चंपावत फर्जी गैंगरेप केसः आरोपियों को बड़ा झटका! कोर्ट ने खारिज की जमानत याचिका, चारों भेजे गए पिथौरागढ़ जेल
खटीमा। चंपावत फर्जी गैंगरेप प्रकरण में गिरफ्तार चारों आरोपियों को अदालत से बड़ा झटका लगा है। जिला कोर्ट ने सभी आरोपियों की जमानत याचिकाएं खारिज कर दी हैं। अदालत के आदेश के बाद चारों आरोपियों को पिथौरागढ़ जिला जेल भेज दिया गया है। वहीं पुलिस अब मामले के पांचवें फरार आरोपी की तलाश में जुटी हुई है। जिला शासकीय अधिवक्ता विद्याधर जोशी ने बताया कि विशेष सत्र न्यायाधीश एवं जिला जज अनुज कुमार संगल की अदालत ने इस बहुचर्चित मामले में सुनवाई करते हुए आरोपी कमल सिंह रावत, उसकी महिला मित्र, आनंद महरा और बबलू राम की जमानत अर्जी नामंजूर कर दी। बताया गया कि इनमें से दो आरोपियों को पुलिस ने 8 मई को गिरफ्तार किया था, जबकि अन्य दो आरोपियों की गिरफ्तारी 13 मई को हुई थी। अदालत ने मामले की गंभीरता को देखते हुए सभी आरोपियों को राहत देने से इनकार कर दिया और उन्हें न्यायिक हिरासत में भेजने के आदेश जारी किए। गौरतलब है कि यह मामला उस समय सुर्खियों में आया था जब एक 16 वर्षीय किशोरी ने 5 मई की रात तीन लोगों पर सामूहिक दुष्कर्म का आरोप लगाया था। पीड़िता की तहरीर के आधार पर पुलिस ने 6 मई को मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की थी। शुरुआती स्तर पर मामला बेहद संवेदनशील माना गया और पुलिस ने तत्परता से जांच आगे बढ़ाई। हालांकि जांच के दौरान पुलिस को कई ऐसे तथ्य मिले, जिनसे गैंगरेप के आरोप संदिग्ध प्रतीत हुए। विस्तृत जांच और साक्ष्यों के विश्लेषण के बाद पुलिस इस निष्कर्ष पर पहुंची कि लगाए गए आरोप असत्य थे और पूरे घटनाक्रम को सुनियोजित साजिश के तहत अंजाम दिया गया था। इसके बाद पुलिस ने मामले को फर्जी गैंगरेप साजिश मानते हुए पांच लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया। इस मामले में राहुल सिंह रावत अभी फरार है, जिसकी तलाश के लिए पुलिस लगातार दबिश दे रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही फरार आरोपी को भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा।