Aug 19, 2026 Login

निकाय चुनावः वार्ड एक में सुरेश गौरी का जलवा बरकरार! नया चेहरा और भीतरघात के बावजूद भाजपा की झोली में डाली सीट, सधी हुई राजनीति के कायल हुए भाजपाई दिग्गज

Civic elections: Suresh Gauri's dominance continues in ward one! Despite new face and sabotage, seat was put in BJP's bag, BJP stalwarts convinced of well-planned politics

उत्तराखंड में निकाय चुनाव सम्पन्न हो चुके हैं। इससे पहले 11 नगर निगमों, 43 नगर परिषदों और 46 नगर पंचायतों के लिए गुरुवार 23 जनवरी को मतदान हुआ था, जिसमें 65.4 प्रतिशत मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। बता दें कि कुल 5,405 उम्मीदवार मैदान में थे, जिनमें 11 महापौर पदों के लिए 72, नगर परिषद अध्यक्ष के लिए 445 और नगर पार्षदों और सदस्यों के लिए 4,888 उम्मीदवार शामिल रहे। 

बात अगर रुद्रपुर नगर निगम की करें तो यहां कांग्रेस को बड़ा झटका लगा है और एक बार फिर भाजपा का ‘कमल’ खिला है। शनिवार को रुद्रपुर नगर निगम निकाय के लिए 40 टेबल पर मतगणना हुई। इस दौरान भाजपा ने फिर एक बार बड़ी जीत दर्ज कर बता दिया कि रुद्रपुर में भाजपा का ही दबदबा है। लेकिन यह चुनाव दोनों पार्टियों को मंथन करने को मजबूर करेगा।

वहीं रुद्रपुर नगर निगम के वार्डों की बात करें वार्ड 1 के पूर्व प्रधान और पूर्व पार्षद सुरेश गौरी ने अपनी काबिलियत और सूझबूझ का लोहा मनवाते हुए इस सीट को भाजपा की झोली में डाल दिया है। जहां एक तरफ जातिवाद के नाम पर वार्ड नंबर एक में चुनावी माहौल कांग्रेस के पक्ष में था और कांग्रेस भी इस सीट पर जीत को लेकर बड़े-बड़े दावे कर रही थी। इतना ही नहीं इस सीट पर भाजपा के अंदर भीतरघात की खबरें सामने आई थी, बावजूद इसके पूर्व पार्षद सुरेश गौरी ने सधी हुई राजनीति और सूझबूझ से इस सीट को भाजपा की झोली में डालने का काम किया। चर्चा तो यहां तक है कि इस सीट पर भाजपा के ही कुछ बड़े चेहरे भीतरघात करने में लगे हुए थे। ऐसे में पूर्व पार्षद सुरेश गौरी ने पूरी तरीके से कमान को अपने हाथों में रखा और जोर-शोर से इस सीट पर चुनावी प्रचार का जिम्मा संभाला। खबरों के मुताबिक इस दौरान सुरेश कोरी को कई प्रॉब्लम और लालच भी दिए गए, लेकिन गौरी भाजपा के लिए समर्पित होकर किंग मेकर की भूमिका निभाते हुए चुनाव प्रचार में जुटे रहे और आखिर में इस सीट पर उन्हें सफलता भी मिली। सुरेश गौरी ने शुरुआत से ही दावा किया था कि इस सीट पर बीजेपी एक तरफा जीत दर्ज करेगी। इसका प्रत्यक्ष प्रमाण निकाय चुनाव के मतगणना में देखने को मिला, जहां शुरुआत से ही वार्ड नंबर एक की सीट पर भाजपा ने लगातार बढ़त बनाते हुए अंततः इस सीट में अपना परचम लहराया। 

आपको बता दें कि  रुद्रपुर वार्ड नंबर एक में भाजपा ने एक नए चेहरे और आरएसएस से तालुक रखने वाले युवा पवन राणा को अपना प्रत्याशी बनाया था। कांग्रेस इस सीट को हर हाल में जीतने के दावे करने में लगी थी। आलम यह रहा की यह सीट पर पहाड़ी वर्सेज पूर्वांचल वाली जातिगत माहौल बनाया गया। जिसके बाद भाजपा में भी भीतरघात देखने को मिला। चर्चा तो यहां तक है कि अंदरखाने भाजपा के ही कई नेता इस सीट से कांग्रेस के पार्षद प्रत्याशी को चुनाव जीताने के लिए पूरा दम लगा रहे थे। इतना ही नहीं इस सीट पर भाजपा के नेता ने कांग्रेस को खुलकर चुनाव लड़ाया। इधर कांग्रेस की तरफ से पूर्व स्वास्थ्यमंत्री और किच्छा के वर्तमान विधायक तिलकराज बेहड़ ने चुनाव प्रचार की कमान संभाली। इसके बाद पूर्व पालिका अध्यक्ष मीना शर्मा के साथ कई बड़े कांग्रेसी नेता इस सीट पर चुनाव प्रचार में जुट गए। इसके बाद इस सीट पर कांग्रेस बड़ी जीत के दावे करने लगी। ऐसे वक्त में भाजपा के लिए इस सीट को बचा पाना बड़ी चुनौती नजर आने लगी थी। लेकिन इसके बाद पूर्व प्रधान और पूर्व पार्षद सुरेश गौरी ने चुनाव प्रचार की कमान अपने हाथों में ली। जिसके बाद धीरे-धीरे माहौल भाजपा की ओर भी मुड़ने लगा। बावजूद इसके भी कांग्रेस इस सीट पर जीतने के बड़े-बड़े दावे करते हुए नजर आई, लेकिन सुरेश गौरी शुरुआत से ही सीट को भाजपा की झोली में डालने के लिए किंग मेकर की भूमिका में दिखाई दिए। इस जीत के बाद हर तरफ सुरेश गौरी की सधी हुई राजनीति की चर्चा हो रही है। यही नहीं भाजपा भी इस जीत को बड़ी जीत बता रहे हैं।