है। जांच में यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि प्रतिबंधित कैप्सूल कहां से लाए जाते थे, किन क्षेत्रों में उनकी सप्लाई की जाती थी और इस कारोबार में अन्य कौन-कौन लोग जुड़े हो सकते हैं। पुलिस अधिकारियों के अनुसार नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा। कार्रवाई का उद्देश्य नशीले पदार्थों की सप्लाई पर रोक लगाने के साथ युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों से बचाना है।