डीजे की बीट और बढ़ता साउण्डः यहां ध्वनि प्रदूषण से परेशान शख्स ने बेचा घर! बोला- तीन बार हो चुका मम्मी का ऑपरेशन, नियमों पर उठे सवाल
नई दिल्ली। डीजे की बीट पर नाचते लोग और धीरे-धीरे बढ़ता साउण्ड, जहां लोगों को थिरकने पर मजबूर करता है, वहीं कुछ लोगों के लिए ये गूंजता शोर बहुत भारी पढ़ता है। कुछ ऐसा ही मामला हरियाणा के फरीदाबाद के एनआईटी-2 इलाके से सामने आया है, जहां एक शिक्षक को अपने बुजुर्ग माता-पिता की सेहत के चलते अपना ही घर बेचने को मजबूर होना पड़ा। दरअसल, एनआईटी-2 निवासी पंकज ग्रोवर ने बताया कि उनके साथ उनके 74 वर्षीय पिता ओमप्रकाश और माता आशा रहती हैं। उनकी माता आशा के दिल के तीन ऑपरेशन हो चुके हैं और स्टेंट डाले जा चुके हैं। तेज आवाज और कंपन के कारण उन्हें घबराहट और डर महसूस होता है, यहां तक कि कई बार दिल का दौरा भी पड़ चुका है। पंकज के अनुसार उनके घर के सामने से रोजाना ट्रक, भारी वाहन और जुलूस गुजरते हैं, जिनमें तेज आवाज में डीजे बजता है। इस शोर से घर की दीवारों तक में कंपन होने लगता है, जो उनके माता-पिता की सेहत के लिए खतरनाक साबित हो रहा है। इस समस्या से परेशान होकर पंकज ग्रोवर ने 2 अप्रैल को हरियाणा सरकार के मुख्य सचिव, जिला उपायुक्त और नगर निगम उपायुक्त को लिखित शिकायत दी। शिकायत में उन्होंने इस समस्या से हो रही गंभीर परेशानियों को विस्तार से बताया। शिकायत पर संज्ञान लेते हुए जिला उपायुक्त आयुष सिन्हा ने पुलिस आयुक्त और तीनों जोन के एसडीएम को नियमों के अनुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं, ताकि क्षेत्र के लोगों को राहत मिल सके। हालांकि लगातार हो रही परेशानी के चलते पंकज ग्रोवर ने अपना मकान बेचने का फैसला कर लिया है। उन्होंने बताया कि 6 जुलाई तक उनके मकान का पूरा भुगतान हो जाएगा, जिसके बाद वे अपने माता-पिता को लेकर किसी शांत इलाके में शिफ्ट हो जाएंगे, जहां वे सुकून से अपने जीवन के अगले 10 से 12 साल बिता सकें। फिलहाल यह मामला एक बार फिर यह सवाल खड़ा करता है कि क्या त्योहारों और जुलूसों की आड़ में होने वाला ध्वनि प्रदूषण आम लोगों के जीवन और स्वास्थ्य पर भारी पड़ रहा है? इसको लेकर कई लोगों ने चिंता भी जाहिर की है।