बड़ी खबरः हल्द्वानी वार्ड-9 के पार्षद राजेंद्र को सुप्रीम कोर्ट से मिली बड़ी राहत! सदस्यता रद्द करने वाले जिला जज के आदेश पर रोक, अंतरिम रूप से बहाल हुई पार्षदी
हल्द्वानी। हल्द्वानी नगर निगम के वार्ड नंबर 9 के पार्षद राजेंद्र को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। जिला जज के उस आदेश पर सुप्रीम कोर्ट ने रोक लगा दी है, जिसमें राजेंद्र की पार्षदी रद्द कर सीट को रिक्त घोषित किया गया था। सुप्रीम कोर्ट ने अंतरिम रूप से उनकी पार्षदी भी बहाल कर दी है। मामला हल्द्वानी नगर निगम के वार्ड नंबर 9 से जुड़ा है। जिला जज के आदेश के बाद पार्षद राजेंद्र की सदस्यता रद्द कर दी गई थी और वार्ड की सीट को रिक्त घोषित किया गया था। इस आदेश के खिलाफ राजेंद्र की ओर से हाईकोर्ट में अपील दाखिल की गई थी। हाईकोर्ट ने मामले में सीमित अंतरिम राहत देते हुए कहा था कि यदि वार्ड में कोई चुनाव प्रक्रिया होती है तो वह अपील के अंतिम निर्णय के अधीन रहेगी। इसके बाद हाईकोर्ट के इस अंतरिम आदेश के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में अपील की गई। सुप्रीम कोर्ट ने मामले की सुनवाई करते हुए जिला जज के उस आदेश पर रोक लगा दी, जिसके तहत राजेंद्र की सदस्यता रद्द की गई थी। सुप्रीम कोर्ट ने राजेंद्र की पार्षदी भी अंतरिम रूप से बहाल कर दी है। साथ ही निर्वाचन आयोग, जिला निर्वाचन अधिकारी, नगर निकाय के संबंधित निर्वाचन अधिकारी और शिकायतकर्ता को नोटिस जारी किए गए हैं। शिकायत का मुख्य आधार कोविड-19 के दौरान लगे लॉकडाउन से जुड़े कुछ मामलों का नामांकन पत्र में उल्लेख नहीं किया जाना था। शिकायतकर्ता की ओर से इसे नामांकन से जुड़ा महत्वपूर्ण तथ्य बताया गया था। वहीं, राजेंद्र की ओर से दलील दी गई कि कोविड-19 और लॉकडाउन से जुड़े पेटी मामलों को राज्य सरकार ने बाद में वापस लेने के संबंध में शासनादेश जारी किए थे। साथ ही उनका कहना था कि संबंधित समन की जानकारी नहीं होने के कारण नामांकन पत्र में उसका उल्लेख नहीं किया जा सका। फिलहाल सुप्रीम कोर्ट के अंतरिम आदेश के बाद राजेंद्र वार्ड नंबर 9 के पार्षद पद पर बने रहेंगे। मामले में आगे की सुनवाई सुप्रीम कोर्ट के समक्ष होगी।