मॉनसून सत्र का 8वां दिन: संसद में 'एंटी पेपर लीक बिल' पर घमासान,राम मंदिर दान विवाद और अयोध्या मुद्दे पर विपक्ष का हंगामा,राज्यसभा 2 बजे तक स्थगित
नई दिल्ली। संसद के मॉनसून सत्र के आठवें दिन बुधवार को दोनों सदनों में जबरदस्त हंगामा देखने को मिला। लोकसभा में 'पब्लिक एग्जामिनेशन (गलत तरीकों से बचाव) अमेंडमेंट बिल, 2026' पर मंगलवार देर रात के बाद आज भी गर्मागर्म बहस जारी रही। जहाँ एक ओर सरकार पेपर लीक माफिया के खिलाफ सख्त कानून बनाने पर जोर दे रही है, वहीं दूसरी ओर विपक्ष ने इस बिल की कमियों को उजागर करते हुए कई गंभीर सवाल खड़े किए।
सदन में हंगामे और नारेबाजी के कारण राज्यसभा की कार्यवाही दोपहर 2 बजे तक के लिए स्थगित करनी पड़ी, जबकि लोकसभा में भी विपक्षी सांसदों के तेवरों से माहौल गरमाया रहा। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और सांसद केसी वेणुगोपाल ने लोकसभा में स्थगन प्रस्ताव का नोटिस देकर अयोध्या राम मंदिर में जनता के दान में कथित बड़े पैमाने पर वित्तीय धोखाधड़ी और गबन का मुद्दा उठाया। उन्होंने सभी नियमित कामकाज को रोककर इस मामले पर तुरंत चर्चा कराने और सुप्रीम कोर्ट के मौजूदा जज की निगरानी में उच्चस्तरीय स्वतंत्र जांच की मांग की। इसके अलावा, कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने नए दलबदल विरोधी कानून पर चर्चा के लिए नोटिस दिया, तो वहीं पूर्णिया सांसद पप्पू यादव ने पेपर लीक बिल पर सुधार के कई अहम सुझाव रखे। एंटी पेपर लीक बिल के प्रावधानों पर कड़ा प्रहार करते हुए कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने कहा, "बिल में सजा और फास्ट ट्रैक कोर्ट का प्रावधान ठीक है, लेकिन सजा से पहले पेपर लीक को रोकने के कड़े नियम होने चाहिए। फास्ट ट्रैक कोर्ट की स्थिति यह है कि वर्ष 2025 में 1.5 लाख नए केस आए और सिर्फ 60 हजार का निपटारा हो पाया। आज ढाई लाख मामले लंबित हैं। नए जजों और इंफ्रास्ट्रक्चर के बिना केवल नई अदालतों की घोषणा करने से न्याय नहीं मिलेगा। सदन के भीतर और बाहर राजनीतिक बयानबाजी चरम पर रही। पंजाब कांग्रेस के सांसदों ने राज्य में कथित पेपर लीक के विरोध में प्रदर्शन करते हुए शिक्षा मंत्री हरजोत बैंस के इस्तीफे की मांग की। राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि देश में लोकतंत्र और आम लोग सुरक्षित नहीं हैं। इस पर बीजेपी सांसद और केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने पलटवार करते हुए कहा कि पुलिस कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए नियमानुसार कार्रवाई कर रही है। वहीं, बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे ने झारखंड पेपर लीक का मुद्दा उठाते हुए आरोप लगाया कि मामले को दबाने की कोशिश हो रही है और झारखंड मुक्ति मोर्चा के नेताओं से जुड़े लोगों पर कांग्रेस कार्रवाई करने की हिम्मत नहीं दिखा पा रही है। दोनों सदनों में विभिन्न मुद्दों को लेकर विपक्ष और सत्तापक्ष के बीच तल्खी बनी हुई है, जिससे सत्र का आठवां दिन भी पूरी तरह हंगामेदार रहा।