दरिंदगी से दहला बंगाल: मासूम से गैंगरेप के बाद हत्या! बोरे में भरकर तालाब में फेंकी लाश, भीड़ ने एक आरोपी की पीट-पीटकर ली जान
नई दिल्ली। पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले के बारुईपुर स्थित सूर्यापुर इलाके में 12 वर्षीय स्कूली छात्रा के कथित अपहरण, सामूहिक दुष्कर्म और निर्मम हत्या की घटना ने पूरे राज्य को झकझोर दिया है। इस सनसनीखेज वारदात के बाद इलाके में भारी जनाक्रोश देखने को मिला। बच्ची का शव बरामद होने के बाद गुस्साई भीड़ ने एक संदिग्ध युवक की पीट-पीटकर हत्या कर दी, जबकि पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच कई घंटों तक तनावपूर्ण स्थिति बनी रही। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया है और अब तक तीन आरोपियों को गिरफ्तार करने का दावा किया है। जानकारी के अनुसार शनिवार शाम करीब साढ़े चार बजे 12 वर्षीय छात्रा अपने एक दोस्त के जन्मदिन के लिए उपहार खरीदने घर से निकली थी। बच्ची दक्षिण 24 परगना के धोपधोपी-द्वितीय ग्राम पंचायत क्षेत्र की रहने वाली थी। देर शाम तक उसके घर वापस नहीं लौटने पर परिजनों की चिंता बढ़ गई। परिवार और स्थानीय लोगों ने रातभर उसकी तलाश की। परिजनों का आरोप है कि चार स्थानीय युवकों ने बच्ची का अपहरण कर लिया था। परिजनों और ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि सूचना देने के बावजूद पुलिस की शुरुआती कार्रवाई बेहद धीमी रही। इसी कारण ग्रामीणों ने स्वयं पूरी रात खोज अभियान चलाया। इस दौरान आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली गई। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते प्रभावी कार्रवाई होती तो संभवतः बच्ची की जान बचाई जा सकती थी।
सीसीटीवी फुटेज से मिला पहला सुराग
शनिवार रात करीब आठ बजे स्थानीय लोगों को एक सीसीटीवी कैमरे की फुटेज मिली। फुटेज में दो युवक घूमते हुए दिखाई दिए, जिनमें से एक नीली टोपी पहने था। स्थानीय लोगों का दावा है कि इसी युवक को बच्ची को अपने साथ ले जाते हुए देखा गया था। इसके बाद ग्रामीणों ने संदिग्धों की पहचान करने का अभियान तेज कर दिया। रविवार तड़के करीब चार बजे ग्रामीणों ने एक संदिग्ध युवक की पहचान कर उसके घर पहुंचकर पूछताछ की। आरोप है कि दबाव में उसने उस स्थान की जानकारी दी, जहां बच्ची का शव छिपाया गया था। सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण और पुलिस मौके पर पहुंची। रविवार सुबह करीब नौ बजे सूर्यापुर हाट के पास एक तालाब से बच्ची का शव बरामद किया गया। शव को एक बोरे में भरकर तालाब में फेंका गया था। शव मिलने के बाद पूरे इलाके में मातम और आक्रोश फैल गया। स्थानीय लोगों का आरोप है कि बच्ची के साथ पहले सामूहिक दुष्कर्म किया गया और बाद में उसकी हत्या कर शव को ठिकाने लगाया गया। इस संबंध में अंतिम पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और पुलिस जांच के बाद ही होगी।
भीड़ का फूटा गुस्सा, एक संदिग्ध की मौत, तोड़फोड़
पुलिस के अनुसार पूछताछ के दौरान पकड़े गए युवक ने कथित तौर पर बताया कि तीन से चार लोग बच्ची को अपने साथ ले गए थे। शव मिलने के बाद गुस्साए लोगों ने उसकी पिटाई शुरू कर दी। पुलिस ने किसी तरह उसे भीड़ से बचा लिया। इसी बीच स्थानीय लोगों ने 26 वर्षीय एक अन्य संदिग्ध इंद्रजीत टांटी को पकड़ लिया। आरोप है कि भीड़ ने उसकी बेरहमी से पिटाई कर दी। गंभीर रूप से घायल इंद्रजीत को अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इस घटना के बाद मामला और अधिक संवेदनशील हो गया। घटना के विरोध में हजारों लोगों ने बारुईपुर-जयनगर रोड को टायर और लकड़ियां जलाकर जाम कर दिया। कई पुलिस वाहनों में तोड़फोड़ की गई। प्रदर्शनकारियों ने सूर्यापुर रेलवे स्टेशन पर रेल पटरियों पर धरना देकर सियालदह-नामखाना रेल मार्ग पर ट्रेन सेवाएं कई घंटों तक बाधित कर दीं। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए भारी संख्या में पुलिस बल और वरिष्ठ अधिकारियों को मौके पर भेजा गया। प्रेसिडेंसी रेंज के पुलिस महानिरीक्षक कंकरप्रसाद बरुई ने स्वयं घटनास्थल पहुंचकर लोगों को दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का भरोसा दिलाया। अधिकारियों ने लाउडस्पीकर के माध्यम से कहा कि दोषियों को कठोरतम सजा दिलाने का प्रयास किया जाएगा।
SIT गठित, तीन एफआईआर दर्ज, कई गिरफ्तारियां
मामले की गंभीरता को देखते हुए छह सदस्यीय विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया है। इसके बाद मुख्यमंत्री ने पीड़िता के पिता से फोन पर बातचीत कर त्वरित न्याय का आश्वासन दिया तथा उन्हें राज्य पुलिस मुख्यालय भवानी भवन आने का निमंत्रण दिया। प्रशासन के आश्वासन के बाद पीड़ित परिवार ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की, जिसके बाद सड़क और रेल जाम समाप्त कराया गया। इसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। पुलिस ने इस पूरे घटनाक्रम में तीन अलग-अलग एफआईआर दर्ज की हैं। इनमें बच्ची की हत्या, मॉब लिंचिंग तथा पुलिसकर्मियों पर हमले के मामले शामिल हैं। पुलिस ने स्थानीय भाजपा कार्यकर्ता शांतनु मंडल को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है। इसके अलावा दो गिरफ्तारियों और तीन अन्य लोगों को हिरासत में लेने की भी जानकारी दी गई। पूरे क्षेत्र में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 163 लागू कर दी गई है। सोमवार को पुलिस ने मामले के मुख्य आरोपी आनंद सरदार को गिरफ्तार कर लिया। इससे पहले रविवार को एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया था, जबकि सोमवार को एक अन्य आरोपी को भी हिरासत में लेकर गिरफ्तार किया गया। पुलिस का कहना है कि जांच तेजी से आगे बढ़ रही है और सभी आरोपियों की भूमिका की विस्तार से जांच की जा रही है। पुलिस के अनुसार अब तक गिरफ्तार आरोपियों की पहचान आनंद सरदार, दिवाकर सरदार और प्रभास मंडल के रूप में हुई है। इसके अलावा तीन अन्य संदिग्धों से पूछताछ की जा रही है। जांच एजेंसियां आरोपियों के आपसी संबंधों, कथित साजिश और पूरे घटनाक्रम की कड़ियों को जोड़ने में जुटी हैं। पुलिस का कहना है कि जांच के आधार पर आगे और गिरफ्तारियां भी हो सकती हैं।