मध्य क्षेत्रीय परिषद की बैठक आज: छत्तीसगढ़ पहुंचे सीएम धामी, जलविद्युत और आपदा मानकों में छूट समेत उत्तराखंड के कई अहम मुद्दों पर होगी चर्चा

Central Zonal Council Meeting Today: CM Dhami Arrives in Chhattisgarh; Several Key Issues Concerning Uttarakhand—Including Hydropower and Disaster Norm Relaxations—To Be Discussed.

देहरादून। छत्तीसगढ़ में मंगलवार को आयोजित होने वाली मध्य क्षेत्रीय परिषद की 26वीं महत्वपूर्ण बैठक में उत्तराखंड अपने विकास और हितों से जुड़े कई बड़े मुद्दों को मजबूती से उठाने जा रहा है। इस हाई-प्रोफाइल बैठक में हिस्सा लेने के लिए उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी सोमवार को ही छत्तीसगढ़ पहुंच चुके हैं। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में होने वाली इस बैठक में मुख्यमंत्री धामी राज्य की लंबित जलविद्युत परियोजनाओं, कनेक्टिविटी और आपदा प्रबंधन जैसे सामरिक महत्व के विषयों पर केंद्र का ध्यान आकर्षित करेंगे।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी जब सोमवार को छत्तीसगढ़ पहुंचे, तो मां दंतेश्वरी एयरपोर्ट (जगदलपुर) पर भाजपा कार्यकर्ताओं और प्रशासनिक अधिकारियों ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। इस महत्वपूर्ण बैठक में मुख्यमंत्री के साथ उत्तराखंड के प्रमुख सचिव आर.के. सुधांशु भी मौजूद हैं, जो तकनीकी और प्रशासनिक प्रस्तावों को परिषद के सामने रखेंगे। बैठक के दौरान मुख्यमंत्री धामी की ओर से मुख्य रूप से निम्नलिखित प्रस्तावों और मांगों को परिषद के सामने रखा जाएगा। उत्तराखंड में कई महत्वपूर्ण जलविद्युत परियोजनाओं की अनुमति के मामले लंबे समय से लंबित हैं। राज्य सरकार इन परियोजनाओं को जल्द से जल्द शुरू करने के लिए केंद्र सरकार से विशेष अनुमति और अनापत्ति प्रमाण पत्र का आग्रह करेगी। प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के तहत राज्य के दुर्गम और ग्रामीण इलाकों के लिए नई सड़कों की स्वीकृति की मांग उठाई जाएगी। भौगोलिक रूप से संवेदनशील और आपदा ग्रस्त राज्य होने के कारण उत्तराखंड आपदा प्रबंधन और पुनर्निर्माण के मानकों में केंद्र से विशेष छूट की मांग करेगा। इसके साथ ही एकीकृत बाल विकास सेवा, कृषि विकास, स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार और पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए केंद्रीय सहयोग पर चर्चा होगी। मध्य क्षेत्रीय परिषद की यह 26वीं बैठक राज्यों के आपसी समन्वय और केंद्र-राज्य संबंधों को मजबूत करने के लिहाज से बेहद अहम मानी जा रही है। सामरिक और भौगोलिक दृष्टि से महत्वपूर्ण राज्य होने के कारण उत्तराखंड के इन प्रस्तावों पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का रुख काफी मायने रखेगा। उम्मीद जताई जा रही है कि इस बैठक के बाद उत्तराखंड की कई बड़ी और लंबित योजनाओं को हरी झंडी मिल सकती है, जिससे राज्य के विकास को एक नई गति मिलेगी।