बड़ी खबरः बंगाल चुनाव के दूसरे चरण में रिकॉर्ड मतदान! 90 प्रतिशत के करीब वोटिंग, हिंसा के आरोपों के बीच सियासी बयानबाज़ी तेज

Big news: Record voter turnout in the second phase of the Bengal elections! Nearly 90% voter turnout, amid allegations of violence, political rhetoric intensifies.

कोलकाता। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दूसरे और अंतिम चरण का मतदान बुधवार को शांतिपूर्ण माहौल और छिटपुट हिंसा की घटनाओं के बीच लगभग संपन्न हो गया। शाम पांच बजे तक इस चरण में करीब 89.99 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया, जो इस चुनाव को लेकर मतदाताओं के उत्साह को दर्शाता है। कई जिलों में मतदान प्रतिशत 90 फीसदी के पार पहुंच गया, जिससे यह चरण बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। चुनाव आयोग के आंकड़ों के अनुसार पूर्व बर्धमान जिले में सबसे अधिक 92.46 प्रतिशत मतदान हुआ, जबकि हुगली जिले में 90.34 प्रतिशत मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। भारी मतदान के चलते कई मतदान केंद्रों पर देर तक कतारें देखने को मिलीं। हालांकि, मतदान के दौरान कुछ स्थानों से हिंसा की खबरें भी सामने आईं। नादिया जिले में सुबह करीब नौ बजे एक भाजपा कार्यकर्ता पर अज्ञात लोगों द्वारा हमला किए जाने की सूचना है, जिसमें उसे गंभीर चोटें आईं और सिर में छह टांके लगाने पड़े। इस घटना के बाद इलाके में तनाव का माहौल बन गया। राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप भी पूरे दिन जारी रहे। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि उनके पार्टी कार्यकर्ताओं पर हमले किए गए हैं और केंद्रीय बलों की भूमिका पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि उन्हें ऐसी सूचनाएं मिल रही हैं कि सीआरपीएफ की तैनाती निष्पक्ष तरीके से नहीं हो रही और राज्य पुलिस को कई बूथों से दूर रखा गया है। ममता बनर्जी ने दावा किया कि उनकी पार्टी दो-तिहाई बहुमत के साथ सरकार बनाने जा रही है। वहीं भाजपा की ओर से भी आत्मविश्वास से भरे बयान सामने आए। कल्याणी सीट से भाजपा प्रत्याशी अनुपम बिश्वास ने कहा कि तृणमूल कांग्रेस का जनाधार खत्म हो चुका है और भाजपा राज्य में भारी बहुमत से सरकार बनाएगी। बता दें कि इस चरण के चुनाव में 1400 से अधिक उम्मीदवार मैदान में थे, जिनमें कई दिग्गज नेताओं की प्रतिष्ठा दांव पर लगी हुई है। ममता बनर्जी और शुभेंदु अधिकारी के बीच मुकाबला सबसे ज्यादा चर्चा में रहा। इसके अलावा टीएमसी के वरिष्ठ नेता फिरहाद हकीम, अरूप विश्वास और सुजीत बोस भी चुनावी मैदान में अपनी किस्मत आजमा रहे हैं। मतदान प्रक्रिया समाप्त होने के बाद अब सभी की नजरें चुनाव परिणामों पर टिकी हैं, जो यह तय करेंगे कि राज्य की सत्ता किसके हाथों में जाएगी।