उत्तराखण्ड में एक और गजब का खेलः पुलिस थाने से चल रहा निजी टावर का कनेक्शन! सब मीटर थाने से, बिल भर रही सरकार और पैसा जा रहा पुलिस जनकल्याण समिति के खाते में? जानें क्या है पूरा मामला

Another shocking scam in Uttarakhand: A private tower connection is running from a police station! The submeter is being installed at the police station, but the government is paying the bill, while

पंतनगर। उत्तराखण्ड के ऊधम सिंह नगर जिले से एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने पुलिस महकमे की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। दरअसल, इण्डर्स टावर्स लि. सेक्टर 62, नोएडा (यूपी) ने पंतनगर स्थित गोविन्द बल्लभ पंत प्रोद्यौगिकी विश्वविद्यालय के निर्देशक, निर्माण एवं संयत्र को एक पत्र लिखा है। पत्र में इण्डर्स टावर्स लि. ने बताया कि पंतनगर के हल्दी पुलिस स्टेशन के अंदर उनका टावर लगा है, जिसमें विद्युत सप्लाई के लिए बिजली कनेक्शन सब मीटर द्वारा पुलिस थाने से लिया गया है और सब मीटर की रिडिंग के अनुसार कंपनी द्वारा पुलिस लाइन रुद्रपुर कैश कार्यालय अथवा पुलिस जनकल्याण समिति के खाते में नियमित रूप से जमा किया जाता है। बताया कि पिछला भुगतान न होने के चलते टावर का कनेक्शन काट दिया गया है, जिससे उनकी संचार व्यवस्था बाधित हो रही है। पत्र में मांग की गई है कि टावर की विद्युत सप्लाई को चालू किया जाए, अथवा स्थाई कनेक्शन के लिए कुछ समय दिया जाए। इस अवधि के बिल का भुगतान विद्युत विभाग को उनके द्वारा कर दिया जाएगा। 

बता दें कि उत्तराखण्ड पुलिस का बिजली का बिल राज्य सरकार द्वारा वहन किया जाता है, जो सरकार राज्य के बजट के माध्यम से यूपीसीएल को देती है। ऐसे में सवाल उठता है कि जब पुलिस का बिल राज्य सरकार भर रही है तो उक्त कंपनी द्वारा सब मीटर के बिल का भुगतान पुलिस के खातों में क्यों किया जा रहा है। जैसा कि इण्डर्स कंपनी द्वारा लिखे पत्र में बताया गया है कि सब मीटर के बिजली का बिल उसके द्वारा पुलिस जनकल्याण समिति के खाते में जमा किया जाता है। ऐसे में सवाल ये भी उठता है कि क्या ऐसा करके उक्त कंपनी और पुलिस राज्य सरकार को राजस्व की हानि नहीं पहुंचा रही है। बता दें कि उत्तराखण्ड पुलिस जनकल्याण समिति सेवानिवृत्त पुलिस कर्मियों की समस्याओं के समाधान और उनके कल्याण के लिए कार्य करती है। यह समिति देहरादून में पुलिस महानिदेशक के साथ बैठकें कर पेंशनभोगियों की समस्याओं को उठाती है। समिति का उद्देश्य रिटायर्ड पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों के मुद्दों (पेंशन, स्वास्थ्य) को हल करना है। यहां सवाल ये भी उठता है कि किसी भी उपभोक्ता को सब मीटर देने का अधिकार नहीं है, यह अधिकार सिर्फ यूपीसीएल के पास होता है, ऐसे में हल्दी पुलिस स्टेशन से उक्त कंपनी को कैसे सब मीटर उपलब्ध कराया गया।