देवभूमि में भक्ति का सैलाब: चारधाम यात्रा का शंखनाद, ऋषिकेश में पंजीकरण शुरू, आज सीएम धामी दिखाएंगे हरी झंडी
ऋषिकेश। विश्वप्रसिद्ध चारधाम यात्रा के लिए देवभूमि उत्तराखंड पूरी तरह तैयार है। शनिवार को ऋषिकेश स्थित ट्रांजिट कैंप और आईएसबीटी में यात्रियों के पंजीकरण की प्रक्रिया शुरू होते ही तीर्थयात्रियों का उत्साह चरम पर दिखाई दिया। इस पावन यात्रा का औपचारिक शुभारंभ आज मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी सुबह 11 बजे यात्रियों के पहले जत्थे को हरी झंडी दिखाकर करेंगे।
चारधाम यात्रा में तीर्थयात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दे दिया गया है और शनिवार से यात्रा का विधिवत आगाज होने जा रहा है। ऋषिकेश स्थित ट्रांजिट कैंप में पंजीकरण प्रक्रिया शुरू होते ही यात्रियों में खासा उत्साह देखने को मिल रहा है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी आज सुबह 11 बजे यात्रियों के पहले जत्थे को हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे। चारधाम यात्रा के पंजीकरण प्रभारी प्रेमानंद ने बताया कि सुबह 6 बजे से कुल 30 काउंटरों पर पंजीकरण शुरू किया गया है। इनमें 24 काउंटर ट्रांजिट कैंप और 6 काउंटर आईएसबीटी परिसर में बनाए गए हैं। पहले ही दिन दोपहर 12 बजे तक करीब 150 श्रद्धालुओं ने अपना पंजीकरण करा लिया। खास बात यह रही कि नेपाल से आए 30 श्रद्धालुओं का दल सबसे पहले पंजीकरण कराने वालों में शामिल रहा। यात्रा प्रशासन के विशेष कार्याधिकारी पीपी नौटियाल के अनुसार, यात्रियों की सुविधा के लिए सभी जरूरी व्यवस्थाएं सुनिश्चित कर दी गई हैं। साफ-सफाई, स्वास्थ्य सेवाएं, सुरक्षा और आवास की व्यवस्था को दुरुस्त किया गया है। एसडीएम ने नगर निगम अधिकारियों के साथ बैठक कर ट्रांजिट कैंप में पर्याप्त कर्मचारियों की तैनाती और शहर में सफाई व्यवस्था मजबूत करने के निर्देश दिए हैं।
सुरक्षा और परिवहन व्यवस्था को लेकर भी प्रशासन सतर्क है। आईएसबीटी सभागार में एसपी देहात जया बलूनी की अध्यक्षता में बैठक आयोजित की गई, जिसमें ट्रांसपोर्टरों ने अवैध (डग्गामार) वाहनों पर रोक लगाने की मांग उठाई। इस पर एआरटीओ प्रवर्तन रश्मि पंत ने स्पष्ट किया कि यात्रा के दौरान केवल वैध टोल पर्ची वाले वाहनों को ही ग्रीन कार्ड जारी किया जाएगा। अन्य राज्यों के वाहनों के लिए 15 दिन की अवधि का ग्रीन कार्ड अनिवार्य किया गया है। नई व्यवस्था के तहत राज्य के वाहन केवल अपने राज्य के भीतर से यात्रियों को लेकर उन्हें राज्य के भीतर ही छोड़ेंगे। वहीं नगर निगम ने व्यापारियों को अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिए हैं, ताकि यात्रा मार्ग बाधारहित बना रहे। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सड़क किनारे बने अवैध स्टैंड और अतिक्रमण को जल्द हटाया जाएगा। यात्रियों में भी यात्रा को लेकर भारी उत्साह है। नेपाल से आए खेमराज सुवेदी ने प्रशासन की व्यवस्थाओं की सराहना करते हुए कहा कि उन्हें यहां बेहतर स्वास्थ्य जांच और सुविधाएं मिलीं। वहीं राधा कृष्ण घिमिरे ने कहा कि चारधाम यात्रा पर जाने का अनुभव बेहद सुखद है और वे भविष्य में भी हर साल यहां आने की इच्छा रखते हैं। चारधाम यात्रा के सफल संचालन के लिए परिवहन विभाग ने भद्रकाली मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना भी की। अधिकारियों ने यात्रा के सुचारू संचालन और श्रद्धालुओं की सुरक्षित यात्रा की कामना की। स्पष्ट है कि प्रशासन ने इस बार चारधाम यात्रा को सुव्यवस्थित, सुरक्षित और सुगम बनाने के लिए व्यापक तैयारियां की हैं। अब नजरें यात्रा के सफल संचालन और श्रद्धालुओं के अनुभव पर टिकी हैं।