CBSE परीक्षा मूल्यांकन में बदलाव, क्लास 12 के लिए शुरू होगा ऑन-स्क्रीन मार्किंग सिस्टम,पारदर्शी होगा रिजल्ट प्रोसेस

CBSE to introduce on-screen marking system for Class 12, making result process transparent

केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने परीक्षा मूल्यांकन प्रक्रिया को आधुनिक और पारदर्शी बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। बोर्ड ने घोषणा की है कि कक्षा 12 की उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन के लिए जल्द ही ऑन-स्क्रीन मार्किंग (OSM) प्रणाली लागू की जाएगी।
CBSE हर वर्ष भारत के साथ-साथ 26 अन्य देशों में कक्षा 10 और 12 की बोर्ड परीक्षाएं आयोजित करता है, जिनमें करीब 46 लाख विद्यार्थी शामिल होते हैं। इतनी बड़ी संख्या में होने वाली परीक्षाओं के मूल्यांकन को अधिक सटीक और व्यवस्थित बनाने के लिए बोर्ड लगातार तकनीकी सुधारों पर काम कर रहा है। इसी कड़ी में डिजिटल मूल्यांकन प्रणाली लागू करने का निर्णय लिया गया है।
बोर्ड के मुताबिक, ऑन-स्क्रीन मार्किंग सिस्टम लागू होने से अंक जोड़ने में होने वाली मानवीय गलतियों की संभावना लगभग समाप्त हो जाएगी। साथ ही मूल्यांकन प्रक्रिया में मैनुअल हस्तक्षेप कम होने से नतीजों की विश्वसनीयता भी बढ़ेगी। डिजिटल माध्यम से कॉपियों की जांच होने से मूल्यांकन की गति तेज होने की उम्मीद है।
इस नई व्यवस्था का सबसे बड़ा लाभ शिक्षकों को मिलने वाला है। अब उन्हें मूल्यांकन केंद्रों तक जाने की जरूरत नहीं होगी और वे अपने स्कूल से ही ऑनलाइन माध्यम से उत्तर पुस्तिकाओं की जांच कर सकेंगे। इससे शिक्षकों पर अतिरिक्त दबाव कम होगा और वे नियमित पढ़ाई-लिखाई का कार्य भी जारी रख सकेंगे।
CBSE का मानना है कि डिजिटल मूल्यांकन प्रणाली से उत्तर पुस्तिकाओं के भौतिक परिवहन में लगने वाला समय और खर्च भी काफी कम होगा। इसके अलावा परिणाम घोषित होने के बाद री-वेरिफिकेशन और अन्य प्रक्रियाओं में लगने वाले संसाधनों की आवश्यकता भी घटेगी। नई व्यवस्था से देश-विदेश के सभी संबद्ध स्कूलों के शिक्षकों को मूल्यांकन प्रक्रिया में भागीदारी का अवसर मिलेगा।
इस प्रणाली को सफलतापूर्वक लागू करने के लिए बोर्ड ने संबद्ध स्कूलों को जरूरी तकनीकी सुविधाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। स्कूलों में पब्लिक स्टैटिक IP से युक्त कंप्यूटर लैब, Windows 8 या उससे उच्च संस्करण वाले कंप्यूटर या लैपटॉप, कम से कम 4 GB RAM, पर्याप्त स्टोरेज, अपडेटेड ब्राउजर, Adobe Reader, न्यूनतम 2 Mbps की स्थिर इंटरनेट सुविधा और निर्बाध बिजली आपूर्ति की व्यवस्था अनिवार्य बताई गई है।
CBSE ने यह भी स्पष्ट किया है कि जिन शिक्षकों के पास OASIS ID होगी, उन्हें सिस्टम में लॉग-इन कर नई प्रक्रिया से परिचित कराया जाएगा। इसके लिए बोर्ड ड्राई रन, प्रशिक्षण कार्यक्रम और तकनीकी सहायता के लिए कॉल सेंटर की सुविधा भी उपलब्ध कराएगा। साथ ही शिक्षकों की सहायता के लिए विस्तृत दिशा-निर्देश और प्रशिक्षण वीडियो भी जारी किए जाएंगे, ताकि मूल्यांकन प्रक्रिया बिना किसी बाधा के संचालित की जा सके।