मुंगेर में रफ्तार का कहर: तेज रफ्तार हाइवा ने मजदूर को कुचला, मौत के बाद फूटा ग्रामीणों का गुस्सा, घंटों चक्काजाम
मुंगेर। बिहार के मुंगेर जिले में एक बार फिर बेकाबू रफ्तार ने एक हंसते-खेलते गरीब परिवार की खुशियां छीन लीं। तारापुर–संग्रामपुर मुख्य मार्ग पर शनिवार की रात एक अनियंत्रित और तेज रफ्तार हाइवा ने बाइक सवार मजदूर को बेरहमी से कुचल दिया। टक्कर इतनी भयानक थी कि मजदूर की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। हादसे के बाद संवेदनहीन चालक वाहन समेत मौके से फरार हो गया। इस घटना से आक्रोशित परिजनों और ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। उग्र लोगों ने शव को सड़क पर रखकर मुख्य मार्ग को कई घंटों तक जाम रखा। इस दौरान सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी हुई।
जानकारी के अनुसार, मृतक की पहचान तारापुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले बेल बिहमा गांव निवासी 45 वर्षीय पप्पू यादव के रूप में हुई है। पप्पू पेशे से मजदूर थे और रोज की तरह शनिवार को भी दिनभर हाड़-तोड़ मजदूरी करने के बाद देर शाम अपनी बाइक से घर लौट रहे थे। रात करीब आठ बजे, जैसे ही वे रामपुर पंचायत के तीनमाइल चौक के पास पहुंचे, सामने से आ रहे एक बेहद तेज रफ्तार हाइवा ने उनकी बाइक में जोरदार टक्कर मार दी। चश्मदीदों के मुताबिक, हाइवा की गति इतनी तेज थी कि पप्पू को संभलने का मौका तक नहीं मिला और वे सीधे भारी वाहन के पहियों के नीचे आ गए, जिससे घटनास्थल पर ही उनकी सांसें थम गईं। हादसे की खबर आग की तरह फैली और देखते ही देखते बेल बिहमा गांव के सैकड़ों ग्रामीण और रोते-बिलखते परिजन घटना स्थल पर जमा हो गए। आक्रोशित ग्रामीणों ने शव को बीच सड़क पर रखकर तारापुर–संग्रामपुर मुख्य मार्ग को पूरी तरह ब्लॉक कर दिया। चूंकि इन दिनों श्रावणी मेला चल रहा है, इस वजह से इस मुख्य मार्ग पर सुल्तानगंज जा रहे कांवरियों और अन्य भारी वाहनों का भारी दबाव था। जाम के कारण सड़क के दोनों तरफ गाड़ियों की मील लंबी कतारें लग गईं। पवित्र यात्रा पर निकले कांवरियों और आम यात्रियों को उमस भरी रात में घंटों भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। मृतक पप्पू यादव अपने घर के इकलौते कमाऊ सदस्य थे। वे रोज मजदूरी कर जो कमाते थे, उसी से उनकी पत्नी और छोटे बच्चों का पेट पलता था। उनकी असमय मौत के बाद परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। पत्नी और बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल है। ग्रामीणों ने साफ कहा कि जब तक पीड़ित परिवार को सरकारी नौकरी, उचित मुआवजा और हत्यारे चालक की गिरफ्तारी नहीं होती, वे पीछे नहीं हटेंगे। मामले की गंभीरता और श्रावणी मेले के रूट को प्रभावित होते देख हरपुर, संग्रामपुर और तारापुर थाने की पुलिस भारी बल के साथ मौके पर पहुंची। पुलिस के आला अधिकारियों ने आक्रोशित ग्रामीणों को काफी देर तक समझाया और सरकारी प्रावधानों के तहत त्वरित आर्थिक सहायता दिलाने का आश्वासन दिया। करीब तीन-चार घंटे की कड़ी मशक्कत और वार्ता के बाद आखिरकार ग्रामीणों ने जाम हटाया, जिसके बाद यातायात सुचारू हो सका। जाम समाप्त होने के बाद संग्रामपुर थाना पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए मुंगेर सदर अस्पताल भेज दिया है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि तारापुर–संग्रामपुर मार्ग पर ओवरलोडेड और भारी वाहनों की रफ्तार पर अंकुश लगाने में स्थानीय प्रशासन पूरी तरह विफल रहा है। अगर समय रहते स्पीड ब्रेकर और पुलिस चेकिंग की व्यवस्था की जाती, तो पप्पू यादव आज जिंदा होते। फिलहाल, पुलिस ने क्षतिग्रस्त बाइक को जब्त कर लिया है और फरार हाइवा व उसके चालक की पहचान के लिए क्षेत्र के सीसीटीवी फुटेज खंगालते हुए छापेमारी शुरू कर दी है।