धामी कैबिनेट की  बैठक शुरू: नई महिला नीति समेत तमाम प्रस्तावों पर लगा सकती है मुहर

Dhami Cabinet Meeting Begins: Set to Give Green Signal to Several Proposals, Including the New Women's Policy

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में आज सुबह 9:30 बजे से सचिवालय में मंत्रिमंडल की महत्वपूर्ण बैठक शुरू हो गई है। अप्रैल महीने की यह पहली और मंत्रिमंडल विस्तार के बाद दूसरी कैबिनेट बैठक कई मायनों में ऐतिहासिक मानी जा रही है। इस बैठक में सबसे बड़ा केंद्र बिंदु 'महिला नीति' का प्रस्ताव है, जिसके जरिए धामी सरकार देशभर में नारी शक्ति के सम्मान का एक नया संदेश देने की तैयारी में है।

देश भर में 'नारी शक्ति वंदन अधिनियम' को लेकर जारी राजनीतिक घमासान के बीच उत्तराखंड सरकार ने महिलाओं को सामाजिक और आर्थिक रूप से अधिक मजबूत करने के लिए एक विशेष महिला नीति का मसौदा तैयार किया है। गौरतलब है कि 16 अप्रैल को लोकसभा के विशेष सत्र में दो-तिहाई बहुमत की कमी के कारण संशोधन बिल पारित नहीं हो पाया था, जिसके बाद से भाजपा लगातार विपक्षी दलों पर हमलावर है। उत्तराखंड सरकार ने पहले ही 28 अप्रैल को विशेष सत्र बुलाकर विपक्ष के खिलाफ निंदा प्रस्ताव पारित किया था और अब महिला नीति के जरिए सरकार जमीन पर ठोस काम करने का दावा पेश कर रही है। महिला नीति के अलावा, परिवहन विभाग की ओर से करीब 200 नई बसों की खरीद का प्रस्ताव भी कैबिनेट की मेज पर है। वर्तमान में चारधाम यात्रा अपने चरम पर है और साल 2027 में होने वाले अर्द्धकुंभ को देखते हुए परिवहन निगम ने 700 से अधिक बसों की मांग की है। मंत्रिमंडल की मुहर लगते ही नई बसों की खरीद प्रक्रिया शुरू हो जाएगी, जिससे तीर्थयात्रियों और स्थानीय जनता को बड़ी राहत मिलेगी। कैबिनेट बैठक में केवल महिला नीति ही नहीं, बल्कि विकास से जुड़े कई अन्य महत्वपूर्ण विषयों पर भी चर्चा हो रही है। चिकित्सा सेवाओं में सुधार और नए पदों के सृजन से संबंधित प्रस्ताव। सौर ऊर्जा और शिक्षा ढांचे को सुदृढ़ करने से संबंधित नीतियां। सड़कों के सुधारीकरण और नई कनेक्टिविटी परियोजनाओं को मंजूरी। विधानसभा के विशेष सत्र में पारित निंदा प्रस्ताव को राज्यपाल के माध्यम से राष्ट्रपति को भेजने की औपचारिक सहमति। आज की बैठक में उत्तर प्रदेश के विशेष सत्र (30 अप्रैल) का भी संदर्भ बना हुआ है, जहाँ निंदा प्रस्ताव पारित होना है। ऐसे में उत्तराखंड सरकार अपनी महिला नीति को जल्द से जल्द लागू कर यह दिखाना चाहती है कि वह नारी शक्ति के अधिकारों को लेकर केवल आंदोलित नहीं है, बल्कि नीतिगत रूप से भी गंभीर है। वर्तमान वित्तीय वर्ष की इस पहली बड़ी बैठक से प्रदेश के विकास कार्यों को नई गति मिलने की उम्मीद है। कैबिनेट के संभावित बड़े फैसले। नई महिला नीति को हरी झंडी।परिवहन निगम के लिए 200 नई बसें। स्वास्थ्य और शिक्षा विभाग में बड़े नीतिगत बदलाव।राष्ट्रपति को भेजा जाएगा विशेष सत्र का निंदा प्रस्ताव। सचिवालय में जारी इस बैठक के बाद शासकीय प्रवक्ता कैबिनेट के फैसलों की आधिकारिक ब्रीफिंग करेंगे, जिस पर प्रदेशभर की नजरें टिकी हुई हैं।