पेपर लीक से हिला देश का सबसे बड़ा मेडिकल एंट्रेंस एग्जाम: NEET UG 2026 रद्द! CBI जांच के आदेश, 22 लाख छात्रों को फिर देनी होगी परीक्षा

Paper leak shakes country's largest medical entrance exam: NEET UG 2026 cancelled! CBI investigation ordered, 2.2 million students to retake exam

नई दिल्ली। देश की सबसे बड़ी और प्रतिष्ठित मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET UG 2026 को राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) ने रद्द कर दिया है। पेपर लीक और परीक्षा प्रक्रिया में गड़बड़ी की आशंकाओं के बीच यह बड़ा फैसला लिया गया है। केंद्र सरकार ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) को सौंप दी है, जबकि NTA ने दोबारा परीक्षा आयोजित करने की घोषणा की है। इस फैसले से देशभर के करीब 22 लाख छात्रों और उनके परिवारों में चिंता और असमंजस की स्थिति पैदा हो गई है।

बताया जा रहा है कि 3 मई 2026 को आयोजित हुई NEET UG परीक्षा के बाद कुछ राज्यों से पेपर लीक और “गेस पेपर” से सवाल मेल खाने की शिकायतें सामने आने लगी थीं। शुरुआती तौर पर इन शिकायतों को सामान्य माना गया, लेकिन 7 मई तक सोशल मीडिया और विभिन्न प्लेटफॉर्म्स पर कई ऐसे दस्तावेज वायरल हुए, जिनमें परीक्षा में पूछे गए सवालों से मिलते-जुलते प्रश्न मौजूद थे। इसके बाद मामला तेजी से तूल पकड़ गया।

शिकायतों के आधार पर राजस्थान पुलिस समेत कई राज्य एजेंसियों ने जांच शुरू की। जांच के दौरान 100 से अधिक सवालों के समान होने की बात सामने आई। कई संदिग्धों की गिरफ्तारी हुई और मामला केंद्रीय एजेंसियों तक पहुंच गया। 8 मई 2026 को यह मामला स्वतंत्र जांच और आवश्यक कार्रवाई के लिए केंद्रीय एजेंसियों को सौंपा गया। जांच रिपोर्ट मिलने के बाद NTA और केंद्र सरकार ने परीक्षा को रद्द करने का निर्णय लिया।

NTA ने अपने आधिकारिक बयान में कहा कि कानून लागू करने वाली एजेंसियों से प्राप्त रिपोर्टों और उपलब्ध सबूतों की समीक्षा के बाद यह स्पष्ट हुआ कि परीक्षा प्रक्रिया की निष्पक्षता प्रभावित हो सकती है। एजेंसी ने कहा, “सभी तथ्यों पर विचार करने के बाद मौजूदा परीक्षा प्रक्रिया को जारी रखना संभव नहीं था। परीक्षा प्रणाली की पारदर्शिता और विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए परीक्षा रद्द करना आवश्यक था।”

एजेंसी ने माना कि इस फैसले से लाखों छात्रों और उनके परिवारों को असुविधा होगी, लेकिन भविष्य में परीक्षा प्रणाली पर विश्वास बनाए रखने के लिए यह कदम जरूरी था। NTA ने यह भी स्पष्ट किया है कि दोबारा परीक्षा के लिए छात्रों को नया रजिस्ट्रेशन नहीं करना होगा। मई 2026 सत्र के लिए किया गया पंजीकरण, उम्मीदवारों का डेटा और पहले से चुने गए परीक्षा केंद्र वैध रहेंगे।

इसके साथ ही NTA ने यह घोषणा भी की है कि छात्रों से दोबारा कोई अतिरिक्त परीक्षा शुल्क नहीं लिया जाएगा। पहले जमा की गई फीस उम्मीदवारों को वापस की जाएगी और परीक्षा का आयोजन एजेंसी अपने आंतरिक संसाधनों से करेगी। नई परीक्षा तिथि, एडमिट कार्ड और अन्य जरूरी दिशा-निर्देश जल्द ही NTA की आधिकारिक वेबसाइट और सूचना माध्यमों पर जारी किए जाएंगे।

इस पूरे घटनाक्रम ने देश की परीक्षा प्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। विपक्षी दलों ने सरकार और NTA की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए इसे छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ बताया है। शिक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि बार-बार होने वाले पेपर लीक और परीक्षा रद्द होने की घटनाएं देश की परीक्षा व्यवस्था में गहरी खामियों की ओर इशारा करती हैं।

अब सभी की निगाहें CBI जांच और सरकार द्वारा उठाए जाने वाले अगले कदमों पर टिकी हैं। देशभर के लाखों छात्र नई परीक्षा तिथि की प्रतीक्षा कर रहे हैं, लेकिन इस पूरे विवाद ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि आखिर देश की सबसे बड़ी प्रवेश परीक्षाओं की सुरक्षा व्यवस्था इतनी कमजोर क्यों है?