अल्मोड़ाः एक सप्ताह पहले लापता हुई युवती सकुशल बरामद! बारिश और दुर्गम पहाड़ियों के बीच चला सर्च ऑपरेशन, छह किलोमीटर पैदल लाकर पहुंचाया अस्पताल

Almora: Young woman who went missing a week ago found safe! A search operation was conducted amidst rain and rugged hills; she was brought to the hospital after being carried on foot for six kilomete

रानीखेत। रानीखेत के मजखाली क्षेत्र से करीब एक सप्ताह पहले लापता हुई 28 वर्षीय युवती को अल्मोड़ा पुलिस और एसडीआरएफ की संयुक्त टीम ने कठिन परिस्थितियों में चलाए गए सघन अभियान के बाद सकुशल बरामद कर लिया। लगातार बारिश, घने जंगल और दुर्गम पहाड़ी क्षेत्र के बीच पांच दिनों तक चले व्यापक सर्च ऑपरेशन के बाद मंगलवार देर शाम सुंदरखाल के जंगल में युवती का पता चला। प्राथमिक उपचार देने के बाद संयुक्त टीम ने युवती को स्ट्रेचर के सहारे करीब छह किलोमीटर पैदल मुख्य सड़क तक पहुंचाया, जहां से एंबुलेंस के माध्यम से राजकीय चिकित्सालय रानीखेत में भर्ती कराया गया। पुलिस के अनुसार रानीखेत निवासी गिरीश पुजारी ने तीन जुलाई को कोतवाली रानीखेत में अपनी बेटी की गुमशुदगी दर्ज कराई थी। परिजनों ने बताया था कि युवती एक जुलाई की शाम घर से बिना किसी को बताए निकल गई थी और देर रात तक वापस नहीं लौटी। परिजनों ने अपने स्तर पर रिश्तेदारों और संभावित स्थानों पर काफी तलाश की, लेकिन उसका कोई सुराग नहीं मिला। इसके बाद मामले की सूचना पुलिस को दी गई। गुमशुदगी की सूचना मिलते ही वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर व्यापक स्तर पर खोजबीन शुरू की गई। अभियान में अल्मोड़ा पुलिस के अलावा एसडीआरएफ, फायर सर्विस, पीएसी, डॉग स्क्वॉड और वन विभाग की टीमों को भी शामिल किया गया। संयुक्त टीमों ने मजखाली, कालिका, दलमोटी, सुंदरखाल और बूबूधाम सहित आसपास के घने जंगलों और पहाड़ी इलाकों में लगातार कॉम्बिंग अभियान चलाया।

खोज अभियान को प्रभावी बनाने के लिए पुलिस ने तकनीकी संसाधनों का भी सहारा लिया। क्षेत्र में लगे 50 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली गई, जबकि दुर्गम और घने जंगलों में संभावित स्थानों की निगरानी के लिए ड्रोन कैमरों का उपयोग भी किया गया। लगातार बारिश और फिसलन भरे रास्तों के बावजूद टीमों ने अभियान जारी रखा और हर संभावित क्षेत्र की गहन तलाशी ली। मंगलवार शाम संयुक्त टीम को सुंदरखाल गांव से लगभग चार किलोमीटर दूर घने जंगल में युवती दिखाई दी। टीम ने तत्काल उसके पास पहुंचकर प्राथमिक उपचार उपलब्ध कराया। युवती की शारीरिक स्थिति कमजोर होने के कारण उसे पैदल चलाना संभव नहीं था, इसलिए रेस्क्यू टीम ने स्ट्रेचर की मदद से करीब छह किलोमीटर पैदल यात्रा कर उसे मुख्य सड़क तक पहुंचाया। वहां पहले से तैयार एंबुलेंस के जरिए उसे राजकीय चिकित्सालय रानीखेत भेजा गया, जहां चिकित्सकों की निगरानी में उसका उपचार किया जा रहा है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि युवती सुरक्षित है और उसकी चिकित्सकीय जांच कराई जा रही है। स्वास्थ्य में सुधार होने के बाद उसके बयान दर्ज किए जाएंगे, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि वह किन परिस्थितियों में जंगल तक पहुंची और इतने दिनों तक वहां कैसे रही। फिलहाल पुलिस मामले के सभी पहलुओं की जांच कर रही है। इस सफल अभियान में पुलिस, एसडीआरएफ, फायर सर्विस, पीएसी, डॉग स्क्वॉड और वन विभाग के समन्वित प्रयासों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।