अमेरिका से आया अलर्ट... यूपी पुलिस ने लिया बड़ा एक्शन और सलाखों के पीछे पहुंचा दरिंदा! 4 साल की मासूम का एडिटेड वीडियो गूगल ड्राइव में छिपाने वाला गिरफ्तार, 1000 से अधिक आपत्तिजनक फाइलें बरामद

Alert from the US... UP Police takes major action, and the predator lands behind bars! Man arrested for hiding an edited video of an innocent 4-year-old girl on Google Drive; over 1,000 objectionable

एटा। उत्तर प्रदेश के एटा जिले में बच्चों से जुड़े ऑनलाइन यौन शोषण के मामले में साइबर पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई अमेरिका स्थित नेशनल सेंटर फॉर मिसिंग एंड एक्सप्लॉइटेड चिल्ड्रन (NCMEC) की ओर से भेजे गए साइबर अलर्ट के आधार पर की गई। गिरफ्तार सख्श पर आरोप है कि उसने एक चार वर्षीय बच्ची से जुड़े आपत्तिजनक वीडियो को एडिट कर अपने गूगल ड्राइव पर सुरक्षित रखा था। इस गतिविधि का पता चलने के बाद अमेरिकी एजेंसी ने भारत के गृह मंत्रालय को सूचना भेजी, जिसके आधार पर एटा पुलिस ने जांच शुरू कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के अनुसार यह कार्रवाई एटा जिले के जलेसर क्षेत्र में थाना साइबर क्राइम और साइबर सेल की संयुक्त टीम ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. इलामारन के निर्देशन में की। जांच के दौरान आरोपी के कब्जे से दो मोबाइल फोन बरामद किए गए। इन मोबाइल फोन की डिजिटल और फॉरेंसिक जांच में 1000 से अधिक आपत्तिजनक फोटो एवं वीडियो मिलने की बात सामने आई है। बरामद सामग्री की जांच की जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि उसका स्रोत क्या है और कहीं इसका संबंध किसी बड़े ऑनलाइन नेटवर्क से तो नहीं है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार आरोपी ने इंटरनेट और क्लाउड स्टोरेज प्लेटफॉर्म का दुरुपयोग करते हुए चार वर्षीय बच्ची से संबंधित आपत्तिजनक सामग्री को अपने गूगल ड्राइव पर अपलोड कर रखा था। इसी दौरान यह सामग्री अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बच्चों के ऑनलाइन शोषण की निगरानी करने वाली अमेरिकी संस्था NCMEC की नजर में आ गई। संस्था ने निर्धारित साइबर रिपोर्टिंग व्यवस्था के तहत भारत के गृह मंत्रालय को इसकी सूचना भेजी। जानकारी के अनुसार गृह मंत्रालय को भेजे गए साइबर इनपुट में कुल 21 डिजिटल फाइलों का उल्लेख किया गया था। गृह मंत्रालय से सूचना प्राप्त होते ही राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (NCRP) के माध्यम से मामला एटा पुलिस को भेजा गया। इसके बाद साइबर विशेषज्ञों ने तकनीकी जांच शुरू की और डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर आरोपी की पहचान कर उसे हिरासत में ले लिया। एटा पुलिस ने आरोपी के खिलाफ पॉक्सो अधिनियम, भारतीय न्याय संहिता (BNS) तथा सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच अभी जारी है और यह पता लगाया जा रहा है कि आरोपी किसी संगठित गिरोह या ऑनलाइन नेटवर्क से जुड़ा था या नहीं। साथ ही बरामद डिजिटल सामग्री की भी विस्तृत फॉरेंसिक जांच कराई जा रही है। एएसपी क्राइम योगेंद्र सिंह ने बताया कि बरामद मोबाइल फोन में बड़ी मात्रा में आपत्तिजनक डिजिटल सामग्री मिली है। पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क, सामग्री के स्रोत और संभावित अन्य आरोपियों की पहचान करने में जुटी है। उन्होंने कहा कि बच्चों से जुड़े ऑनलाइन यौन शोषण के मामलों में तकनीकी निगरानी और अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों के सहयोग से लगातार कार्रवाई की जा रही है।