Oct 04, 2026 Login

बड़ी खबरः राहुल गांधी के उत्तराखंड दौरे से पहले गरमाई सियासत! बीजेपी-कांग्रेस आमने-सामने, सैनिक सम्मेलन को लेकर छिड़ी बयानबाजी

Big news: Politics heats up ahead of Rahul Gandhi's visit to Uttarakhand! BJP and Congress face off, with rhetoric swirling over the military conference.

देहरादून/अल्मोड़ा। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के दो दिवसीय उत्तराखंड दौरे को लेकर प्रदेश की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। एक ओर जहां कांग्रेस राहुल गांधी के कार्यक्रम को ऐतिहासिक बनाने में जुटी हुई है, तो वहीं दूसरी ओर भारतीय जनता पार्टी उनके दौरे और विशेष रूप से पूर्व सैनिकों के साथ प्रस्तावित संवाद कार्यक्रम को लेकर लगातार सवाल उठा रही है। दौरे से पहले ही प्रदेश में राजनीतिक बयानबाजी का दौर शुरू हो गया है और दोनों प्रमुख दल एक-दूसरे पर तीखे हमले कर रहे हैं। बता दें कि राहुल गांधी कल चार जून को उत्तराखंड पहुंचेंगे। अपने दौरे के दौरान वह अल्मोड़ा में विशाल जनसभा को संबोधित करेंगे, पौड़ी गढ़वाल में पूर्व सैनिकों के साथ संवाद करेंगे और इसके बाद देहरादून में कांग्रेस कार्यकर्ताओं एवं पदाधिकारियों के कार्यक्रम में हिस्सा लेंगे। कांग्रेस का दावा है कि राहुल गांधी का यह दौरा पार्टी संगठन को नई ऊर्जा देगा और प्रदेश की राजनीति में महत्वपूर्ण संदेश देगा।

राहुल गांधी के दौरे पर बीजेपी का हमला
राहुल गांधी के प्रस्तावित सैनिक सम्मेलन को लेकर भाजपा नेताओं ने सवाल खड़े किए हैं। भाजपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व सैन्य अधिकारी अजय कोठियाल ने कहा कि राहुल गांधी का उत्तराखंड आना स्वागत योग्य है, लेकिन उनका पूर्व सैनिकों के बीच जाने का उद्देश्य राजनीतिक अधिक दिखाई देता है। कोठियाल ने कहा कि पौड़ी गढ़वाल वीर सैनिकों और बलिदान की परंपरा वाली भूमि है। ऐसे क्षेत्र में राहुल गांधी का सैनिकों से संवाद करना कई सवाल खड़े करता है क्योंकि अतीत में उन्होंने सेना की कार्रवाईयों पर सवाल उठाए थे और सर्जिकल स्ट्राइक जैसे मुद्दों पर प्रमाण मांगे थे। उन्होंने आरोप लगाया कि विधानसभा चुनाव से पहले सैनिकों को राजनीतिक मुद्दा बनाने का प्रयास किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री धामी ने भी साधा निशाना
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भी राहुल गांधी के दौरे को लेकर कटाक्ष किया। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड केवल देवभूमि ही नहीं बल्कि वीरभूमि भी है। प्रदेश का लगभग हर परिवार किसी न किसी रूप में सेना, अर्धसैनिक बलों या सुरक्षा सेवाओं से जुड़ा हुआ है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राहुल गांधी और उनकी पार्टी ने कई अवसरों पर सेना के शौर्य और पराक्रम पर प्रश्नचिह्न लगाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सर्जिकल स्ट्राइक और एयर स्ट्राइक जैसे सैन्य अभियानों पर कांग्रेस नेताओं द्वारा सवाल उठाए गए और देश के वीर सैनिकों का मनोबल गिराने का प्रयास किया गया। धामी ने यह भी कहा कि पूर्व सीडीएस जनरल बिपिन रावत के संबंध में कांग्रेस नेताओं की टिप्पणियां भी जनता भूली नहीं है।

कांग्रेस का पलटवार, बीजेपी पर घबराहट का आरोप
भाजपा के हमलों का जवाब देते हुए प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने कहा कि राहुल गांधी के उत्तराखंड दौरे से भाजपा नेता असहज और परेशान दिखाई दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी प्रदेश की जनता के मुद्दों को उठाने, भाजपा सरकार की नीतियों की समीक्षा करने और उत्तराखंड की गौरवशाली सैन्य परंपरा को नमन करने आ रहे हैं। गोदियाल ने अजय कोठियाल के बयान पर भी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनसे इस तरह की टिप्पणी की अपेक्षा नहीं थी। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी का उद्देश्य सैनिकों का सम्मान करना और उनकी समस्याओं को सुनना है, न कि राजनीतिक लाभ लेना। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व नेता प्रतिपक्ष प्रीतम सिंह ने दावा किया कि अल्मोड़ा में आयोजित होने वाली राहुल गांधी की जनसभा ऐतिहासिक साबित होगी। उन्होंने कहा कि जनसभा में उमड़ने वाली भीड़ अब तक के कई राजनीतिक रिकॉर्ड तोड़ सकती है। प्रीतम सिंह ने कहा कि कांग्रेस हमेशा सैनिकों और पूर्व सैनिकों के सम्मान की पक्षधर रही है। उत्तराखंड के हजारों युवा देश की सीमाओं की रक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं और राहुल गांधी उनके योगदान को सम्मान देने के लिए ही सैनिक सम्मेलन में शामिल होंगे।

भाजपा बोली- चुनाव आते ही याद आता है उत्तराखंड
भाजपा प्रवक्ता मथुरा दत्त जोशी ने कांग्रेस पर पलटवार करते हुए कहा कि राहुल गांधी उत्तराखंड में एक पर्यटक की तरह आते हैं और चुनावी मौसम में ही प्रदेश की याद आती है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस नेतृत्व ने हमेशा उत्तराखंड और यहां के सैनिकों की भावनाओं को समझने में विफलता दिखाई है। जोशी ने कहा कि प्रदेश की जनता राहुल गांधी के पुराने बयानों को भूली नहीं है और आगामी चुनावों में इसका जवाब देगी। राहुल गांधी के दौरे से पहले जिस तरह भाजपा और कांग्रेस के बीच बयानबाजी तेज हुई है, उससे साफ है कि आगामी विधानसभा चुनावों की आहट अब प्रदेश की राजनीति में सुनाई देने लगी है। कांग्रेस इस दौरे को संगठनात्मक मजबूती और जनसंपर्क अभियान के रूप में देख रही हैए जबकि भाजपा इसे चुनावी रणनीति का हिस्सा बताकर सवाल खड़े कर रही है। अब सभी की निगाहें चार जून को होने वाली राहुल गांधी की अल्मोड़ा जनसभा, पौड़ी सैनिक सम्मेलन और देहरादून कार्यक्रम पर टिकी हैं, जहां से प्रदेश की राजनीति को नई दिशा देने वाले कई संदेश निकल सकते हैं।