Oct 13, 2026 Login
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बिग ब्रेकिंग : चारधाम यात्रा पर हाईकोर्ट से मिली राज्य सरकार को बड़ी राहत

Big Breaking: Big relief to the state government from the High Court on Chardham Yatra

उत्तराखंड हाइकोर्ट में चारधाम यात्रा में श्रद्धालुओं की संख्या को बढ़ाए जाने को लेकर राज्य सरकार ने खण्डपीठ में सुनवाई हेतु प्रार्थना पत्र दिया था,जिसपर कोर्ट ने मामले में सुनवाई करते हुए श्रद्धालुओं की संख्या में लगाई गई बाध्यता को हटा दिया। साथ ही कोर्ट ने राज्य को निर्देश दिए है कि कोरोना प्रोटोकॉल का पूरी तरह से पालन कराया जाए। यात्रा में आने वाले बच्चो और महिलाओं श्रद्धालुओं के लिए उचित मेडिकल सुविधा उपलब्ध करायी जाए। चारो धामों में इमरजेंसी एयर एम्बुलेंस सेवा उपलब्ध कराने को भी कोर्ट ने कहा है।  


महाधिवक्ता द्वारा सरकार का पक्ष रखते हुए कहा गया कि चारधाम यात्रा करने के लिए कोविड को देखते हुए कोर्ट ने पूर्व में श्रद्धालुओं की संख्या निर्धारित कर दी थी, लेकिन वर्तमान समय मे प्रदेश में कोविड के केस ना के बराबर आ रहे है इसलिए चारधाम यात्रा करने के लिए श्रद्धालुओं की निर्धारित संख्या के आदेश में संशोधन किया जाय। महाअधिवक्ता द्वारा कोर्ट के सम्मुख यह भी कहा कि चारधाम यात्रा समाप्त होने में 40 दिन से कम का समय बचा हुआ है इसलिए जितने भी श्रद्धालु वहाँ आ रहे है उन सबको दर्शन करने की अनुमति दी जाय। जो श्रद्धालु ऑन लाइन दर्शन करने हेतु रजिस्ट्रेशन करा रहे है वे नही आ रहे है जिसके कारण वहाँ के स्थानीय लोगो पर रोजी रोटी का खतरा उत्तपन्न हो रहा है। सरकार को कोर्ट ने पूर्व दिए गए दिशा निर्देशों का हर सम्भव प्रयास किया जा रहा है । चारधाम यात्रा में सभी सुविधाओं को उपलब्ध करा दिया गया है ।  सरकार की तरफ से यह भी कहा गया है कि चारधाम यात्रा करने के लिए श्रद्धालुओं की निर्धारित संख्या पर से रोक हटाई जाय  या फिर श्रद्धालुओं की संख्या तीन से चार हजार प्रतिदिन किया जाय। मामले की सुनवाई मुख्य न्यायधीश आरएस चौहान व न्यायमुर्ति आलोक कुमार वर्मा की खण्डपीठ में हुई। पूर्व में कोर्ट ने चारधाम यात्रा करने के लिए  प्रत्येक दिन  केदारनाथ धाम में  800 , बद्रीनाथ धाम में 1000,  गंगोत्रि में 600, यमनोत्री धाम में कुल 400 श्रद्धालुओ को  जाने की अनुमति दी थी।