‘जो अधिकारी मेरी नहीं सुनेगा, वह मेरे जूते की सुनेगा’! उत्तराखण्ड में भाजपा विधायक के विवादित बोल, गरमाई सियासत
रुद्रप्रयाग। भाजपा विधायक भरत सिंह चौधरी अपने एक बयान को लेकर विवादों में घिरते नजर आ रहा है। दरअसल, उनका एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें वह अधिकारियों को लेकर आपत्तिजनक भाषा का प्रयोग करते सुनाई दे रहे हैं। वीडियो में विधायक कह रहे हैं कि जो अधिकारी मेरी नहीं सुनेगा, वह मेरे जूते की सुनेगा। यह वीडियो सामने आने के बाद जहां लोगों ने आपत्ति जताई है, वहीं सियासत भी गरमाती नजर आ रही है। कांग्रेस समेत तमाम राजनीतिक दल इस मामले को लेकर भाजपा और उसके विधायक को घेरने में जुट गए हैं। हांलाकि आवाज इंडिया वायरल वीडियो की पुष्टि नहीं करता है। बताया जा रहा है कि यह वायरल वीडियो करीब एक सप्ताह पुराना है, जो रुद्रप्रयाग जनपद की बड़मा पट्टी में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान का है। कार्यक्रम में संबोधन के दौरान विधायक भरत सिंह चौधरी ने कहा कि बड़मा क्षेत्र में सैनिक स्कूल बनाए जाने की घोषणा करने वाले नेता अब गायब हो चुके हैं। उन्होंने कहा कि सैनिक स्कूल भले ही न बन पाए, लेकिन बड़मा में वेटनरी मेडिकल कॉलेज अवश्य बनाया जाएगा। इस दौरान विधायक ने कांग्रेस नेता एवं पूर्व विधायक रुद्रप्रयाग डॉ. हरक सिंह रावत पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि जिन्होंने कहा था आ गया हरक, पड़ गया फरक वे अब नजर नहीं आते। भरत सिंह चौधरी ने दावा किया कि पिछली बार जनता ने उन्हें 30 हजार से अधिक वोटों से जिताया था, आगामी चुनाव में वे 40 हजार से अधिक मतों से जीत दर्ज करेंगे। भरत सिंह चौधरी के वायरल वीडियो में अधिकारियों को जूते की नोंक पर रखने जैसे शब्दों का प्रयोग किए जाने को लेकर राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में नाराजगी देखी जा रही है। सोशल मीडिया पर कई लोग इसे जनप्रतिनिधि की गरिमा के खिलाफ बता रहे हैं।