अंकिता भंडारी केसः सीसीटीवी कैमरों की निगरानी में उर्मिला सनावर से 7 घंटे तक हुई पूछताछ! फिर दोहराई बेटी को न्याय दिलाने की बात, अंकिता के नाम पर होगा राजकीय नर्सिंग कॉलेज डोभ
देहरादून। उत्तराखण्ड में अंकिता भंडारी हत्याकाण्ड मामले को लेकर घमासान मचा हुआ है। इस बीच धामी सरकार ने एक बड़ा फैसला लेते हुए अंकिता भंडारी के नाम पर श्रीनगर गढ़वाल स्थित राजकीय नर्सिंग कॉलेज डोभ का नामकरण किया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर गुरूवार को को शासन ने इस संबंध में शासनादेश जारी किया। चिकित्सा शिक्षा विभाग के अधीन संचालित राजकीय नर्सिंग कॉलेज डोभ का नाम अब स्व. अंकिता भंडारी के नाम पर होगा। सचिव स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा डॉ. आर. राजेश कुमार ने नर्सिंग कॉलेज का नाम परिवर्तन के शासनादेश जारी किए हैं। इधर अंकिता भंडारी केस में विपक्ष लगातार सीबीआई जांच की मांग उठा रहा है, हांलाकि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का कहना है कि अंकिता भंडारी के माता-पिता ने मुलाकात के दाैरान कुछ बातें उनके समक्ष रखी हैं, जिसपर सरकार जल्द ही निर्णय लेगी। सरकार के स्तर पर लिए जाने वाले निर्णय के लिए कानूनी पहलुओं पर विचार किया जा रहा है।
उधर एसआईटी ने उर्मिला सनावर से हरिद्वार में करीब सात घंटे तक पूछताछ की। पूछताछ के बाद जहां उर्मिला ने खुद को निष्पक्ष जांच का समर्थक बताते हुए अंकिता भंडारी को न्याय दिलाने की बात दोहराई, वहीं पूर्व विधायक सुरेश राठौर ने पूरे मामले को साजिश, ब्लैकमेलिंग और राजनीतिक षड्यंत्र करार देते हुए कांग्रेस पर गंभीर आरोप लगाए हैं। हरिद्वार में दर्ज विभिन्न मुकदमों को लेकर एसआईटी ने उर्मिला सनावर से करीब 6 से 7 घंटे तक लगातार पूछताछ की। यह पूछताछ पूरी तरह सीसीटीवी कैमरों की निगरानी में हुई। उर्मिला के मुताबिक कमरे में चार से पांच कैमरे लगे थे और हर सवाल-जवाब रिकॉर्ड हो रहा था। पूछताछ के दौरान उनसे उनके खिलाफ दर्ज मुकदमों, वायरल ऑडियो-वीडियो, उनके स्रोत, समय और संदर्भ को लेकर विस्तार से सवाल किए गए। पूछताछ के बाद बाहर निकली उर्मिला सनावर ने मीडिया से खुलकर बात की। उन्होंने कहा कि एसआईटी ने उनसे जो भी पूछा, उसका उन्होंने हर पहलू से जवाब दिया। उन्होंने सभी ऑडियो रिकॉर्डिंग सौंप दी हैं और यह भी स्पष्ट किया है कि किस रिकॉर्डिंग का समय क्या है। उनके अनुसार बाकी तकनीकी और अन्य सबूत पूर्व विधायक सुरेश राठौर देंगे। उर्मिला सनावर ने अपने वीडियो और बयानों को लेकर उठ रहे सवालों पर तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने साफ कहा कि वह न तो भाजपा के हाथों बिकी हैं और न ही कांग्रेस के। उनके मुताबिक यह कहना कि उनके तेवर बदल गए हैं या वह किसी सत्ता पक्ष के दबाव में हैं, पूरी तरह भ्रामक और झूठा है। उन्होंने कहा कि उनके पास कई अहम सबूत थे, जिन्हें सुरक्षित रखना जरूरी था। इसी वजह से उन्हें कुछ समय के लिए छुपना पड़ा। उर्मिला का दावा है कि यह छुपना किसी डर की वजह से नहीं, बल्कि रणनीतिक मजबूरी थी। उन्होंने बताया कि उनके खिलाफ हत्या की साजिश तक रची गई थी, जिसके चलते पुलिस की गाड़ियां रात-रात भर उनके घर पहुंचती रहीं।