भाजपा में अनुशासन का डंडा: नेताओं की बयानबाजी पर लगी ‘ब्रेक’! अनदेखी पर सख्त कार्रवाई के संकेत

BJP cracks down on indiscipline: Leaders' controversial statements put on hold! Strict action indicated for non-compliance.

उत्तराखंड भाजपा में इन दिनों बयानबाजी को लेकर बढ़ती असहजता अब खुलकर सामने आ गई है। पार्टी नेतृत्व ने साफ संदेश देते हुए नेताओं की सार्वजनिक बयानबाजी पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है। खासतौर पर विधायक अरविंद पांडे समेत कुछ नेताओं के हालिया बयानों से संगठन की किरकिरी होने के बाद भाजपा ने अनुशासन को लेकर सख्त रुख अपनाया है।

प्रदेश भाजपा अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने इसकी पुष्टि करते हुए कहा कि पार्टी फोरम से इतर किसी भी तरह की बयानबाजी अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी कि अगर कोई नेता इस निर्देश की अनदेखी करता है तो उसके खिलाफ संगठनात्मक कार्रवाई तय है। भट्ट ने बताया कि इस फैसले की जानकारी पार्टी के सभी नेताओं को दे दी गई है। महेंद्र भट्ट ने स्वीकार किया कि हाल के दिनों में विधायक अरविंद पांडे के बयानों को लेकर उनसे बातचीत की गई है। उन्होंने कहा कि पांडे सरकार का हिस्सा हैं और उन्हें अपनी बात सार्वजनिक मंचों पर रखने के बजाय पार्टी फोरम या मुख्यमंत्री के समक्ष रखनी चाहिए। भाजपा नेतृत्व नहीं चाहता कि आंतरिक मतभेद या असंतोष सार्वजनिक होकर सरकार और संगठन की छवि को नुकसान पहुंचाएं। प्रदेश अध्यक्ष ने यह भी बताया कि पिछले लोकसभा सत्र के दौरान दिल्ली में भाजपा की कोर कमेटी की बैठक हुई थी, जिसमें संगठन और सरकार के बीच बेहतर समन्वय पर जोर दिया गया। अब संसद के आगामी बजट सत्र के दौरान एक और कोर कमेटी बैठक होने जा रही है, जिसमें कई अहम राजनीतिक मुद्दों पर मंथन किया जाएगा। वहीं, होर्डिंग से प्रदेश प्रभारी दुष्यंत गौतम का नाम हटाए जाने को लेकर उठे सवालों पर महेंद्र भट्ट ने साफ किया कि यह पूरी तरह से दिल्ली से तय किया गया डिजाइन था। उन्होंने इसे लेकर चल रही तमाम चर्चाओं को महज अफवाह करार दिया। कुल मिलाकर भाजपा नेतृत्व ने साफ संकेत दे दिए हैं कि अब संगठन में अनुशासन सर्वोपरि होगा। बयानबाजी से हटकर पार्टी लाइन पर चलना ही नेताओं के लिए सुरक्षित रास्ता माना जाएगा, वरना कार्रवाई की तलवार लटकती रहेगी।