हाईवे पर मौत से 'सेकंड्स' की जंग: बस से टकराकर आग का गोला बनी कार, पुलिस की जांबाजी से सुरक्षित निकले 5 यात्री
हरिद्वार। देहरादून-नजीबाबाद हाईवे पर उस वक्त चीख-पुकार मच गई, जब एक तेज रफ्तार कार बस से टकराने के बाद अचानक धू-धू कर जलने लगी। देखते ही देखते कार आग का गोला बन गई, लेकिन गनीमत रही कि पास ही मौजूद चिड़ियापुर पुलिस चौकी के जवानों ने देवदूत बनकर कार में फंसे पांचों यात्रियों को मौत के मुंह से बाहर निकाल लिया।
जानकारी के अनुसार, सीएनजी किट लगी एक रिनॉल्ट ट्राइबर टैक्सी देहरादून से नहटौर की ओर जा रही थी। कार में चालक समेत कुल पांच लोग सवार थे। जैसे ही कार चिड़ियापुर चेक पोस्ट के पास पहुँची, तभी आगे चल रही बस के सामने अचानक एक जंगली जानवर आ गया। जानवर को बचाने के चक्कर में बस चालक ने जैसे ही 'इमरजेंसी ब्रेक' मारे, पीछे से आ रही तेज रफ्तार कार सीधे बस के पिछले हिस्से में जा घुसी। टक्कर इतनी जोरदार थी कि सीएनजी कार ने तुरंत आग पकड़ ली। कार के भीतर फंसे यात्री सदमे और धुएं के कारण बाहर नहीं निकल पा रहे थे। मौके पर अफरा-तफरी का माहौल था। तभी चिड़ियापुर पुलिस चौकी का स्टाफ बिना वक्त गंवाए मौके पर पहुंचा। पुलिसकर्मियों ने जान की बाजी लगाकर कार के दरवाजे खोलकर सभी पांचों यात्रियों को सुरक्षित बाहर खींचा। हादसे के बाद पुलिस ने सूझबूझ का परिचय देते हुए हाईवे के दोनों ओर ट्रैफिक रुकवा दिया, ताकि कोई और वाहन इसकी चपेट में न आए। फायर ब्रिगेड को सूचना दी गई, लेकिन पुलिसकर्मियों ने संसाधनों की कमी के बावजूद आग बुझाना शुरू कर दिया। जब तक दमकल की गाड़ी पहुंची, पुलिस काफी हद तक स्थिति पर नियंत्रण पा चुकी थी। हालांकि, तब तक कार का अधिकांश हिस्सा जलकर खाक हो चुका था। हादसे और आगजनी के कारण देहरादून-नजीबाबाद हाईवे के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। लोगों में इस बात की चर्चा थी कि अगर पुलिस चौकी पास न होती और पुलिसकर्मी तुरंत सक्रिय न होते, तो एक बड़ी जनहानि हो सकती थी। पुलिस ने क्षतिग्रस्त वाहन को क्रेन की मदद से हटाकर करीब एक घंटे बाद यातायात सुचारू कराया। हादसे के बाद श्यामपुर पुलिस ने वाहन चालकों से अपील की है कि हाईवे पर सुरक्षित दूरी बनाए रखें, ताकि अचानक ब्रेक लगने की स्थिति में वाहनों को टकराने से बचाया जा सके। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और सभी यात्री पूरी तरह सुरक्षित हैं।