शर्म आती है आपको? पूरे हिंदू समाज से माफी मांगिए! भाजपा की रैली में हनुमान वेश में कलाकार के डांस पर सियासी संग्राम, बीजेपी पर फायर हुए केजरीवाल

Are you ashamed? Apologize to the entire Hindu community! Political row erupts over a performer dancing in the guise of Hanuman at a BJP rally; Kejriwal lashes out at the BJP.

लखनऊ। भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन की एक रैली का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल होने के बाद नया राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है। वायरल वीडियो में भगवान हनुमान की वेशभूषा पहने एक कलाकार बीजेपी का झंडा हाथ में लेकर रैली के दौरान काफिले के सामने नृत्य करता दिखाई दे रहा है। वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर तीखी बहस छिड़ गई है और विपक्ष ने इसे हिंदू धर्म के अपमान से जोड़ते हुए बीजेपी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। इस पूरे घटनाक्रम को लेकर सोशल मीडिया पर कई तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। कुछ लोग इसे धार्मिक प्रतीकों के राजनीतिक इस्तेमाल का मामला बता रहे हैं तो कुछ का कहना है कि भगवान के स्वरूप को चुनावी या राजनीतिक कार्यक्रमों का हिस्सा बनाना उचित नहीं है। हालांकि, दूसरी ओर कुछ लोगों का यह भी कहना है कि यह एक कलाकार की प्रस्तुति थी और इसे राजनीतिक या धार्मिक विवाद का रूप नहीं दिया जाना चाहिए। आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने इस वीडियो को अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर साझा करते हुए बीजेपी पर तीखा हमला बोला। उन्होंने लिखा कि, जितना नुकसान और अपमान आप लोगों ने हिंदू धर्म का किया है, शायद भारत के 5000 वर्ष के इतिहास में बाहर से आने वाले आतताइयों ने भी नहीं किया। जितना आप लोगों ने हिंदुओं को लूटा है, आज तक किसी ने नहीं लूटा। हिंदू धर्म पर आप लोग कलंक हैं।  इसके साथ ही उन्होंने एक अन्य पोस्ट में कहा, ये वीडियो देखिए। ये क्या कर रहे हैं आप? शर्म आती है आपको? पूरे हिंदू समाज से माफी मांगिए। केजरीवाल के इन बयानों के बाद यह मामला और अधिक राजनीतिक रंग लेता दिखाई दे रहा है।

क्या है वायरल वीडियो में?
वायरल वीडियो में भगवान हनुमान की वेशभूषा धारण किए एक कलाकार को बीजेपी का झंडा हाथ में लेकर सड़क पर नृत्य करते हुए देखा जा सकता है। वीडियो में पीछे बीजेपी नेताओं का काफिला गुजरता दिखाई देता है, जबकि आसपास मौजूद कार्यकर्ता और समर्थक तालियां बजाकर कलाकार का उत्साहवर्धन करते नजर आते हैं। यही वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ, जिसके बाद विपक्षी दलों और कई सोशल मीडिया यूजर्स ने इस पर सवाल उठाने शुरू कर दिए।

सोशल मीडिया पर बंटी राय
वीडियो वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों की राय भी दो हिस्सों में बंटी हुई दिखाई दी। कई यूजर्स ने इसे धार्मिक भावनाओं से जुड़ा विषय बताते हुए नाराजगी जताई। कुछ प्रतिक्रियाओं में कहा गया कि भगवान के स्वरूप का राजनीतिक कार्यक्रमों में इस प्रकार उपयोग उचित नहीं है। वहीं कुछ अन्य यूजर्स ने लिखा कि यह एक सांस्कृतिक प्रस्तुति थी और इसे अनावश्यक रूप से राजनीतिक विवाद बनाया जा रहा है। सोशल मीडिया पर यूजर्स लिख रहे हैं कि, इतनी हिम्मत सिर्फ बीजेपी वाले ही कर सकते हैं, जो हनुमान जी को नचा रहे हैं। अब पवनपुत्र हनुमान जी भी बीजेपी का प्रचार करेंगे? क्या अब किसी की धार्मिक भावनाएं आहत नहीं हो रही है? नेताओं के आगे भगवान हनुमान को नाचना पड़ रहा है, यह भगवान का मजाक उड़ाने जैसा है। अगर यही किसी दूसरी पार्टी की रैली में होता तो प्रतिक्रियाएं अलग होतीं। फिलहाल इस विवाद ने एक बार फिर चुनावी और राजनीतिक आयोजनों में धार्मिक प्रतीकों और देवी-देवताओं के स्वरूप के उपयोग को लेकर बहस छेड़ दी है। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे मामलों में राजनीतिक दलों को संवेदनशीलता बरतनी चाहिए ताकि किसी भी वर्ग की धार्मिक भावनाएं आहत न हों।