राज्यसभा का रण: झारखंड और मिजोरम की 3 सीटों के लिए आज वोटिंग,किसका पलड़ा भारी?

Battle for the Rajya Sabha: Voting today for 3 seats from Jharkhand and Mizoram—who holds the upper hand?

झारखंड की दो और मिजोरम की एकमात्र राज्यसभा सीट के लिए आज यानी गुरुवार को मतदान होने जा रहा है। सुबह 9 बजे से शाम 4 बजे तक चलने वाली इस वोटिंग को लेकर दोनों राज्यों के विधानसभा परिसरों में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। इसके ठीक बाद शाम 5 बजे से वोटों की गिनती शुरू हो जाएगी, जिससे आज रात तक ही तस्वीर पूरी तरह साफ हो जाएगी। संख्या बल के लिहाज से कुछ सीटें सुरक्षित दिख रही हैं, तो कुछ पर शह और मात का खेल दिलचस्प हो गया है।

झारखंड की दो और मिजोरम की एक राज्यसभा सीट के लिए गुरुवार को मतदान होगा। दोनों राज्यों में मतदान और मतगणना की सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। झारखंड में जहां एक सीट पर जीत लगभग तय मानी जा रही है, वहीं दूसरी सीट पर मुकाबला बेहद दिलचस्प हो गया है। दूसरी ओर मिजोरम में सत्तारूढ़ दल के उम्मीदवार को संख्या बल का स्पष्ट लाभ मिलता दिख रहा है। झारखंड में राज्यसभा की दो सीटों के लिए झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के बैद्यनाथ राम, कांग्रेस के प्रणव झा और भाजपा समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार परिमल नाथवानी चुनाव मैदान में हैं। विधानसभा परिसर में मतदान को लेकर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं और सभी राजनीतिक दल अपने-अपने विधायकों को एकजुट रखने में जुटे हुए हैं। संख्या बल के आधार पर झामुमो उम्मीदवार बैद्यनाथ राम की जीत लगभग सुनिश्चित मानी जा रही है। हालांकि राजनीतिक हलकों की नजर दूसरी सीट पर टिकी हुई है, जहां कांग्रेस उम्मीदवार प्रणव झा और एनडीए समर्थित परिमल नाथवानी के बीच सीधा मुकाबला है। इस सीट पर परिणाम काफी हद तक विधायकों की एकजुटता और संभावित क्रॉस वोटिंग पर निर्भर करेगा। चुनाव से पहले दोनों खेमों ने अपने विधायकों की निगरानी और रणनीतिक बैठकों का दौर तेज कर दिया है। एनडीए ने अपने विधायकों को रांची के एक होटल में ठहराया है, जबकि इंडिया गठबंधन लगातार बैठकें कर विधायकों के साथ संपर्क बनाए हुए है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यदि किसी भी पक्ष में क्रॉस वोटिंग होती है तो परिणाम अप्रत्याशित हो सकते हैं। उधर, मिजोरम की एकमात्र राज्यसभा सीट पर सत्तारूढ़ जोरम पीपुल्स मूवमेंट (जेडपीएम) और मुख्य विपक्षी मिजो नेशनल फ्रंट (एमएनएफ) के बीच मुकाबला है। जेडपीएम ने अपने प्रवक्ता के. लालतलुआंगकिमा को उम्मीदवार बनाया है, जबकि एमएनएफ ने अधिवक्ता एवं लेखिका जोथानसांगी हमार को मैदान में उतारा है। 40 सदस्यीय मिजोरम विधानसभा में जेडपीएम के 27 विधायक हैं, जबकि एमएनएफ के पास 10 विधायक हैं। भाजपा के दो और कांग्रेस का एक विधायक है। लेकिन चुनाव को और दिलचस्प बनाते हुए भाजपा और कांग्रेस दोनों ने मतदान से दूर रहने का फैसला किया है। कांग्रेस विधायक सी. न्गुनलियनचुंगा ने स्पष्ट किया है कि पार्टी नेतृत्व के निर्देशानुसार वह मतदान में हिस्सा नहीं लेंगे। भाजपा ने भी अपने दोनों विधायकों को मतदान से दूर रखने का निर्णय लिया है। संख्या बल को देखते हुए मिजोरम में जेडपीएम उम्मीदवार की जीत लगभग तय मानी जा रही है। वहीं विपक्षी उम्मीदवार के सामने चुनौती काफी कठिन दिखाई दे रही है। विधानसभा सचिवालय के अनुसार मतदान सुबह 9 बजे से शाम 4 बजे तक होगा, जबकि शाम 5 बजे से मतगणना शुरू कर दी जाएगी। चुनाव आयोग और प्रशासन ने मतदान को शांतिपूर्ण एवं निष्पक्ष ढंग से संपन्न कराने के लिए व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की है। राजनीतिक दृष्टि से झारखंड का चुनाव अधिक रोचक माना जा रहा है, क्योंकि यहां दूसरी सीट पर मुकाबला बेहद करीबी है। ऐसे में पूरे दिन राजनीतिक गलियारों में हलचल बनी रहेगी और शाम तक यह स्पष्ट हो जाएगा कि राज्यसभा में किस दल की ताकत बढ़ने वाली है। वहीं मिजोरम में सत्ता पक्ष के पक्ष में समीकरण होने के कारण मुकाबला अपेक्षाकृत एकतरफा माना जा रहा है।